सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
- पश्चिम चंपारण के माधोपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की पहल से किसान अब पारंपरिक फसलों के बजाय स्वीट कॉर्न उगाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। मात्र 70-75 दिनों में तैयार होने वाली यह फसल धान-मक्का से दोगुनी आय दे रही है। कम लागत और कम पानी में अधिक मुनाफे का यह मॉडल क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति बदल रहा है।2
- madhaya Pradesh ab bhi ladkiyan asurakshait hain dekhiye school se lout rahi ladki ke sath kaisa saluk kiya ja raha hai1
- बिहार में पिछले 5 दिनों से मौसम बदल गया है; आज भी प्रदेश के 15 जिलों के लिए आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।1
- बिहार के गोपालगंज में उपनयन संस्कार के दौरान अश्लील डांस और हथियार प्रदर्शन मामले में जदयू विधायक अनंत सिंह सहित नौ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह और अन्य के खिलाफ पुलिस अधिकारी नवीन कुमार ने यह शिकायत दर्ज कराई है, जिससे राज्य में विवाद खड़ा हो गया है।1
- पश्चिम चंपारण के मैनाटांड में मंगलवार रात एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान इनरवा थाना क्षेत्र के खमिया गांव निवासी बृजेश राम के रूप में हुई है, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।1
- स्कूलों में मोबाइल फोन पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। यह लेख ऐसे ही 5 असली वजहों को सामने लाता है, जो छात्रों की पढ़ाई और उनके अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।1
- मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।1
- स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी के पीछे कई अहम कारण हैं। पढ़ाई में रुकावट से लेकर अनुचित व्यवहार तक, इन 5 असली वजहों को जानना जरूरी है।1
- बिहार के बेतिया में आयुष डॉक्टरों ने अपने खिलाफ हो रही अवैध छापेमारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिला अधिकारी से मुलाकात की और अपना आक्रोश व्यक्त किया।1