दुखों,कष्टों का अंत नहीं होने का कारण,गुरु की एक भी शिक्षा,सीख का अनुसरण नहीं करना:संत सुभाष शास्त्री जी महाराज -कहा,गुरु एक विचार हैं,वह सबके साथ हैं,गुरु मिलने का अर्थ है कि आपको मन की सफाई रोज-रोज करनी है। - श्री अखंड परमधाम आश्रम में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरु पूजा करने के लिए शिष्यों का उमड़ा सैलाब नौनाथ सांबा 1अगस्त 2026 गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में श्री अखंड परमधाम आश्रम नौनाथ घगवाल में आयोजित दो दिवसीय गुरु पूजा कार्यक्रम के पहले दिन गुरु पूजा के लिए शिष्यों का सैलाब उमड़ा। शिष्यों को आशीर्वाद देते हुए संत शिरोमणि संत सुभाष शास्त्री जी महाराज ने कहा कि आज के समय में गुरु के चरणों की पूजा, आषाढ़ पूर्णिमा पर एक परम्परा बन गई है। हम यह नहीं कहते कि हम पर श्रद्धा नहीं है। हम यह कहना चाहते हैं कि आपको हमारी शिक्षाओं का अनुसरण कर पाना कठिन प्रतीत होता है, यही कारण है कि आपमें से अधिकतर शिष्य, मानसिक शांति की प्राप्त नहीं कर पा रहे। इसलिए हमारा आपसे अनुरोध है कि आप सत्संग सुने, जो उसमें शिक्षा है उस पर अनुसरण अवश्य करें। शास्त्री जी ने अपने शिष्यों से कहा कि आप जानते हैं कि गुरु का सबसे प्रिय शिष्य वह होता है जो गुरु-आज्ञा का पालन करे । यानि गुरु जो उपदेश करें, आदेश दें, वह मनसा, वाचा, कर्मणा उसका पालन करे। हम सभी को याद रखना चाहिए कि गुरु ने दीक्षा देते समय हमे किन-किन नियमों का पालन करने के लिए अनुरोध किया था और हमने भी खूब सोच समझकर, अपना आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक एवं अपना सर्वस्व माना था। शास्त्री जी ने कहा कि हमारे श्री गुरदेव जी ने भी हमें पूरी तरह से आश्वस्त किया था कि तुम मेरी आज्ञा मानों, मैं तुम्हारे समस्त दुखों को हर लूंगा। अब यक्ष-प्रश्न यह उठता है कि दुखों, कष्टों का अंत क्यों नहीं हो रहा, तो बंधुओं उत्तर है आपने हमारी एक भी शिक्षा, सीख का अनुसरण नहीं किया। अंत में शास्त्री जी ने समझाया कि गुरु एक विचार हैं, वह सबके साथ हैं, गुरु मिलने का अर्थ है कि आपको मन की सफाई रोज-रोज करनी है। ज्ञान का प्रकाश तुम्हारे भीतर है, गुरु ने एक रास्ता दिखाया है, उस पर चलना तुम्हें है और फिर भीतर आप पाओगे-प्रकाश ही प्रकाश, आनंद ही आनंद, शांति, मानसिक शांति।
दुखों,कष्टों का अंत नहीं होने का कारण,गुरु की एक भी शिक्षा,सीख का अनुसरण नहीं करना:संत सुभाष शास्त्री जी महाराज -कहा,गुरु एक विचार हैं,वह सबके साथ हैं,गुरु मिलने का अर्थ है कि आपको मन की सफाई रोज-रोज करनी है। - श्री अखंड परमधाम आश्रम में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरु पूजा करने के लिए शिष्यों का उमड़ा सैलाब नौनाथ सांबा 1अगस्त 2026 गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में श्री अखंड परमधाम आश्रम नौनाथ घगवाल में आयोजित दो दिवसीय गुरु पूजा कार्यक्रम के पहले दिन गुरु पूजा के लिए शिष्यों का सैलाब उमड़ा। शिष्यों को आशीर्वाद देते हुए संत शिरोमणि संत सुभाष शास्त्री जी महाराज ने कहा कि आज के समय में गुरु के चरणों की पूजा, आषाढ़ पूर्णिमा पर एक परम्परा बन गई है। हम यह नहीं कहते कि हम पर श्रद्धा नहीं है। हम यह कहना चाहते हैं कि आपको हमारी शिक्षाओं का अनुसरण कर पाना कठिन प्रतीत होता है, यही कारण है कि आपमें से अधिकतर शिष्य, मानसिक शांति की प्राप्त नहीं कर पा रहे। इसलिए हमारा आपसे अनुरोध है कि आप सत्संग सुने, जो उसमें शिक्षा है उस पर अनुसरण अवश्य करें। शास्त्री जी ने अपने शिष्यों से कहा
