यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है। - देवरहा बाबा धाम में दो दिवसीय रामकथा का समापन सागर। "कलयुग में केवल राम नाम ही एकमात्र आधार है। राम का यह लघु नाम ही मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। राम नाम ही परम सत्य, सोना, धन, यश और अमूल्य संपदा है। यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है।" यह प्रेरक विचार ओरछा रामराजा सरकार के अनन्य भक्त एवं सागर के पूर्व प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश अरुण जी ने व्यक्त किए। वे देवरहा धाम (होटल रियार्थ इन) में आयोजित दो दिवसीय "नाम" महिमा पर आधारित रामकथा के विसर्जन (समापन) के अवसर पर श्रद्धालु जन को संबोधित कर रहे थे। सत्संग और राम नाम की महिमा पर प्रकाश कथा व्यास अरुण जी ने दोनों दिन सुंदरकांड की चौपाइयों की संगीतमय व मर्मस्पर्शी व्याख्या करते हुए मानव जीवन को संवारने के व्यावहारिक गुण बताए। कथा के प्रथम दिन उन्होंने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हनुमान जी जैसा अटूट विश्वास और श्रद्धा हो, तो जीवन के हर मार्ग पर सफलता मिलना सुगम हो जाता है। दूसरे दिन उन्होंने लक्ष्मण शक्ति और माता सीता की खोज प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहीं पारा..” चौपाई के माध्यम से समझाया कि कलयुग के इस कठिन दौर में केवल राम नाम की शक्ति ही जीव को भवसागर से पार लगा सकती है। विभीषण के प्रसंग ने मोहा मन कथा के दौरान लंका कांड का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने एक रोचक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब विभीषण को निरंतर 'राम-राम' जपते देख रावण ने क्रोधित होकर इसका कारण पूछा, तो विभीषण ने बड़ी चतुराई और बुद्धिमानी से उत्तर दिया कि— "रा" का अर्थ रावण और "म" का अर्थ मंदोदरी है। मैं तो केवल आपका और अपनी भाभी का नाम आदर सहित लेता हूँ। इस सुंदर प्रसंग को सुनकर पूरा पंडाल सराबोर हो गया। महाआरती के साथ गूंजा पंडाल कथा के शुभारंभ पर "जय जय जय ओरछाधीस.. जय जय राम राजा सरकार.." की भव्य आरती की गई, जिसमें उपस्थित समस्त भक्तों ने भक्ति भाव में डूबकर करतल ध्वनि के साथ प्रभु का स्मरण किया। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय दुबे एवं संयोजक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे रहे। कथा के समापन पर समाजसेवी सुरेश मोहनानी एवं शंकर मोटवानी सहित अन्य प्रबुद्ध जनों ने कथा व्यास अरुण जी का पुष्पहार पहनाकर आत्मीय सम्मान किया। शहर के गणमान्य जन रहे उपस्थित इस आध्यात्मिक आयोजन में शहर की अनेक प्रमुख विभूतियों सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिनमें पूर्व महापौर मनोरमा गौर, एड. महेश नेमा, पत्रकार विपिन दुबे, फोटोग्राफर दीपक विश्वकर्मा, एड. अरविंद मिश्रा, प्रदीप तिवारी, अरविंद श्रीवास, गिरिशकांत तिवारी, राघवेंद्र सिंह, नरेंद्र जाट, लखन राठौर, केके गुरु, मधुसूदन खेमरिया, प्रभुदयाल मिश्रा, नरेंद्र छाबड़ा, अभिषेक शुक्ला, बीडी सोनी, राकेश चौबे, एसके ताम्रकार, गोपाल भाई पटेल एवं कृष्ण कुमार दीक्षित सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु गण उपस्थित थे।
यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है। - देवरहा बाबा धाम में दो दिवसीय रामकथा का समापन सागर। "कलयुग में केवल राम नाम ही एकमात्र आधार है। राम का यह लघु नाम ही मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। राम नाम ही परम सत्य, सोना, धन, यश और अमूल्य संपदा है। यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है।" यह प्रेरक विचार ओरछा रामराजा सरकार के अनन्य भक्त एवं सागर के पूर्व प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश अरुण जी ने व्यक्त किए। वे देवरहा धाम (होटल रियार्थ इन) में आयोजित दो दिवसीय "नाम" महिमा पर आधारित रामकथा के विसर्जन (समापन) के अवसर पर श्रद्धालु जन को संबोधित कर रहे थे। सत्संग और राम नाम की महिमा पर प्रकाश कथा व्यास अरुण जी ने दोनों दिन सुंदरकांड की चौपाइयों की संगीतमय व मर्मस्पर्शी व्याख्या करते हुए मानव जीवन को संवारने के व्यावहारिक गुण बताए। कथा के प्रथम दिन उन्होंने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हनुमान जी जैसा अटूट विश्वास और श्रद्धा हो, तो जीवन के हर मार्ग पर सफलता मिलना सुगम हो जाता है। दूसरे दिन उन्होंने लक्ष्मण शक्ति और माता सीता की खोज प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहीं पारा..” चौपाई के माध्यम से समझाया कि कलयुग के इस कठिन दौर में केवल राम नाम की शक्ति ही जीव को भवसागर से पार लगा सकती है। विभीषण के
