राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ जिला शाखा द्वारा प्रदेश संयोजक संघर्ष समिति जवरीलाल प्रजापत के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कमलराम जी मीणा को कर्मचारियों की 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिला शाखा ब्यावर ने पूरे प्रदेश भर में चल रहे प्रदर्शनों के क्रम में विरोध प्रदर्शन करते हुए यह ज्ञापन दिया है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण करवाने, विगत छह सत्रों से बकाया चल रही तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी करवाने, और राज्य सरकार द्वारा दिए गए "पे-प्रोटेक्शन" आदेश को वापस आहरित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करने की बाध्यता को खत्म करने, जर्जर और जमींदोज स्कूल भवनों के पुन:र्निर्माण, सरकार द्वारा कर्मचारियों पर लगाई गई घोषित आर्थिक नाकेबंदी और स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था सहित सभी तात्कालिक समस्याओं के तुरंत समाधान का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री से इन गंभीर विषयों और राज्य के समस्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों में व्याप्त आक्रोश को ध्यान में रखते हुए तुरंत समाधान करने का विनम्र आग्रह किया गया है। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमीचंद मिश्रा, प्रदेश संगठन मंत्री लिखमाराम सीरवी, जिला सभाध्यक्ष बदाराम अणकिया, अजमेर संभाग प्रभारी प्रकाश बडियासर, महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश प्रसाद दगदी, ब्लॉक अध्यक्ष जवाजा प्रहलाद मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष रायपुर महेन्द्रकुमार टेलर, ब्लॉक उपाध्यक्ष मंगलाराम माली, महेन्द्र कुमार डाबी, बलवीरसिंह, महेन्दर कुमार, पन्नालाल ग्वाला, विजय शंकर मिश्रा, सलाउद्दीन, लखनलाल, हरकेश मीणा, राहुल, मनोहरलाल, प्रेमसिंह, सुरेश, दिनेश, गणेश, रमेश, प्रेमप्रकाश, अमर सिंह, लखन मीणा मसूदा और कूका काठात सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ जिला शाखा द्वारा प्रदेश संयोजक संघर्ष समिति जवरीलाल प्रजापत के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कमलराम जी मीणा को कर्मचारियों की 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिला शाखा ब्यावर ने पूरे प्रदेश भर में चल रहे प्रदर्शनों के क्रम में विरोध प्रदर्शन करते हुए यह ज्ञापन दिया है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण करवाने, विगत छह सत्रों से बकाया चल रही तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी करवाने, और राज्य सरकार द्वारा दिए गए "पे-प्रोटेक्शन" आदेश को वापस आहरित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करने की बाध्यता को खत्म करने, जर्जर और जमींदोज स्कूल भवनों के पुन:र्निर्माण, सरकार द्वारा कर्मचारियों पर लगाई गई घोषित आर्थिक नाकेबंदी और स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था सहित सभी तात्कालिक समस्याओं के तुरंत समाधान का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री से इन गंभीर विषयों और राज्य के समस्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों में व्याप्त आक्रोश को ध्यान में रखते हुए तुरंत समाधान करने का विनम्र आग्रह किया गया है। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमीचंद मिश्रा, प्रदेश संगठन मंत्री लिखमाराम सीरवी, जिला सभाध्यक्ष बदाराम अणकिया, अजमेर संभाग प्रभारी प्रकाश बडियासर, महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश प्रसाद दगदी, ब्लॉक अध्यक्ष जवाजा प्रहलाद मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष रायपुर महेन्द्रकुमार टेलर, ब्लॉक उपाध्यक्ष मंगलाराम माली, महेन्द्र कुमार डाबी, बलवीरसिंह, महेन्दर कुमार, पन्नालाल ग्वाला, विजय शंकर मिश्रा, सलाउद्दीन, लखनलाल, हरकेश मीणा, राहुल, मनोहरलाल, प्रेमसिंह, सुरेश, दिनेश, गणेश, रमेश, प्रेमप्रकाश, अमर सिंह, लखन मीणा मसूदा और कूका काठात सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
- राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ जिला शाखा द्वारा प्रदेश संयोजक संघर्ष समिति जवरीलाल प्रजापत के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कमलराम जी मीणा को कर्मचारियों की 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिला शाखा ब्यावर ने पूरे प्रदेश भर में चल रहे प्रदर्शनों के क्रम में विरोध प्रदर्शन करते हुए यह ज्ञापन दिया है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण करवाने, विगत छह सत्रों से बकाया चल रही तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी करवाने, और राज्य सरकार द्वारा दिए गए "पे-प्रोटेक्शन" आदेश को वापस आहरित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करने की बाध्यता को खत्म करने, जर्जर और जमींदोज स्कूल भवनों के पुन:र्निर्माण, सरकार द्वारा कर्मचारियों पर लगाई गई घोषित आर्थिक नाकेबंदी और स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था सहित सभी तात्कालिक समस्याओं के तुरंत समाधान का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री से इन गंभीर विषयों और राज्य के समस्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों में व्याप्त आक्रोश को ध्यान में रखते हुए तुरंत समाधान करने का विनम्र आग्रह किया गया है। