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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ निमोनिया से पीड़ित एक साल की मासूम बच्ची को परिजनों ने 'डाम' लगा दिया। इस गलत पारंपरिक उपचार के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद मंगलवार को उसे गंभीर स्थिति में भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जानकारी देते हुए बताया कि जिले के शाहपुरा कस्बे की एक साल की बच्ची को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया है। बच्ची को मूलतः निमोनिया की शिकायत है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित अंधविश्वास के चलते उसे 'डाम' लगाया गया, जिससे उसकी स्थिति और खराब हो गई। बच्ची का उपचार शिशु रोग विशेषज्ञों द्वारा लगातार किया जा रहा है। डॉ. गौड़ ने इस तरह की कुप्रथाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर लोगों को इन प्रथाओं के बारे में समझाया नहीं जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहाँ से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और उन इलाकों में स्वयंसेवी संस्थाओं, एएनएम तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को अंधविश्वास के घातक परिणामों के प्रति सचेत कर मासूमों की जान बचाई जा सके।

1 hr ago
user_Puneet jain
Puneet jain
भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ निमोनिया से पीड़ित एक साल की मासूम बच्ची को परिजनों ने 'डाम' लगा दिया। इस गलत पारंपरिक उपचार के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद मंगलवार को उसे गंभीर स्थिति में भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जानकारी देते हुए बताया कि जिले के शाहपुरा कस्बे की एक साल की बच्ची को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया है। बच्ची को मूलतः निमोनिया की शिकायत है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित अंधविश्वास के चलते उसे 'डाम' लगाया गया, जिससे उसकी स्थिति और खराब हो गई। बच्ची का उपचार शिशु रोग विशेषज्ञों द्वारा लगातार किया जा रहा है। डॉ. गौड़ ने इस तरह की कुप्रथाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर लोगों को इन प्रथाओं के बारे में समझाया नहीं जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहाँ से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और उन इलाकों में स्वयंसेवी संस्थाओं, एएनएम तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को अंधविश्वास के घातक परिणामों के प्रति सचेत कर मासूमों की जान बचाई जा सके।

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  • भीलवाड़ा जिले के मालासेरी डूंगरी में स्थित भगवान देवनारायण की जन्मस्थली पर चल रहे तीर्थ कॉरिडोर निर्माण कार्यों का जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने जायजा लिया। भारत सरकार की प्रसाद स्वदेशी योजना के तहत इस अंतरराष्ट्रीय और विश्व विख्यात तीर्थ स्थल पर विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया गया। इस दौरान मालासेरी डूंगरी मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने जिला कलेक्टर को सभी प्रगतिशील निर्माण स्थलों के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसाद व स्वदेशी योजना के अंतर्गत यहां देवभक्तों की सुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मालासेरी डूंगरी से जुड़े समग्र विकास के लिए विशिष्ट चर्चाएं भी हुईं। जिला कलेक्टर ने आसिंद के उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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    भीलवाड़ा जिले के मालासेरी डूंगरी में स्थित भगवान देवनारायण की जन्मस्थली पर चल रहे तीर्थ कॉरिडोर निर्माण कार्यों का जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने जायजा लिया। भारत सरकार की प्रसाद स्वदेशी योजना के तहत इस अंतरराष्ट्रीय और विश्व विख्यात तीर्थ स्थल पर विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया गया।