प्रसंग ने मोहा मन कथा के दौरान लंका कांड का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने एक रोचक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब विभीषण को निरंतर 'राम-राम' जपते देख रावण ने क्रोधित होकर इसका कारण पूछा, तो विभीषण ने बड़ी चतुराई और बुद्धिमानी से उत्तर दिया कि— "रा" का अर्थ रावण और "म" का अर्थ मंदोदरी है। मैं तो केवल आपका और अपनी भाभी का नाम आदर सहित लेता हूँ। इस सुंदर प्रसंग को सुनकर पूरा पंडाल सराबोर हो गया। महाआरती के साथ गूंजा पंडाल कथा के शुभारंभ पर "जय जय जय ओरछाधीस.. जय जय राम राजा सरकार.." की भव्य आरती की गई, जिसमें उपस्थित समस्त भक्तों ने भक्ति भाव में डूबकर करतल ध्वनि के साथ प्रभु का स्मरण किया। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय दुबे एवं संयोजक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे रहे। कथा के समापन पर समाजसेवी सुरेश मोहनानी एवं शंकर मोटवानी सहित अन्य प्रबुद्ध जनों ने कथा व्यास अरुण जी का पुष्पहार पहनाकर आत्मीय सम्मान किया। शहर के गणमान्य जन रहे उपस्थित इस आध्यात्मिक आयोजन में शहर की अनेक प्रमुख विभूतियों सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिनमें पूर्व महापौर मनोरमा गौर, एड. महेश नेमा, पत्रकार विपिन दुबे, फोटोग्राफर दीपक विश्वकर्मा, एड. अरविंद मिश्रा, प्रदीप तिवारी, अरविंद श्रीवास, गिरिशकांत तिवारी, राघवेंद्र सिंह, नरेंद्र जाट, लखन राठौर, केके गुरु, मधुसूदन खेमरिया, प्रभुदयाल मिश्रा, नरेंद्र छाबड़ा, अभिषेक शुक्ला, बीडी सोनी, राकेश चौबे, एसके ताम्रकार, गोपाल भाई पटेल एवं कृष्ण कुमार दीक्षित सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु गण उपस्थित थे।
- यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है। - देवरहा बाबा धाम में दो दिवसीय रामकथा का समापन सागर। "कलयुग में केवल राम नाम ही एकमात्र आधार है। राम का यह लघु नाम ही मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। राम नाम ही परम सत्य, सोना, धन, यश और अमूल्य संपदा है। यदि रामभक्त हनुमान जी की तरह निष्काम और सच्ची भक्ति की जाए, तो संसार में सब कुछ संभव है।" यह प्रेरक विचार ओरछा रामराजा सरकार के अनन्य भक्त एवं सागर के पूर्व प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश अरुण जी ने व्यक्त किए। वे देवरहा धाम (होटल रियार्थ इन) में आयोजित दो दिवसीय "नाम" महिमा पर आधारित रामकथा के विसर्जन (समापन) के अवसर पर श्रद्धालु जन को संबोधित कर रहे थे। सत्संग और राम नाम की महिमा पर प्रकाश कथा व्यास अरुण जी ने दोनों दिन सुंदरकांड की चौपाइयों की संगीतमय व मर्मस्पर्शी व्याख्या करते हुए मानव जीवन को संवारने के व्यावहारिक गुण बताए। कथा के प्रथम दिन उन्होंने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हनुमान जी जैसा अटूट विश्वास और श्रद्धा हो, तो जीवन के हर मार्ग पर सफलता मिलना सुगम हो जाता है। दूसरे दिन उन्होंने लक्ष्मण शक्ति और माता सीता की खोज प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहीं पारा..” चौपाई के माध्यम से समझाया कि कलयुग के इस कठिन दौर में केवल राम नाम की शक्ति ही जीव को भवसागर से पार लगा सकती है। विभीषण के प्रसंग ने मोहा मन कथा के दौरान लंका कांड का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने एक रोचक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब विभीषण को निरंतर 'राम-राम' जपते देख रावण ने क्रोधित होकर इसका कारण पूछा, तो विभीषण ने बड़ी चतुराई और बुद्धिमानी से उत्तर दिया कि— "रा" का अर्थ रावण और "म" का अर्थ मंदोदरी है। मैं तो केवल आपका और अपनी भाभी का नाम आदर सहित लेता हूँ। इस सुंदर प्रसंग को सुनकर पूरा पंडाल सराबोर हो गया। महाआरती के साथ गूंजा पंडाल कथा के शुभारंभ पर "जय जय जय ओरछाधीस.. जय जय राम राजा सरकार.." की भव्य आरती की गई, जिसमें उपस्थित समस्त भक्तों ने भक्ति भाव में डूबकर करतल ध्वनि के साथ प्रभु का स्मरण किया। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय दुबे एवं संयोजक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे रहे। कथा के समापन पर समाजसेवी सुरेश मोहनानी एवं शंकर मोटवानी सहित अन्य प्रबुद्ध जनों ने कथा व्यास अरुण जी का पुष्पहार पहनाकर आत्मीय सम्मान किया। शहर के गणमान्य जन रहे उपस्थित इस आध्यात्मिक आयोजन में शहर की अनेक प्रमुख विभूतियों सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिनमें पूर्व महापौर मनोरमा गौर, एड. महेश नेमा, पत्रकार विपिन दुबे, फोटोग्राफर दीपक विश्वकर्मा, एड. अरविंद मिश्रा, प्रदीप तिवारी, अरविंद श्रीवास, गिरिशकांत तिवारी, राघवेंद्र सिंह, नरेंद्र जाट, लखन राठौर, केके गुरु, मधुसूदन खेमरिया, प्रभुदयाल मिश्रा, नरेंद्र छाबड़ा, अभिषेक शुक्ला, बीडी सोनी, राकेश चौबे, एसके ताम्रकार, गोपाल भाई पटेल एवं कृष्ण कुमार दीक्षित सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु गण उपस्थित थे।2
- सागर जिले की पड़रिया ग्राम पंचायत से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 5 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा के दौरान शासकीय कार्य कर रहे ग्राम रोजगार सहायक एवं अतिरिक्त सचिव प्रभारी मुकेश कुमार अहिरवार पर दबंगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे साहब सिंह चौहान नाम का व्यक्ति पंचायत भवन पहुँचा और अवैध रूप से पैसों की मांग करने लगा। जब रोजगार सहायक ने यह देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी अपने बेटों और पुलिस सिविल लाइन में पदस्थ होमगार्ड सैनिक इमरत सिंह चौहान के साथ लाठी-डंडे लेकर अंदर घुस आया। आरोपियों ने आते ही शासकीय कर्मचारी को गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इस हंगामे के दौरान आरोपियों ने ग्राम सभा का एजेंडा, निर्वाचन आदेश और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। साथ ही अलमारी और पर्स में रखे सरकारी पैसे भी जबरन छीन लिए। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ित को नौकरी से निकलवाने और गांव में न रहने देने की धमकी भी दी। इस दुर्व्यवहार और जानलेवा हमले के विरोध में संयुक्त मोर्चा संघ जिला सागर (म.प्र.) ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत देकर आरोपियों – साहब सिंह, इमरत सिंह उर्फ भुड्डू, नीतेश एवं अन्य – के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कराने और कड़ी न्यायिक कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित के पास घटना का वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है।2
- महज 15 साल की उम्र में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाकर इतिहास रचने की तैयारी कर ली है। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम में शामिल किया गया है, जहाँ उन्हें टीम के सबसे कम उम्र के होनहार खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है। यदि वैभव को प्लेइंग 11 में खेलने का मौका मिलता है, तो वह राष्ट्र के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप कम उम्र में ही उन्हें भारतीय टीम में यह महत्वपूर्ण स्थान मिला। वैभव सूर्यवंशी का भारतीय टीम में चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है। चयनित भारतीय टीम में श्रेयस अय्यर, तिलक बर्मा, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, अक्षर पटेल, शिवम् दूबे, वॉशिंगटन सुंदर, नितेश कुमार रेड्डी, रवि विश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। यह आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज में वैभव को भारत का सबसे युवा डेब्यूटेंट बनने का अवसर प्रदान कर सकता है।2