कि आप जानते हैं कि गुरु का सबसे प्रिय शिष्य वह होता है जो गुरु-आज्ञा का पालन करे । यानि गुरु जो उपदेश करें, आदेश दें, वह मनसा, वाचा, कर्मणा उसका पालन करे। हम सभी को याद रखना चाहिए कि गुरु ने दीक्षा देते समय हमे किन-किन नियमों का पालन करने के लिए अनुरोध किया था और हमने भी खूब सोच समझकर, अपना आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक एवं अपना सर्वस्व माना था। शास्त्री जी ने कहा कि हमारे श्री गुरदेव जी ने भी हमें पूरी तरह से आश्वस्त किया था कि तुम मेरी आज्ञा मानों, मैं तुम्हारे समस्त दुखों को हर लूंगा। अब यक्ष-प्रश्न यह उठता है कि दुखों, कष्टों का अंत क्यों नहीं हो रहा, तो बंधुओं उत्तर है आपने हमारी एक भी शिक्षा, सीख का अनुसरण नहीं किया। अंत में शास्त्री जी ने समझाया कि गुरु एक विचार हैं, वह सबके साथ हैं, गुरु मिलने का अर्थ है कि आपको मन की सफाई रोज-रोज करनी है। ज्ञान का प्रकाश तुम्हारे भीतर है, गुरु ने एक रास्ता दिखाया है, उस पर चलना तुम्हें है और फिर भीतर आप पाओगे-प्रकाश ही प्रकाश, आनंद ही आनंद, शांति, मानसिक शांति।
- बरसात में बढ़ा पीलिया, डायरिया और सर्पदंश का खतरा, सिविल अस्पताल नूरपुर ने जारी की एडवाइजरी बरसात में बढ़ा पीलिया, डायरिया और सर्पदंश का खतरा, सिविल अस्पताल नूरपुर ने जारी की एडवाइजरी एमएस डॉ. अनुपमा शर्मा की अपील—लक्षण दिखते ही अस्पताल पहुंचें, झाड़-फूंक और घरेलू उपचार से बचें; अस्पताल में उपलब्ध है सर्पदंश का उपचार लोकेशन नूरपुर, भूषण शर्मा एंकर- बरसात का मौसम अपने साथ सिर्फ राहत ही नहीं, बल्कि कई संक्रामक बीमारियों और सर्पदंश जैसी घटनाओं का खतरा भी लेकर आता है। ऐसे में सिविल अस्पताल नूरपुर ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुपमा शर्मा ने लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह जारी की है। बरसात के मौसम में पीलिया, डायरिया, उल्टी-दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन इन बीमारियों का मुख्य कारण बनते हैं। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पानी पीने, ताजा भोजन करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। सिविल अस्पताल नूरपुर की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुपमा शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, बुखार या पीलिया के लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। बाइट – डॉ. अनुपमा शर्मा, एमएस सिविल अस्पताल नूरपुर बरसात के मौसम में पीलिया, डायरिया और अन्य संक्रमण तेजी से फैलते हैं। लोग स्वच्छ पानी पिएं, साफ-सफाई रखें और बीमारी के लक्षण दिखते ही अस्पताल में इलाज कराएं। डॉ. शर्मा ने बताया कि बरसात के दौरान सांप और अन्य विषैले जीवों के काटने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश होने पर मरीज को बिना देरी किए सीधे अस्पताल लेकर आएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार उपलब्ध है।1
- जम्मू: दो युवतियों ने एक-दूसरे से शादी करने का किया दावा, वीडियो जारी कर रखी अपनी बात। दोनों युवतियों का कहना है कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकतीं और अपनी मर्जी से साथ रहने का फैसला किया है। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय Jammu Administration #Jammu #BreakingNews #ViralVideo #TillTheEndNews #JammuKashmir #NewsUpdate1
- दिलावर सिंह मन्हास की गिरफ्तारी पर Mehraj Malik की तीखी प्रतिक्रिया, बोले- जिम्मेदारों पर कब होगी... See more1
- श्री कृष्ण जी ने कभी नहीं कहा था कि गोर्वधन की पूजा करो कृष्ण जी ने कभी नहीं कहा कि गोर्वधन की पूजा करो1