इस दौरान मालासेरी डूंगरी मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने जिला कलेक्टर को सभी प्रगतिशील निर्माण स्थलों के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसाद व स्वदेशी योजना के अंतर्गत यहां देवभक्तों की सुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मालासेरी डूंगरी से जुड़े समग्र विकास के लिए विशिष्ट चर्चाएं भी हुईं। जिला कलेक्टर ने आसिंद के उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    48 min ago
  • भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाने से एक बेहद गंभीर और अमानवीय मामला सामने आया है, जहाँ न्याय की गुहार लगाने पहुँचे एक पीड़ित युवक दिलखुश रेगर के साथ पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उसे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उससे कहा गया कि "कहीं डूबकर मर जा"। इसके बाद, खाकी के रौब में पुलिस ने पीड़ित को ही धारा 151 के तहत एक झूठे मामले में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया। इस तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित दिलखुश रेगर और बड़ी संख्या में लोगों व समर्थकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर एसपी को ज्ञापन सौंपा और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा थाने के सीसीटीवी फुटेज सीज करने की मांग की। दरअसल, हरिओम नगर निवासी दिलखुश रेगर अपने पिता देबी लाल रेगर के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से इंसाफ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भू-माफियाओं और आरोपियों ने उनके पिता के जीवित रहते हुए भी उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया, उनके बैंक खाते से मोटी रकम निकाल ली और उनकी बेशकीमती संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। इस संबंध में सुभाषनगर थाने में एफआईआर संख्या 0316/2025 दर्ज है, लेकिन आरोप है कि सुभाषनगर थाना पुलिस इस गंभीर प्रकरण में लंबे समय से ढुलमुल रवैया अपना रही थी और आरोपियों को संरक्षण दे रही थी। इसी प्रकरण में न्याय की उम्मीद लिए दिलखुश रेगर गत 22 मई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे उच्च न्यायालय, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लेकर सुभाषनगर थाने पहुँचे थे, क्योंकि पुलिस बार-बार आदेश की कॉपी नहीं मिलने का बहाना बना रही थी। दिलखुश के थाने पहुँचने पर वहाँ पहले से ही आरोपी पक्ष के लोग मौजूद थे। आरोप है कि पीड़ित को देखते ही थाना प्रभारी और वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारी आगबबूला हो गए और उन्होंने पीड़ित के साथ अत्यंत अपमानजनक एवं अमानवीय व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने अपने हक की बात कही, तो एक पुलिस अधिकारी ने मर्यादा की सारी सीमाएं लाँघते हुए उससे कहा कि "डूबकर मर जा"। इस अमानवीय व्यवहार से पीड़ित को गहरा मानसिक आघात लगा। हालात तब और भी बदतर हो गए जब पुलिस ने अपनी नाकामयाबी छिपाने और आरोपी पक्ष को फायदा पहुँचाने के लिए पीड़ित दिलखुश को ही शांति भंग की धारा 151 में गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
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    भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाने से एक बेहद गंभीर और अमानवीय मामला सामने आया है, जहाँ न्याय की गुहार लगाने पहुँचे एक पीड़ित युवक दिलखुश रेगर के साथ पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उसे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उससे कहा गया कि "कहीं डूबकर मर जा"। इसके बाद, खाकी के रौब में पुलिस ने पीड़ित को ही धारा 151 के तहत एक झूठे मामले में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया। इस तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित दिलखुश रेगर और बड़ी संख्या में लोगों व समर्थकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर एसपी को ज्ञापन सौंपा और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा थाने के सीसीटीवी फुटेज सीज करने की मांग की।

दरअसल, हरिओम नगर निवासी दिलखुश रेगर अपने पिता देबी लाल रेगर के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से इंसाफ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भू-माफियाओं और आरोपियों ने उनके पिता के जीवित रहते हुए भी उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया, उनके बैंक खाते से मोटी रकम निकाल ली और उनकी बेशकीमती संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। इस संबंध में सुभाषनगर थाने में एफआईआर संख्या 0316/2025 दर्ज है, लेकिन आरोप है कि सुभाषनगर थाना पुलिस इस गंभीर प्रकरण में लंबे समय से ढुलमुल रवैया अपना रही थी और आरोपियों को संरक्षण दे रही थी।