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमीचंद मिश्रा, प्रदेश संगठन मंत्री लिखमाराम सीरवी, जिला सभाध्यक्ष बदाराम अणकिया, अजमेर संभाग प्रभारी प्रकाश बडियासर, महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश प्रसाद दगदी, ब्लॉक अध्यक्ष जवाजा प्रहलाद मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष रायपुर महेन्द्रकुमार टेलर, ब्लॉक उपाध्यक्ष मंगलाराम माली, महेन्द्र कुमार डाबी, बलवीरसिंह, महेन्दर कुमार, पन्नालाल ग्वाला, विजय शंकर मिश्रा, सलाउद्दीन, लखनलाल, हरकेश मीणा, राहुल, मनोहरलाल, प्रेमसिंह, सुरेश, दिनेश, गणेश, रमेश, प्रेमप्रकाश, अमर सिंह, लखन मीणा मसूदा और कूका काठात सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- नागौर के रियां बड़ी क्षेत्र में आने वाले राईका बाग चौराहे पर नाली के ऊपर लगी वर्षों पुरानी लोहे की जाली टूट गई है, जो आमजन के लिए बड़ा खतरा बन गई है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस जाली में कई जगह बड़े गैप बन गए हैं, जिससे बाइक, स्कूटी और तीन पहिया टेम्पो चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। समाजसेवी आरिफ सिसोदिया ने एक हालिया हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही यहां एक मां-बेटी की जान बाल-बाल बची। एक महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ स्कूटी से जाली पार कर रही थी, तभी सामने से आ रहे पिकअप वाहन को रास्ता देने के लिए उसने स्कूटी किनारे की, लेकिन गाड़ी का अगला पहिया टूटी जाली में फंस गया। संतुलन बिगड़ने पर महिला पिकअप की ओर गिरी और बच्ची नाली में जा गिरी, जिन्हें आसपास के दुकानदारों ने तुरंत दौड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय निवासी मोहम्मद फिरोज के अनुसार, इस मुख्य मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं, और कई लोग पहिया फंसने से गिरकर घायल हो चुके हैं। फारूक खां सिलावट ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र सहित अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें सौंपी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक नई जाली लगाने या मरम्मत की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस प्रशासनिक अनदेखी से नाराज क्षेत्र के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों, जिनमें मोहम्मद फिरोज, चांदमोहम्मद, दिनेश और कालूराम शामिल हैं, ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए टूटी जाली को तुरंत बदलकर मजबूत जाली लगाई जाए और नाली की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए।1
- अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के दौलत खेड़ा गांव में एक विशेष जाति द्वारा कराए जा रहे देहव्यापार के धंधे से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। दौलत खेड़ा-जेठाना रोड पर चल रहे इस गंदे व्यापार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा इस अवैध धंधे की रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस गंदे व्यापार का बुरा असर दौलत खेड़ा से जेठाना पढ़ने के लिए आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।1
- ब्यावर के ग्राम राजियावास में बारिश न होने के कारण सूखा और भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है, जिससे किसानों को भारी तकलीफ उठानी पड़ सकती है। बारिश का कोई अता-पता न होने से परेशान ग्रामीणों का मानना है कि भगवान कहीं न कहीं उनसे नाराज हैं। भगवान को खुश करने और बारिश के आगमन की कामना के साथ गांव की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर एक अनूठी पहल की। वे डीजे बजाते हुए अपने धार्मिक स्थल वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में झंडा लेकर पहुंचे। वहां ग्रामीणों के लिए प्रसाद चढ़ाया गया और झंडे का परिचय देते हुए इस कार्य को संपन्न किया गया, साथ ही पूरे गांव में मिठाइयां भी बांटी गईं। इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद अब ग्रामीणों को केवल बारिश का इंतजार है।2
- अजमेर के मांगलियावास में पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से खनिज पत्थर ले जा रहे एक डम्पर को जब्त करने की कार्रवाई की है। मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी द्वारा अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित विशेष टीम ने चेकिंग के दौरान इस डम्पर को रोका था। चालक के पास कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने डम्पर को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। इस मामले की पूरी सूचना अजमेर खनन विभाग को दे दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी हरीश चौधरी के साथ हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल बलवन्त शामिल रहे। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- नागौर के रियान बड़ी क्षेत्र में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को मंगलवार सुबह बड़ी राहत मिली है। क्षेत्र में सोमवार से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था, जिसके बाद देर रात आसमान में घने बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली की चमक के साथ कई गांवों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 10 बजे भी क्षेत्र के कई गांवों में हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। दरअसल, पिछले कई दिनों से बारिश की कमी के कारण खेतों में बाजरा, मूंग और ग्वार जैसी खरीफ फसलें मुरझाने लगी थीं और कई स्थानों पर तो ये खराब होने की अंतिम स्थिति में पहुंच चुकी थीं। किसान राकेश जाखड़ ने बताया कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही थी, लेकिन इस मौसम परिवर्तन से अब नई उम्मीद जगी है। किसानों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून सक्रिय रहकर अच्छी बारिश करता है, तो इन फसलों को अभी भी बचाया जा सकता है और पर्याप्त नमी मिलने से फसलों की बढ़वार में सुधार होगा, जिससे वे भारी आर्थिक नुकसान से बच सकेंगे। सुबह हुई हल्की बारिश के बाद क्षेत्र में उमस जरूर बढ़ गई है, लेकिन इसके बावजूद किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। कई किसान बारिश के दौरान ही अपने खेतों का निरीक्षण करने पहुंचे और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों का भी मानना है कि यदि मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो जाता है, तो कृषि कार्यों में तेजी आएगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र की निगाहें आगामी दिनों की बारिश पर टिकी हैं और किसान उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून अब लगातार मेहरबान रहेगा।1
- जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के साथ हुई घटना को किसी ने अपने कैमरे में कैद किया है, जिसे देखने के बाद बयां करने के लिए सारे शब्द कहीं गहराइयों में दफन हो गए हैं और इस पर कुछ भी लिखने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए आक्रोश जताया गया है कि जब इंसान का अपना जमीर ही गुलामी की जंजीरों में कैद हो जाता है, तो उसे सामने मौजूद असली जंजीरें भी दिखाई नहीं देती हैं।1