- ऊना पुलिस की बड़ी कार्रवाई पर पूर्व विधायक रायजादा ने थपथपाई एसपी की पीठ कहा, नशा तस्करों का कोई दल नहीं, किसी को नहीं मिलेगा राजनीतिक संरक्षण प्रदेश सरकार द्वारा पूरे राज्य में चलाए जा रहे नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत ऊना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी पर ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ और उनकी पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। शनिवार को ऊना से जारी एक प्रेस बयान में पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि ऊना पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय नशा माफिया की कमर तोडक़र रख दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है और ऊना में हुई यह ऐतिहासिक बरामदगी उसी दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है। सतपाल रायजादा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि नशे के काले कारोबार में लिप्त व्यक्ति चाहे किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखता हो, कानून के समक्ष सब बराबर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया नशा तस्करी करने वाला व्यक्ति न तो भाजपा का होता है और न ही कांग्रेस का, वह केवल समाज और युवाओं के भविष्य का दुश्मन है। हमारी सरकार में किसी भी अपराधी या नशा तस्कर को राजनीतिक संरक्षण देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान पूर्व विधायक ने ऊना के वर्तमान भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्हें संयम बरतने की सलाह दी। रायजादा ने कहा कि हर संवेदनशील मुद्दे को भाजपा और कांग्रेस के चश्मे से देखना बंद होना चाहिए। नेताओं के साथ संदिग्धों की तस्वीरों के मुद्दे पर सफाई देते हुए रायजादा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों के पास प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति किसी नेता के साथ तस्वीर खिंचवा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि स्वयं विधायक सत्ती के साथ भी अतीत में ऐसे कई लोगों की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, जो बाद में गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। लेकिन केवल एक फोटो के आधार पर किसी जनप्रतिनिधि को उस व्यक्ति के व्यक्तिगत अपराधों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पूर्व विधायक ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा आज हमारे समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे गंभीर विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता को एकजुट होकर पुलिस प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।1
- रोजगार की मांग को लेकर मनरेगा महिलाओं ने खोला मोर्चा, 125 दिनों का दावा , लेकिन काम मिला 22 दिन का सुजानपुर रोजगार की मांग को लेकर मनरेगा महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया हैं। महिलाओं का आरोप है कि 125 दिनों की रोजगार गारंटी का दावा किया गया, लेकिन उन्हें केवल 20–25 दिन काम देने के बाद ही आगे काम से मना कर दिया गया। अब महिलाओं ने सवाल उठाया है—जब 125 दिनों की गारंटी है, तो बाकी रोजगार कहाँ गया? उन्होंने प्रशासन से जवाब और योजना का पूरा लाभ दिलाने की मांग की।1
- हर दिन करें घर बैठे प्राचीन बाबा शेषनाग देव मानसर जी के दिव्य दर्शन बाबा के पावन आशीर्वाद से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। जय बाबा शेषनाग देव �मानसर की पवित्र धरती से आस्था और भक्ति का अद्भुत नज़ारा आप भी कमेंट में लिखें — “जय बाबा शेषनाग” #Mansar #SheshnagBaba #DailyDarshan #Faith #JammuKashmir #TillTheEndNews1
- मोदी को गाली देने बाली ग़ालिबाज लड़की ने कानूनी कार्यवाही क़े बाद माफ़ी मांगी मैं मात्र 15 साल की हूँ मैंने जो किया वो माफ़ी के लायक नहीं था... मैं पूरे देश से माफ़ी माँगती हूँ। नई दिल्ली के जंतर मंतर प्रोटेस्ट में प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप में पुलिस ने रुचिका सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। फ़िलहाल रुचिका ने माफ़ी माँगी है। #PMOIndia1