इसी प्रकरण में न्याय की उम्मीद लिए दिलखुश रेगर गत 22 मई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे उच्च न्यायालय, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लेकर सुभाषनगर थाने पहुँचे थे, क्योंकि पुलिस बार-बार आदेश की कॉपी नहीं मिलने का बहाना बना रही थी। दिलखुश के थाने पहुँचने पर वहाँ पहले से ही आरोपी पक्ष के लोग मौजूद थे। आरोप है कि पीड़ित को देखते ही थाना प्रभारी और वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारी आगबबूला हो गए और उन्होंने पीड़ित के साथ अत्यंत अपमानजनक एवं अमानवीय व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने अपने हक की बात कही, तो एक पुलिस अधिकारी ने मर्यादा की सारी सीमाएं लाँघते हुए उससे कहा कि "डूबकर मर जा"। इस अमानवीय व्यवहार से पीड़ित को गहरा मानसिक आघात लगा।

हालात तब और भी बदतर हो गए जब पुलिस ने अपनी नाकामयाबी छिपाने और आरोपी पक्ष को फायदा पहुँचाने के लिए पीड़ित दिलखुश को ही शांति भंग की धारा 151 में गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • आयुष अस्पताल चित्तौड़गढ़ सभी समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो एक स्वस्थ शरीर को सुखी जीवन का आधार मानते हुए निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। अस्पताल में दैनिक ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ अनुभवी चिकित्सक विभिन्न रोगों की जाँच और परामर्श देते हैं। गंभीर तथा लंबे समय से चले आ रहे रोगों के लिए दस बेड का स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आईपीडी (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) भी है, जहाँ भर्ती होकर उपचार कराया जा सकता है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों व जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, महिलाओं और वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का उपचार किया जाता है। साथ ही, अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती सहित अन्य पंचकर्म चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। आयुष अस्पताल की प्रमुख विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी/हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का समन्वय है। डॉ. C.P. पटेल और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। यदि आपके परिवार या परिचितों में कोई स्वास्थ्य समस्या से परेशान है, तो सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) स्थित इस अस्पताल से संपर्क किया जा सकता है।
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    आयुष अस्पताल चित्तौड़गढ़ सभी समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो एक स्वस्थ शरीर को सुखी जीवन का आधार मानते हुए निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है।

अस्पताल में दैनिक ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ अनुभवी चिकित्सक विभिन्न रोगों की जाँच और परामर्श देते हैं। गंभीर तथा लंबे समय से चले आ रहे रोगों के लिए दस बेड का स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आईपीडी (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) भी है, जहाँ भर्ती होकर उपचार कराया जा सकता है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों व जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, महिलाओं और वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का उपचार किया जाता है। साथ ही, अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती सहित अन्य पंचकर्म चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।

आयुष अस्पताल की प्रमुख विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी/हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का समन्वय है। डॉ. C.P. पटेल और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है।

