चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के खोनपुर गांव में सोमवार को 24 वर्षीय ज्योति यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए मारपीट कर ज्योति की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के चाचा उमाशंकर यादव ने बलुआ थाने में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। धानामपुर थाना क्षेत्र के सरया गांव निवासी रमाशंकर यादव की बेटी ज्योति यादव का विवाह 12 मई 2019 को खोनपुर निवासी रंजीत यादव से हुआ था। मायके पक्ष का कहना है कि शादी में डेढ़ लाख नकद, अंगूठी, सिकड़ी और गाड़ी सहित अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले उनसे एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ज्योति को लगातार मारा-पीटा जाता था, जिसे लेकर कई बार पंचायतें भी हुईं और सुलह-समझौता भी कराया गया था। सोमवार को मायके पक्ष को ज्योति की मौत की सूचना मिली और उन्हें यह भी पता चला कि ससुराल वाले चोरी-छिपे उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थे। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बलुआ पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतका की दो मासूम बेटियां, 5 वर्षीय ज्योति और ढाई साल की प्रियांशी, इस घटना के बाद से सदमे में हैं। बलुआ थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था और अब परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के खोनपुर गांव में सोमवार को 24 वर्षीय ज्योति यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए मारपीट कर ज्योति की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के चाचा उमाशंकर यादव ने बलुआ थाने में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। धानामपुर थाना क्षेत्र के सरया गांव निवासी रमाशंकर यादव की बेटी ज्योति यादव का विवाह 12 मई 2019 को खोनपुर निवासी रंजीत यादव से हुआ था। मायके पक्ष का कहना है कि शादी में डेढ़ लाख नकद, अंगूठी, सिकड़ी और गाड़ी सहित अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले उनसे एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ज्योति को लगातार मारा-पीटा जाता था, जिसे लेकर कई बार पंचायतें भी हुईं और सुलह-समझौता भी कराया गया था। सोमवार को मायके पक्ष को ज्योति की मौत की सूचना मिली और उन्हें यह भी पता चला कि ससुराल वाले चोरी-छिपे उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थे। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बलुआ पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतका की दो मासूम बेटियां, 5 वर्षीय ज्योति और ढाई साल की प्रियांशी, इस घटना के बाद से सदमे में हैं। बलुआ थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था और अब परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से कुछ दुकानदारों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे गलत बताया। एक रेहड़ी वाले ने कहा कि वे पहले ही महंगाई से परेशान हैं और उनकी रोज की दुकानदारी भी ठीक से नहीं चलती। उन्होंने इस सरकारी कदम को गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा बताया। दुकानदारों का आरोप था कि त्योहारी सीजन में थोड़ी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन चालान के डर से उनका काम ठप हो गया है, जिससे सरकार उन गरीबों का रोजगार छीन रही है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने इस अभियान को जायज ठहराते हुए बताया कि सारनाथ एक बौद्ध पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। सड़क पर अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह अभियान आवश्यक था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।1
- वाराणसी के टांडा-कैथी में पीपा पुल को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद, अब यहां यात्रियों के लिए मुफ्त सरकारी नाव सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। स्थानीय जनता अब भी एक स्थायी पक्के पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए हुए है।1
- अब पाकिस्तानियों ने खुद ही इस बात के सबूत पेश किए हैं कि भारत ने बहुत जोरदार कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप आंतक के तीन ठिकाने अब समतल मैदान में बदल गए हैं। यह खबर बीबीसी उर्दू सर्विस के पाकिस्तानी रिपोर्टरों के हवाले से सामने आई है। इस घटना को प्रधानमंत्री के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "ये नया भारत है, घुसकर मारता है", खासकर उन लोगों के संदर्भ में जिन्होंने तब इस दावे के सबूत मांगे थे।1
- एक ऑनलाइन एजुकेटर, जिन्हें 'कॉकरोच' नाम से संबोधित किया गया, ने खुद को एक ऑनलाइन शिक्षक बताया जो छात्रों को पढ़ाते हैं। जब उनसे उनकी शैक्षिक योग्यता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने यह जानकारी साझा करने से साफ इनकार कर दिया। 'कॉकरोच' ने आशंका जताई कि यदि वे अपनी योग्यता बताते हैं और कल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उनकी लोकेशन पर आ गए, तो उन्हें कौन संभालेगा।1
- चंदौली में हुई दिशा की बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के संबंध में भाजपा नेता सूर्यमुनि तिवारी का उल्लेख किया गया है।1
- सारनाथ थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हिरासत में लिए गए आरोपी बॉयफ्रेंड ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। जौनपुर निवासी आरोपी बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि छात्रा सुबह नौ बजे उसके लिए खाना लेकर पहुंची थी, जिसके बाद दोनों ने बातचीत की। जब उसे पता चला कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती है, तो उसने उस पर गर्भपात की दवा खाने का दबाव बनाया। छात्रा के इनकार के बावजूद, उसने जबरन उसे दवा लेने के लिए मजबूर किया। दवा के सेवन के ठीक डेढ़ घंटे बाद छात्रा की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई, उसे असहनीय दर्द हुआ और खून निकलने लगा। अस्पताल जाने की तैयारी के दौरान वह सीढ़ियों पर अचेत होकर गिर गई। आरोपी के मुताबिक, उसने गार्ड की मदद से छात्रा को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से भागकर जौनपुर चला गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों पिछले 18 महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आरोपी ने सात महीने पहले भी छात्रा को गर्भपात की दवा दी थी। उसे लगा था कि इस बार भी पहले की तरह सब ठीक हो जाएगा। आईएमएस बीएचयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने इस संदर्भ में बताया है कि नौ सप्ताह की प्रेग्नेंसी के बाद किसी भी तरह की गर्भपात की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिला के लिए जानलेवा हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं लेना बेहद खतरनाक है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रा किन परिस्थितियों में हॉस्टल पहुंची थी।1
- चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।1
- चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र स्थित मुहम्मदाबाद गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक नवविवाहिता अपने पति के साथ रहने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही चकिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। काफी देर तक चली बातचीत और पुलिस व स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बताया जा रहा है कि युवती का करीब दो माह पूर्व प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही पारिवारिक विवाद के कारण पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ गई थी। इसी बात से आहत होकर युवती ने पति के साथ रहने की जिद में यह कदम उठाया था। पुलिस के अनुसार, युवती मानसिक रूप से परेशान थी, जिसे समझाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का समाधान कराने का प्रयास कर रही है। घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने या आत्मघाती कदम उठाने के बजाय प्रशासन और परिजनों की मदद लें।1