- मध्यप्रदेश के सागर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और भंडारण व्यवस्था में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले के गंभीरिया स्थित लक्ष्मी नगर के श्री देव प्रभा वेयर हाउस में गेहूं की जगह मिट्टी से भरी लगभग 600 बोरियां पहुंचने का खुलासा हुआ है, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को हर्षिता स्व सहायता समूह केंद्र से एक ट्रक (क्रमांक एमपी 15 जेडआर 9190) में भरकर ये करीब 600 बोरियां श्री देव प्रभा वेयर हाउस लाई गई थीं। बोरियों को गोदाम में उतारकर रखा जा रहा था, और 100 से अधिक बोरियां अंदर रखी जा चुकी थीं। इसी दौरान वेयरहाउस कर्मचारियों को कुछ बोरियों पर संदेह हुआ, जिसकी जांच करने पर गेहूं की जगह उनमें बड़ी मात्रा में मिट्टी और खराब सामग्री भरी मिली। कुछ बोरियों में नाम मात्र का गेहूं था, जबकि अधिकांश हिस्सा मिट्टी से भरा था। इसके बाद तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पूरे माल को वापस ट्रक में लोड कराकर भेज दिया गया, जिससे यह गड़बड़ी समय रहते पकड़ी गई। यह मामला ऐसे समय उजागर हुआ है जब प्रदेश सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में पारदर्शिता और सख्ती के बड़े-बड़े दावे कर रही है। इस घटना ने सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के गृह जिले में ऐसी गड़बड़ी सामने आने के बाद विपक्ष भी सरकार को घेर सकता है। लोगों का कहना है कि जब मंत्री के गृह जिले में यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें खरीदी केंद्र पर पहले अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं को खरीदने के बाद बदलकर अमानक या मिट्टी मिश्रित गेहूं भेजने की संभावना जताई जा रही है। गुणवत्ता जांच में चूक पर भी सवाल उठ रहे हैं। वेयरहाउस संचालक आरपी सुहाने ने बताया कि गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा शाखा ने लगभग एक माह पहले अधिग्रहित किया था। सुहाने के अनुसार, वे गोदाम में रखे जाने वाले माल की गुणवत्ता जांच नहीं करते, उनका काम केवल गोदाम किराए पर देना है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि बीते कुछ दिनों से उनके कर्मचारियों द्वारा लगातार अमानक गेहूं आने की शिकायत की जा रही थी और इस संबंध में शाखा प्रबंधक को भी सूचित किया गया था। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इसे गंभीर मामला बताते हुए वेयरहाउस में रखे माल की जांच के लिए टीम भेजने और जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल ने बताया कि यह गेहूं हर्षिता स्व सहायता समूह से भेजा गया था, जिसे सूचना मिलते ही अमानक गेहूं को तत्काल वापस कर दिया गया है, और संबंधित समूह से सही गुणवत्ता वाला गेहूं मंगाया जाएगा। दूसरी ओर, जिला प्रबंधक नान रोहित बघेल ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था, और जानकारी मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही फसलों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और परिवहन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद इस घोटाले में किन अधिकारियों, कर्मचारियों और समूहों की भूमिका सामने आती है और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।1
- बक्सवाहा में भारतीय जनता पार्टी मंडल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार और केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने को पार्टी का मुख्य लक्ष्य बताया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने का आह्वान किया और कहा कि केंद्र सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुँचाना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। यह बैठक गुरुवार को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जहाँ आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई और उनके सफल संचालन के लिए प्रभारियों की नियुक्ति भी की गई। विशेष रूप से, 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कार्यकर्ताओं से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से जुड़ने की अपील की और बैठक के बाद तहसील परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाना भी सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी, जिला महामंत्री अरविंद त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष अशोक दुबे, मंडल प्रभारी महेश राय, शशिकांत अग्निहोत्री सहित मंडल के पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सेवा और जनसंपर्क को प्राथमिकता देने का संदेश देते हुए, भाजपा ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी अब 21 जून तक चलने वाले इन विशेष अभियानों को सफल बनाने पर केंद्रित है।3