यदि आपके परिवार या परिचितों में कोई स्वास्थ्य समस्या से परेशान है, तो सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) स्थित इस अस्पताल से संपर्क किया जा सकता है।
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Ayurvedic Practitioner Hameergarh, Bhilwara•
    10 hrs ago
  • DS7NEWS प्लेटफॉर्म पर चित्तौड़गढ़ सहित कुल 10 विभिन्न शहरों से जुड़ी 10 बड़ी खबरें प्रस्तुत की गई हैं। इन खबरों में कहीं सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी दी गई है तो कहीं पुलिस द्वारा की गई कार्रवाईयों का विवरण शामिल है। दर्शक इन सभी महत्वपूर्ण अपडेट्स को DS7NEWS पर देख सकते हैं।
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    DS7NEWS प्लेटफॉर्म पर चित्तौड़गढ़ सहित कुल 10 विभिन्न शहरों से जुड़ी 10 बड़ी खबरें प्रस्तुत की गई हैं। इन खबरों में कहीं सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी दी गई है तो कहीं पुलिस द्वारा की गई कार्रवाईयों का विवरण शामिल है। दर्शक इन सभी महत्वपूर्ण अपडेट्स को DS7NEWS पर देख सकते हैं।
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    46 min ago
  • राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को उप जिला चिकित्सालय के रूप में क्रमोन्नत करने की मांग उठाई गई है। इस मांग के माध्यम से आसींद CHC के उन्नयन की अपेक्षा की जा रही है।
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    राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को उप जिला चिकित्सालय के रूप में क्रमोन्नत करने की मांग उठाई गई है। इस मांग के माध्यम से आसींद CHC के उन्नयन की अपेक्षा की जा रही है।
    user_आसींद मंजूर
    आसींद मंजूर
    Advertising Photographer आसींद, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • चित्तौड़गढ़ में नवागत एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने अपने एक्शन अवतार में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक ताबड़तोड़ अभियान चलाया है। इस सख्त कार्रवाई के तहत, पावटा चौक से गोलप्याऊ तक सड़क पर फैले अतिक्रमण को हटाया गया और नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान किए गए। अभियान के दौरान, सब्जियों के थलों को भी सड़क से हटवाया गया और दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने के निर्देश दिए गए। ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई से बाजार में व्याप्त अव्यवस्था पर रोक लगी और आमजन को काफी राहत मिली, जिससे शहर में एक बेहतर व्यवस्था कायम हुई।
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    चित्तौड़गढ़ में नवागत एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने अपने एक्शन अवतार में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक ताबड़तोड़ अभियान चलाया है। इस सख्त कार्रवाई के तहत, पावटा चौक से गोलप्याऊ तक सड़क पर फैले अतिक्रमण को हटाया गया और नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान किए गए। अभियान के दौरान, सब्जियों के थलों को भी सड़क से हटवाया गया और दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई से बाजार में व्याप्त अव्यवस्था पर रोक लगी और आमजन को काफी राहत मिली, जिससे शहर में एक बेहतर व्यवस्था कायम हुई।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ के मंडफिया-सांवलिया रोड पर एक निजी बस पलट गई। इस दुर्घटना में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए।
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    चित्तौड़गढ़ के मंडफिया-सांवलिया रोड पर एक निजी बस पलट गई। इस दुर्घटना में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए।
    user_(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ निमोनिया से पीड़ित एक साल की मासूम बच्ची को परिजनों ने 'डाम' लगा दिया। इस गलत पारंपरिक उपचार के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद मंगलवार को उसे गंभीर स्थिति में भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जानकारी देते हुए बताया कि जिले के शाहपुरा कस्बे की एक साल की बच्ची को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया है। बच्ची को मूलतः निमोनिया की शिकायत है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित अंधविश्वास के चलते उसे 'डाम' लगाया गया, जिससे उसकी स्थिति और खराब हो गई। बच्ची का उपचार शिशु रोग विशेषज्ञों द्वारा लगातार किया जा रहा है। डॉ. गौड़ ने इस तरह की कुप्रथाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर लोगों को इन प्रथाओं के बारे में समझाया नहीं जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहाँ से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और उन इलाकों में स्वयंसेवी संस्थाओं, एएनएम तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को अंधविश्वास के घातक परिणामों के प्रति सचेत कर मासूमों की जान बचाई जा सके।
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    राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ निमोनिया से पीड़ित एक साल की मासूम बच्ची को परिजनों ने 'डाम' लगा दिया। इस गलत पारंपरिक उपचार के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद मंगलवार को उसे गंभीर स्थिति में भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

मुख्य चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जानकारी देते हुए बताया कि जिले के शाहपुरा कस्बे की एक साल की बच्ची को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया है। बच्ची को मूलतः निमोनिया की शिकायत है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित अंधविश्वास के चलते उसे 'डाम' लगाया गया, जिससे उसकी स्थिति और खराब हो गई। बच्ची का उपचार शिशु रोग विशेषज्ञों द्वारा लगातार किया जा रहा है।

डॉ. गौड़ ने इस तरह की कुप्रथाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर लोगों को इन प्रथाओं के बारे में समझाया नहीं जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहाँ से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और उन इलाकों में स्वयंसेवी संस्थाओं, एएनएम तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को अंधविश्वास के घातक परिणामों के प्रति सचेत कर मासूमों की जान बचाई जा सके।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
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