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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची स्थित एक अवैध कॉलोनी के निवासियों ने शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपना रोष व्यक्त किया। इन रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और उनका यह इंतज़ार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। लंबे समय से चली आ रही इस उपेक्षा के कारण अब वे केवल न्याय और व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
KHABAR WITH KK
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची स्थित एक अवैध कॉलोनी के निवासियों ने शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपना रोष व्यक्त किया। इन रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और उनका यह इंतज़ार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। लंबे समय से चली आ रही इस उपेक्षा के कारण अब वे केवल न्याय और व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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- नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल-सागर राजमार्ग पर 24,000 से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे।4
- विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं। इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- किसान जागृति संगठन ने रायसेन कलेक्ट्रेट में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने अपनी इस मांग को पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।1
- सागर पुलिस द्वारा जिला पंचायत सदस्य और लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष प्रिय सर्वजीत सिंह की गिरफ्तारी पर पंचायत मंत्री ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई की तीव्र निंदा करते हुए इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है। पंचायत मंत्री ने इस मामले में पिछले दो वर्षों से अनिश्चितता बनाए रखने और फिर अचानक गिरफ्तारी करने को 'जनप्रतिनिधि को अपमानित करने की सोची-समझी कोशिश' बताया। उन्होंने पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया। मंत्री ने प्रिय सर्वजीत सिंह का खुलकर समर्थन करने की बात कही है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले किसानों ने अपनी मूंग की फसल की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीद और खाद की पर्याप्त आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तेंदूखेड़ा एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि सरकार को उनकी मूंग की फसल को शीघ्र ही समर्थन मूल्य पर पूरी मात्रा में खरीदना चाहिए और उन्हें खाद संबंधी समस्याओं से तत्काल राहत दिलानी चाहिए। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 जुलाई तक उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो संघ एक उग्र आंदोलन शुरू करेगा। इस घटनाक्रम पर तेंदूखेड़ा के नायब तहसीलदार मंसूर अंसारी, किसान राजेश खेरोनिया और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के नरसिंहपुर उपाध्यक्ष यसवंत सिंह पटेल ने भी अपनी बात रखी।1
- विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।4
- राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले तेन्दूखेडा में किसानों ने एक विशाल आंदोलन किया है। यह प्रदर्शन समर्थन मूल्य पर मूँग की खरीदी की माँग को लेकर किया गया।1
- सागर जिले में रविवार दोपहर अचानक हुए मौसम परिवर्तन के कारण जीवन रेन बसेरा डिग्री कॉलेज रोड के पास लगे एक बिजली के खंभे पर जोरदार आवाज के साथ बिजली का तार टूट गया। तार टूटने से जमकर चिंगारियां उठीं, वहीं अचानक बिजली चमकने और तेज़ बारिश के चलते बिजली के खंभे में आग लग गई। गनीमत रही कि इस घटना से एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लाइन को दुरुस्त किया।1