- मध्यप्रदेश के रहली तहसील में थाना प्रभारी पर एक युवक को घर से उठाने, उसे घंटों तक बेरहमी से पीटने और फिर रस्सी से बांधकर सड़कों पर पैदल घुमाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी ने एक लड़के को दोपहर 12:45 बजे उसके घर से उठाया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी शाम 5:00 बजे बताई गई, जो समय में स्पष्ट विसंगति दर्शाती है। इसके बाद, दोपहर 12:45 बजे से शाम 7:00 बजे तक उसी थाना प्रभारी द्वारा लड़के को अमानवीय ढंग से पीटा गया। आरोप है कि थाना प्रभारी जुआ, सट्टा और अवैध शराब बिकवाने में सक्रिय रूप से शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले लड़कों का सहयोग करते हैं, जबकि शराब माफिया का कभी कोई जुलूस नहीं निकाला जाता, क्योंकि कथित तौर पर “वह अच्छे लोग रहते हैं।” इस पूरे मामले में पुलिस विभाग के एक ड्राइवर, “कोई दुबे जी” पर भी संलिप्तता का आरोप लगाया गया है, और यह सवाल उठाया गया है कि वह 10 साल से एक ही जगह पर कैसे तैनात हैं। पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या रहली में जंगलराज चल रहा है। यह चिंता भी व्यक्त की गई है कि ऐसे कई अन्य मामले हो सकते हैं जिनकी जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंच पाती।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) ने सागर संभाग के छतरपुर जिले में बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, अच्छे स्वास्थ्य की कमी और किसानों तथा आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में एक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश के प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर, सहप्रभारी अखिलेश पति त्रिपाठी और सागर जोन के प्रभारी अजीत यादव जी सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पैदल मार्च के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जहाँ मध्य प्रदेश प्रभारी द्वारा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। सागर जोन के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुए।1
- सागर स्थित स्थानीय पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मुख्य व्यासपीठ से कथाव्यास विपिन बिहारी महाराज ने भोजन और भक्ति के अंतर्संबंधों पर गहरा प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि भोजन को भगवान को भोग लगाकर ग्रहण किया जाए, तो वह साधारण भोजन न रहकर महाप्रसाद बन जाता है। महाराजश्री ने बताया कि यह महाप्रसाद मनुष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने छप्पन भोग प्रसंग की संगीतमय व्याख्या करते हुए भजन-भाव के साथ भोजन बनाने की अपील की, क्योंकि केवल पेट भरने के लिए भोजन करने और भजन-भाव के साथ भोजन ग्रहण करने में बहुत बड़ा अंतर होता है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि घर में भोजन बनाते समय ईश्वर के भजनों का स्मरण करने से श्रद्धापूर्वक बनाया और ग्रहण किया गया भोजन पूरे परिवार में सात्विकता का संचार करता है। कथा के दौरान महारास प्रसंग की शुरुआत होते ही पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। कथाव्यास ने महारास के अंतर्गत आने वाले पांच गीतों को भागवत के 'पंच प्राण' की संज्ञा देते हुए बताया कि इन्हें भावपूर्ण तरीके से गाने से भक्ति मार्ग अत्यंत सुलभ और सहज हो जाता है। इसके अतिरिक्त, कथा में मथुरा प्रस्थान, कंस वध, सांदीपनी आश्रम प्रसंग, कालयवन वध, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका स्थापना और रुक्मणी विवाह जैसे प्रसंगों का भी सजीव और अत्यंत मनोहारी वर्णन किया गया। पंडित शिवप्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि कथा की मुख्य विधाएं अंतिम दिन सोमवार रात 8 बजे संपन्न होंगी। इसके अगले दिन मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूर्णाहुति की जाएगी, जिसके साथ ही इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान महेशचंद दुबे, रामप्रकाश श्रीवास्तव, केशव प्रसाद गांधी सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।4