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वाराणसी के सिंधोरा थाना क्षेत्र स्थित सेहमलपुर गांव में दबंगों द्वारा एक मां और बेटे की पिटाई का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।
गजेन्द्र कुमार सिंह
वाराणसी के सिंधोरा थाना क्षेत्र स्थित सेहमलपुर गांव में दबंगों द्वारा एक मां और बेटे की पिटाई का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।
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- एक ऑनलाइन एजुकेटर, जिन्हें 'कॉकरोच' नाम से संबोधित किया गया, ने खुद को एक ऑनलाइन शिक्षक बताया जो छात्रों को पढ़ाते हैं। जब उनसे उनकी शैक्षिक योग्यता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने यह जानकारी साझा करने से साफ इनकार कर दिया। 'कॉकरोच' ने आशंका जताई कि यदि वे अपनी योग्यता बताते हैं और कल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उनकी लोकेशन पर आ गए, तो उन्हें कौन संभालेगा।1
- सारनाथ थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हिरासत में लिए गए आरोपी बॉयफ्रेंड ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। जौनपुर निवासी आरोपी बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि छात्रा सुबह नौ बजे उसके लिए खाना लेकर पहुंची थी, जिसके बाद दोनों ने बातचीत की। जब उसे पता चला कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती है, तो उसने उस पर गर्भपात की दवा खाने का दबाव बनाया। छात्रा के इनकार के बावजूद, उसने जबरन उसे दवा लेने के लिए मजबूर किया। दवा के सेवन के ठीक डेढ़ घंटे बाद छात्रा की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई, उसे असहनीय दर्द हुआ और खून निकलने लगा। अस्पताल जाने की तैयारी के दौरान वह सीढ़ियों पर अचेत होकर गिर गई। आरोपी के मुताबिक, उसने गार्ड की मदद से छात्रा को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से भागकर जौनपुर चला गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों पिछले 18 महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आरोपी ने सात महीने पहले भी छात्रा को गर्भपात की दवा दी थी। उसे लगा था कि इस बार भी पहले की तरह सब ठीक हो जाएगा। आईएमएस बीएचयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने इस संदर्भ में बताया है कि नौ सप्ताह की प्रेग्नेंसी के बाद किसी भी तरह की गर्भपात की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिला के लिए जानलेवा हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं लेना बेहद खतरनाक है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रा किन परिस्थितियों में हॉस्टल पहुंची थी।1
- जौनपुर जिले के थाना केराकत अंतर्गत ग्राम धरौरा में खेत में मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गाँव के दो पड़ोसी परिवारों, जो आपस में पट्टिदार भी हैं, के बीच हुए इस झगड़े में 65 वर्षीय रामदुलार सरोज को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के संबंध में, परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना को लेकर जौनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की बाइट भी जारी की गई है।1
- चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के खोनपुर गांव में सोमवार को 24 वर्षीय ज्योति यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए मारपीट कर ज्योति की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के चाचा उमाशंकर यादव ने बलुआ थाने में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। धानामपुर थाना क्षेत्र के सरया गांव निवासी रमाशंकर यादव की बेटी ज्योति यादव का विवाह 12 मई 2019 को खोनपुर निवासी रंजीत यादव से हुआ था। मायके पक्ष का कहना है कि शादी में डेढ़ लाख नकद, अंगूठी, सिकड़ी और गाड़ी सहित अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले उनसे एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ज्योति को लगातार मारा-पीटा जाता था, जिसे लेकर कई बार पंचायतें भी हुईं और सुलह-समझौता भी कराया गया था। सोमवार को मायके पक्ष को ज्योति की मौत की सूचना मिली और उन्हें यह भी पता चला कि ससुराल वाले चोरी-छिपे उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थे। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बलुआ पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतका की दो मासूम बेटियां, 5 वर्षीय ज्योति और ढाई साल की प्रियांशी, इस घटना के बाद से सदमे में हैं। बलुआ थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था और अब परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।1
- सतीश पाल का एक 'सैड' गाना अब चर्चा में है। यह प्रस्तुति एक 'लव स्टेटस' के रूप में सामने आई है। इस 'म्यूजिक' से जुड़े छोटे वीडियो को 'वायरल' और 'ट्रेंडिंग' बताया जा रहा है, और इसे 'टॉप टेन' में भी शामिल किया गया है। वीडियो को 'गुड लुक' वाला भी बताया गया है।1
- वाराणसी के टांडा-कैथी में पीपा पुल को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद, अब यहां यात्रियों के लिए मुफ्त सरकारी नाव सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। स्थानीय जनता अब भी एक स्थायी पक्के पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए हुए है।1
- अब पाकिस्तानियों ने खुद ही इस बात के सबूत पेश किए हैं कि भारत ने बहुत जोरदार कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप आंतक के तीन ठिकाने अब समतल मैदान में बदल गए हैं। यह खबर बीबीसी उर्दू सर्विस के पाकिस्तानी रिपोर्टरों के हवाले से सामने आई है। इस घटना को प्रधानमंत्री के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "ये नया भारत है, घुसकर मारता है", खासकर उन लोगों के संदर्भ में जिन्होंने तब इस दावे के सबूत मांगे थे।1
- मंगलवार शाम, वाराणसी जिले के पिंडरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल मजबूत करने के उद्देश्य से 91वीं बटालियन आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिराव चौकी के अंतर्गत विभिन्न बाजारों और गांवों में किया गया। आरएएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार ओझा के निर्देश पर सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह मार्च कठिराव, नयेपुर, ताड़ी, बरही नेवादा और कुआर सहित लगभग आधा दर्जन प्रमुख बाजारों में भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। शुरुआत में, इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को अचानक देखकर ग्रामीणों में किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर थोड़ी चिंता दिखी। हालांकि, फ्लैग मार्च का उद्देश्य स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की और कई स्थानों पर इसकी तस्वीरें भी खींचीं। अधिकारियों ने बताया कि इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखना और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त फ्लैग मार्च में आरएएफ के इंस्पेक्टर तेज सिंह यादव, अमित सिंह, फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, कठिराव चौकी प्रभारी जितेंद्र वर्मा, उपनिरीक्षक रितेश कुमार, राम सिंह, अनिल यादव, आकाश सिंह सहित आरएएफ और पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।2