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किसान जागृति संगठन ने रायसेन कलेक्ट्रेट में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने अपनी इस मांग को पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।

3 hrs ago
user_ABBTAK NEWS Dewangnj
ABBTAK NEWS Dewangnj
रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

किसान जागृति संगठन ने रायसेन कलेक्ट्रेट में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने अपनी इस मांग को पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।

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  • किसान जागृति संगठन ने रायसेन कलेक्ट्रेट में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने अपनी इस मांग को पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
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    किसान जागृति संगठन ने रायसेन कलेक्ट्रेट में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने अपनी इस मांग को पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सागर पुलिस द्वारा जिला पंचायत सदस्य और लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष प्रिय सर्वजीत सिंह की गिरफ्तारी पर पंचायत मंत्री ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई की तीव्र निंदा करते हुए इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है। पंचायत मंत्री ने इस मामले में पिछले दो वर्षों से अनिश्चितता बनाए रखने और फिर अचानक गिरफ्तारी करने को 'जनप्रतिनिधि को अपमानित करने की सोची-समझी कोशिश' बताया। उन्होंने पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया। मंत्री ने प्रिय सर्वजीत सिंह का खुलकर समर्थन करने की बात कही है।
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    सागर पुलिस द्वारा जिला पंचायत सदस्य और लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष प्रिय सर्वजीत सिंह की गिरफ्तारी पर पंचायत मंत्री ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई की तीव्र निंदा करते हुए इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है।

पंचायत मंत्री ने इस मामले में पिछले दो वर्षों से अनिश्चितता बनाए रखने और फिर अचानक गिरफ्तारी करने को 'जनप्रतिनिधि को अपमानित करने की सोची-समझी कोशिश' बताया। उन्होंने पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया।

मंत्री ने प्रिय सर्वजीत सिंह का खुलकर समर्थन करने की बात कही है।
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    20 hrs ago
  • नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल-सागर राजमार्ग पर 24,000 से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे।
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    नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल-सागर राजमार्ग पर 24,000 से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं। इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं।

इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है।

पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_Jagmohan tiwari
    Jagmohan tiwari
    Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • भोपाल के कोलार रोड स्थित सर्वधर्म ए सेक्टर में एक खाटू श्याम मंदिर और हनुमान मंदिर है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच अपनी विशेष पहचान रखता है, ऐसी मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
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    भोपाल के कोलार रोड स्थित सर्वधर्म ए सेक्टर में एक खाटू श्याम मंदिर और हनुमान मंदिर है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच अपनी विशेष पहचान रखता है, ऐसी मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
    user_कोलार की धड़कन
    कोलार की धड़कन
    कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस कानून के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड और मंदिर समितियों की संरचना को लेकर अपनी बात रखी है। शमशुल हसन ने मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 लागू होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला मुस्लिम समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से सवाल किया कि देश में कई बड़े मंदिरों की समितियाँ हैं, लेकिन क्या कभी किसी समिति में किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है? यदि मंदिर समितियों में ऐसा नहीं किया जाता, तो फिर वक्फ से जुड़े मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है? शमशुल हसन ने कहा कि यदि सरकार समानता की बात करती है, तो उसे मुसलमानों को भी मंदिर प्रबंधन समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने और किसी भी समुदाय की धार्मिक संस्थाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया। फिलहाल, वक्फ कानून 2026 को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इन उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देती है।
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    मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस कानून के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड और मंदिर समितियों की संरचना को लेकर अपनी बात रखी है।

शमशुल हसन ने मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 लागू होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला मुस्लिम समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से सवाल किया कि देश में कई बड़े मंदिरों की समितियाँ हैं, लेकिन क्या कभी किसी समिति में किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है? यदि मंदिर समितियों में ऐसा नहीं किया जाता, तो फिर वक्फ से जुड़े मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है? शमशुल हसन ने कहा कि यदि सरकार समानता की बात करती है, तो उसे मुसलमानों को भी मंदिर प्रबंधन समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने और किसी भी समुदाय की धार्मिक संस्थाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया।

फिलहाल, वक्फ कानून 2026 को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इन उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देती है।
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
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    विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा।

तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी पर बने रपटे से बसें अपनी और यात्रियों की जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजर रही हैं। इस खतरनाक स्थिति के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह जानलेवा रास्ता इसलिए इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की स्थिति बेहाल है।
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    नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी पर बने रपटे से बसें अपनी और यात्रियों की जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजर रही हैं। इस खतरनाक स्थिति के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह जानलेवा रास्ता इसलिए इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की स्थिति बेहाल है।
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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