नदी में डूबने से हुई मौत के बाद विधायक एवं बीडीओ मृतक के घर पहुंच शोकाकुल परिजनों से मिले, मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये का सौंपा चेक गोविंदपुर। प्रफुल्ल कुमार सुमन गोविंदपुर प्रखंड के गोविंदपुर डीह निवासी 10 वर्षीय निक्की कुमार की सकरी नदी में डूबने से हुई मौत के बाद शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक विनीता मेहता एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कुमार शैलेंद्र मृतक के घर पहुंचे। दोनों ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र ने मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मृतक के पिता शिक्षक अवधेश कुमार भारती तथा चाचा सुनील कुमार ने बताया कि निक्की अपने चार साथियों के साथ सकरी नदी की ओर गया था। इसी दौरान नदी में बने गहरे गड्ढे में डूब जाने से उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सकरी नदी से नियमों की अनदेखी करते हुए 20 से 25 फीट तक बालू का खनन किया गया, जिससे नदी में कई स्थानों पर अत्यधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं और लगातार हादसों की आशंका बनी हुई है। बीडीओ कुमार शैलेंद्र ने कहा कि दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नदी के गहरे स्थानों पर रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगाया जाएगा, ताकि लोग उसे देखकर सतर्क हो सकें और उन स्थानों पर जाने से बचें। वहीं विधायक विनीता मेहता ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर मामले को बिहार विधानसभा में भी उठाया था तथा जिला पदाधिकारी को अवगत कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा सकरी नदी से मनमाने ढंग से बालू का उठाव किया गया, जिसके कारण नदी में खतरनाक गहराई बन गई है। मृतक के घर से लौटने के दौरान रास्ते में स्थानीय दर्जनों महिलाओं ने विधायक को रोककर अपनी पीड़ा बताई। महिलाओं ने कहा कि सकरी नदी में अंधाधुंध बालू खनन के कारण नदी कई स्थानों पर बेहद गहरी हो गई है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से अवैध एवं मनमाने बालू उठाव पर रोक लगाने तथा स्थाई समाधान निकालने की मांग की। इस अवसर पर 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति की अध्यक्ष शोभा कुमारी, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश नाथ वर्मा, जगदीश यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
नदी में डूबने से हुई मौत के बाद विधायक एवं बीडीओ मृतक के घर पहुंच शोकाकुल परिजनों से मिले, मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये का सौंपा चेक गोविंदपुर। प्रफुल्ल कुमार सुमन गोविंदपुर प्रखंड के गोविंदपुर डीह निवासी 10 वर्षीय निक्की कुमार की सकरी नदी में डूबने से हुई मौत के बाद शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक विनीता मेहता एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कुमार शैलेंद्र मृतक के घर पहुंचे। दोनों ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र ने मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत
मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मृतक के पिता शिक्षक अवधेश कुमार भारती तथा चाचा सुनील कुमार ने बताया कि निक्की अपने चार साथियों के साथ सकरी नदी की ओर गया था। इसी दौरान नदी में बने गहरे गड्ढे में डूब जाने से उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सकरी नदी से नियमों की अनदेखी करते हुए 20 से 25 फीट तक बालू का खनन किया गया, जिससे नदी में कई स्थानों पर अत्यधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं और
लगातार हादसों की आशंका बनी हुई है। बीडीओ कुमार शैलेंद्र ने कहा कि दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नदी के गहरे स्थानों पर रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगाया जाएगा, ताकि लोग उसे देखकर सतर्क हो सकें और उन स्थानों पर जाने से बचें। वहीं विधायक विनीता मेहता ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर मामले को बिहार विधानसभा में भी उठाया था तथा जिला पदाधिकारी को अवगत कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा सकरी नदी से मनमाने ढंग से बालू का उठाव किया गया, जिसके कारण नदी में खतरनाक गहराई बन गई है। मृतक के घर से
