मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप, जांच के आदेश; एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन प्रखंड के ग्राम पंचायत राज जमुनिया में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता और कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की थी। आवेदन देने वालों में दिनेश कुमार, पवन कुमार साह, विजय प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद, छोटे लाल, अमन राम, तारकेश्वर प्रसाद, अखिलेश्वर पासवान, उमेश राम, अशोक प्रसाद, सूजित कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत लगभग 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर करीब 8 लाख रुपये के ही कार्य कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इधर, आवेदन के आलोक में काजले वैभव नितिन ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता, पश्चिम चंपारण (बेतिया) को संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। जांच के आदेश के बाद संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
- सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री पर अल्टीमेटम, सुभासपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी बलिया (बेरूआरबारी)। सरकारी नियमों के विपरीत सुबह 10 बजे से पहले शराब बिक्री के आरोप को लेकर क्षेत्र में मामला गरमा गया है। उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू कर दी जाती है और अधिक मुनाफे के लालच में निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। बताया गया कि औचक निरीक्षण के दौरान सुखपुरा स्थित एक दुकान पर सुबह करीब 7 बजे से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी मिली। साथ ही, प्रति बोतल करीब 10 रुपये अधिक वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष सुखपुरा और आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई। प्रेस वार्ता में उपेंद्र सिंह मुकुंडी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग के लोग शराब की लत के कारण प्रभावित होते हैं और कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नेता ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले बेरूआरबारी में मिली शिकायत पर कार्रवाई कराई गई थी, जिसके बाद वहां अब सुबह 10 बजे के बाद ही शराब बिक्री हो रही है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।1
- पश्चिमी चंपारण के मझौलिया में गन्ना किसानों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने उन्हें आधुनिक खेती के वैज्ञानिक तरीके और जैविक खाद के उपयोग से बेहतर उत्पादन की जानकारी दी। किसानों ने उत्साह दिखाया और अपनी उपज बढ़ाने के लिए नए गुर सीखे।4
- पश्चिमी चंपारण में एक बेटी और उसकी माँ के अटूट प्यार ने सभी का दिल छू लिया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर कई लोगों को अपने पिता की यादें ताजा हो गईं, जिससे माहौल भावुक हो गया।1
- प. चंपारण के योगपट्टी में ओम साईराम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड राइस मिल के बाहर कई महीनों से कूड़े का अंबार लगा है। इस जमा कचरे से लगातार बदबू फैल रही है, जिससे आसपास के लोग काफी परेशान हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा अभी तक इसका उठाव न होने से सवाल उठ रहे हैं।2
- सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल अपने फायदे के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।1
- hmare lauriya me Nitish Kumar ke bete nisant Kumar aayethe1
- पूर्वी चंपारण के सुगौली रेल पुलिस ने प्लेटफॉर्म जांच के दौरान लावारिस हालत में 14 बोतल विदेशी शराब बरामद की। पुलिस ने जब्त की गई शराब के मालिक का पता लगाने की जांच शुरू कर दी है।1
- मां काली मंदिर से पिंडी चोरी, भक्तों में आक्रोश; पुलिस जांच में जुटी बलिया (सुखपुरा)। थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव के पूरब गड़वार–सुखपुरा मार्ग स्थित मां काली मंदिर में सोमवार रात चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। अज्ञात चोर मंदिर में स्थापित पीतल जड़ित और सोने की आंख लगी एक पिंडी को उखाड़कर ले गए। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह उस समय हुई, जब महिलाएं पूजा के लिए मंदिर पहुंचीं। सात पिंडियों में से एक को जड़ से उखड़ा देख उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मंदिर में कुल सात पिंडियां स्थापित हैं, जो पीतल से जड़ित हैं और उनमें सोने की आंख लगी हुई है। चोरों द्वारा केवल एक ही पिंडी को निशाना बनाया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मंदिरों में चोरी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसी वर्ष 4 जनवरी को बुढ़वा शिवजी मंदिर से चांदी जड़ित शिवलिंग चोरी होने की घटना सामने आई थी, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इसके अलावा हाल ही में भोजपुर हनुमान मंदिर से दानपेटी चोरी का मामला भी सामने आया था। घटना के बाद श्रद्धालुओं में आक्रोश है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में रत्नेश दुबे ने बताया कि मामले की सूचना मिल गई है और जल्द ही चोरी का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। मां काली मंदिर से पिंडी चोरी, भक्तों में आक्रोश; पुलिस जांच में जुटी बलिया (सुखपुरा)। थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव के पूरब गड़वार–सुखपुरा मार्ग स्थित मां काली मंदिर में सोमवार रात चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। अज्ञात चोर मंदिर में स्थापित पीतल जड़ित और सोने की आंख लगी एक पिंडी को उखाड़कर ले गए। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह उस समय हुई, जब महिलाएं पूजा के लिए मंदिर पहुंचीं। सात पिंडियों में से एक को जड़ से उखड़ा देख उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मंदिर में कुल सात पिंडियां स्थापित हैं, जो पीतल से जड़ित हैं और उनमें सोने की आंख लगी हुई है। चोरों द्वारा केवल एक ही पिंडी को निशाना बनाया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मंदिरों में चोरी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसी वर्ष 4 जनवरी को बुढ़वा शिवजी मंदिर से चांदी जड़ित शिवलिंग चोरी होने की घटना सामने आई थी, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इसके अलावा हाल ही में भोजपुर हनुमान मंदिर से दानपेटी चोरी का मामला भी सामने आया था। घटना के बाद श्रद्धालुओं में आक्रोश है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में रत्नेश दुबे ने बताया कि मामले की सूचना मिल गई है और जल्द ही चोरी का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।1