लौटने के दौरान रास्ते में स्थानीय दर्जनों महिलाओं ने विधायक को रोककर अपनी पीड़ा बताई। महिलाओं ने कहा कि सकरी नदी में अंधाधुंध बालू खनन के कारण नदी कई स्थानों पर बेहद गहरी हो गई है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से अवैध एवं मनमाने बालू उठाव पर रोक लगाने तथा स्थाई समाधान निकालने की मांग की। इस अवसर पर 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति की अध्यक्ष शोभा कुमारी, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश नाथ वर्मा, जगदीश यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
- कोडरमा: 30 वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक सुधीर कुमार सिंह को भावभीनी विदाई, छात्रों की आंखें हुईं नम1
- नवादा जिला पत्रकार संगठन की नगर इकाई का गठन, नए पदाधिकारियों का हुआ चयन रिपोर्ट कौशल पांडेय नवादा, 31 जुलाई। जिला जनसंपर्क कार्यालय (डीपीआरओ), नवादा में शुक्रवार को नवादा जिला पत्रकार संगठन के तत्वावधान में नवादा नगर इकाई के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार साजिद हुसैन ने की। बैठक में संगठन को सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से नगर इकाई के नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें उदय उपाध्याय को अध्यक्ष, धर्मजीत कुमार सिन्हा को सचिव तथा मोहम्मद वसीम अकरम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन की एकता और मजबूती के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करेंगे। बैठक में संगठन के अनेक सदस्य एवं पत्रकार उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। नवादा जिला पत्रकार संगठन की नगर इकाई का गठन, नए पदाधिकारियों का हुआ चयन रिपोर्ट कौशल पांडेय नवादा, 31 जुलाई। जिला जनसंपर्क कार्यालय (डीपीआरओ), नवादा में शुक्रवार को नवादा जिला पत्रकार संगठन के तत्वावधान में नवादा नगर इकाई के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार साजिद हुसैन ने की। बैठक में संगठन को सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से नगर इकाई के नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें उदय उपाध्याय को अध्यक्ष, धर्मजीत कुमार सिन्हा को सचिव तथा मोहम्मद वसीम अकरम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन की एकता और मजबूती के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करेंगे। बैठक में संगठन के अनेक सदस्य एवं पत्रकार उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।2
- संसद में सियासी ड्रामा चरम पर,पप्पू यादव बने पुजारी, राहुल गांधी ने किया दान, और फिर दानपात्र लेकर भाग निकले!" "संसद में सियासी ड्रामा चरम पर—पप्पू यादव बने पुजारी, राहुल गांधी ने किया दान, और फिर दानपात्र लेकर भाग निकले!"1
- डोमचांच में ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान में नशे में हाईवा चला रहा चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त डोमचांच पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान चलाया। अभियान के दौरान शराब के नशे में गिट्टी लदे हाईवा का संचालन कर रहे चालक को पकड़कर वाहन जब्त कर लिया गया। ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने पर चालक पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी अभिमन्यु कुमार ने शुक्रवार को 10 बजे कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डोमचांच में ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान में नशे में हाईवा चला रहा चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त डोमचांच पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान चलाया। अभियान के दौरान शराब के नशे में गिट्टी लदे हाईवा का संचालन कर रहे चालक को पकड़कर वाहन जब्त कर लिया गया। ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने पर चालक पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी अभिमन्यु कुमार ने शुक्रवार को 10 बजे कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- कागजों में खुद गई 55 लाख की पइन, धरातल पर एक फावड़ा भी नहीं चला - सोनसा में मनरेगा घोटाला* : कागजों में खुद गई 55 लाख की पइन, धरातल पर एक फावड़ा भी नहीं चला - सोनसा में मनरेगा घोटाला* हिसुआ सरकारी फाइलों में पइन पूरी तरह खुदी हुई दिख रही है, लेकिन मौके पर घास-झाड़ियां उगी हैं। मामला हिंदुआ प्रखंड की सोनसा पंचायत का है, जहां मनरेगा योजना से बनने वाली नटेरी पइन में 55 लाख 26 हजार रुपये के गबन का सनसनीखेज आरोप लगा है। आरोप पंचायत की मुखिया जमीला खातून और उनके प्रतिनिधि नसीम अख्तर उर्फ तस्लीमुद्दीन पर है। ग्रामीणों - ग्रामीण भोला सिंह, संकेत बिहारी,, शानू कुमार, बाजो शर्मा, प्रमोद कुमार, उमेश मांझी, नर्सा मांझी, बच्चू मांझी, अनुज पंडित व रामचरित्र मांझी सहित दर्जनों ग्रामीणों का आरोप है कि मनेरगा में भारी अनियमितता हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग तीन किलोमीटर लंबी पइन में सिर्फ खानापूर्ति कर पूरी राशि निकाल ली गई। जबकि हकीकत ये है कि पइन की वर्तमान दुरवस्था के कारण एकमात्र सहारा यही पइन है। पइन में सिल्ट नहीं निकलने से गुरचक के पास से ही पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस पइन से चार महीने पहले ही काम शुरू होना था। अगर पइन की खुदाई सही तरीके से हुई होती, तो बरसात का पानी गांव तक पहुंच जाता और धान की रोपनी शुरू हो गई होती। लेकिन अब खेत सूखे पड़े हैं और नकदी फसल संकट में है। इसको लेकर ग्रामीणों ने बीडीओ देवानंद कुमार सिंह को आवेदन देकर जांच की मांग की है। बीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा पीओ के पास जांच के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने बीडीओ, डीएम सहित प्रदेश स्तर तक आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। ---2
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- डोमचांच नगर पंचायत का मॉड्यूलर टॉयलेट रखरखाव के अभाव में बदहाल डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र में बनाए गए मॉड्यूलर टॉयलेट रखरखाव के अभाव में बेकार होते जा रहे हैं। नियमित सफाई नहीं होने, पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण इनका उपयोग लगभग बंद हो गया है। वर्तमान में ये केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।शुक्रवार को 1 बजे स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सरकारी धन की बर्बादी का उदाहरण है। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने टॉयलेट का निर्माण तो करा दिया, लेकिन इसके रखरखाव, साफ-सफाई, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की। परिणामस्वरूप वर्षों से यह मॉड्यूलर टॉयलेट आम लोगों के किसी काम का नहीं रह गया है।स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मॉड्यूलर टॉयलेट को उपयोगी बनाने की मांग की है। डोमचांच नगर पंचायत का मॉड्यूलर टॉयलेट रखरखाव के अभाव में बदहाल डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र में बनाए गए मॉड्यूलर टॉयलेट रखरखाव के अभाव में बेकार होते जा रहे हैं। नियमित सफाई नहीं होने, पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण इनका उपयोग लगभग बंद हो गया है। वर्तमान में ये केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।शुक्रवार को 1 बजे स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सरकारी धन की बर्बादी का उदाहरण है। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने टॉयलेट का निर्माण तो करा दिया, लेकिन इसके रखरखाव, साफ-सफाई, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की। परिणामस्वरूप वर्षों से यह मॉड्यूलर टॉयलेट आम लोगों के किसी काम का नहीं रह गया है।स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मॉड्यूलर टॉयलेट को उपयोगी बनाने की मांग की है।1
- उनका बयान अब झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन के बीच चर्चा का विषय बन गया है।आपकी राय क्या है? क्या जयराम महतो को JPSC आंदोलन में शामिल होना चाहिए था? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।👉 पूरी खबर देखें और पेज झारखंड सवेरा 24 न्यूज़ को फॉलो करें।#JPSC #JPSCProtest #JayramMahato #Jharkhand #JharkhandNews #StudentProtest #JSSC #Ranchi #Dhanbad #JharkhandSavera24News #BreakingNews #ViralNews #LatestNews1