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चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।

2 hrs ago
user_NEWS 2 INDIA
NEWS 2 INDIA
TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।

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  • वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से कुछ दुकानदारों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे गलत बताया। एक रेहड़ी वाले ने कहा कि वे पहले ही महंगाई से परेशान हैं और उनकी रोज की दुकानदारी भी ठीक से नहीं चलती। उन्होंने इस सरकारी कदम को गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा बताया। दुकानदारों का आरोप था कि त्योहारी सीजन में थोड़ी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन चालान के डर से उनका काम ठप हो गया है, जिससे सरकार उन गरीबों का रोजगार छीन रही है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने इस अभियान को जायज ठहराते हुए बताया कि सारनाथ एक बौद्ध पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। सड़क पर अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह अभियान आवश्यक था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
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    वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा।

इस कार्रवाई से कुछ दुकानदारों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे गलत बताया। एक रेहड़ी वाले ने कहा कि वे पहले ही महंगाई से परेशान हैं और उनकी रोज की दुकानदारी भी ठीक से नहीं चलती। उन्होंने इस सरकारी कदम को गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा बताया। दुकानदारों का आरोप था कि त्योहारी सीजन में थोड़ी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन चालान के डर से उनका काम ठप हो गया है, जिससे सरकार उन गरीबों का रोजगार छीन रही है।

वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने इस अभियान को जायज ठहराते हुए बताया कि सारनाथ एक बौद्ध पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। सड़क पर अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह अभियान आवश्यक था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मानसून के आगमन के साथ ही पीपा पुल पर आवागमन रुक गया है। इस कारण कैथी और टांडा के बीच का सीधा संपर्क बाधित हो गया है।
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    मानसून के आगमन के साथ ही पीपा पुल पर आवागमन रुक गया है। इस कारण कैथी और टांडा के बीच का सीधा संपर्क बाधित हो गया है।
    user_जनता न्यूज टीवी
    जनता न्यूज टीवी
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मंगलवार शाम, वाराणसी जिले के पिंडरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल मजबूत करने के उद्देश्य से 91वीं बटालियन आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिराव चौकी के अंतर्गत विभिन्न बाजारों और गांवों में किया गया। आरएएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार ओझा के निर्देश पर सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह मार्च कठिराव, नयेपुर, ताड़ी, बरही नेवादा और कुआर सहित लगभग आधा दर्जन प्रमुख बाजारों में भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। शुरुआत में, इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को अचानक देखकर ग्रामीणों में किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर थोड़ी चिंता दिखी। हालांकि, फ्लैग मार्च का उद्देश्य स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की और कई स्थानों पर इसकी तस्वीरें भी खींचीं। अधिकारियों ने बताया कि इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखना और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त फ्लैग मार्च में आरएएफ के इंस्पेक्टर तेज सिंह यादव, अमित सिंह, फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, कठिराव चौकी प्रभारी जितेंद्र वर्मा, उपनिरीक्षक रितेश कुमार, राम सिंह, अनिल यादव, आकाश सिंह सहित आरएएफ और पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।
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    मंगलवार शाम, वाराणसी जिले के पिंडरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल मजबूत करने के उद्देश्य से 91वीं बटालियन आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिराव चौकी के अंतर्गत विभिन्न बाजारों और गांवों में किया गया। आरएएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार ओझा के निर्देश पर सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह मार्च कठिराव, नयेपुर, ताड़ी, बरही नेवादा और कुआर सहित लगभग आधा दर्जन प्रमुख बाजारों में भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की।

शुरुआत में, इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को अचानक देखकर ग्रामीणों में किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर थोड़ी चिंता दिखी। हालांकि, फ्लैग मार्च का उद्देश्य स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की और कई स्थानों पर इसकी तस्वीरें भी खींचीं। अधिकारियों ने बताया कि इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखना और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त फ्लैग मार्च में आरएएफ के इंस्पेक्टर तेज सिंह यादव, अमित सिंह, फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, कठिराव चौकी प्रभारी जितेंद्र वर्मा, उपनिरीक्षक रितेश कुमार, राम सिंह, अनिल यादव, आकाश सिंह सहित आरएएफ और पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    5 hrs ago
  • चंदौली में खुदाई के दौरान किसानों पर मिट्टी बेचने और बैंक का निर्माण न करने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के जवाब में पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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    चंदौली में खुदाई के दौरान किसानों पर मिट्टी बेचने और बैंक का निर्माण न करने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के जवाब में पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सारनाथ थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हिरासत में लिए गए आरोपी बॉयफ्रेंड ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। जौनपुर निवासी आरोपी बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि छात्रा सुबह नौ बजे उसके लिए खाना लेकर पहुंची थी, जिसके बाद दोनों ने बातचीत की। जब उसे पता चला कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती है, तो उसने उस पर गर्भपात की दवा खाने का दबाव बनाया। छात्रा के इनकार के बावजूद, उसने जबरन उसे दवा लेने के लिए मजबूर किया। दवा के सेवन के ठीक डेढ़ घंटे बाद छात्रा की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई, उसे असहनीय दर्द हुआ और खून निकलने लगा। अस्पताल जाने की तैयारी के दौरान वह सीढ़ियों पर अचेत होकर गिर गई। आरोपी के मुताबिक, उसने गार्ड की मदद से छात्रा को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से भागकर जौनपुर चला गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों पिछले 18 महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आरोपी ने सात महीने पहले भी छात्रा को गर्भपात की दवा दी थी। उसे लगा था कि इस बार भी पहले की तरह सब ठीक हो जाएगा। आईएमएस बीएचयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने इस संदर्भ में बताया है कि नौ सप्ताह की प्रेग्नेंसी के बाद किसी भी तरह की गर्भपात की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिला के लिए जानलेवा हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं लेना बेहद खतरनाक है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रा किन परिस्थितियों में हॉस्टल पहुंची थी।
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    सारनाथ थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हिरासत में लिए गए आरोपी बॉयफ्रेंड ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं।

जौनपुर निवासी आरोपी बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि छात्रा सुबह नौ बजे उसके लिए खाना लेकर पहुंची थी, जिसके बाद दोनों ने बातचीत की। जब उसे पता चला कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती है, तो उसने उस पर गर्भपात की दवा खाने का दबाव बनाया। छात्रा के इनकार के बावजूद, उसने जबरन उसे दवा लेने के लिए मजबूर किया। दवा के सेवन के ठीक डेढ़ घंटे बाद छात्रा की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई, उसे असहनीय दर्द हुआ और खून निकलने लगा। अस्पताल जाने की तैयारी के दौरान वह सीढ़ियों पर अचेत होकर गिर गई। आरोपी के मुताबिक, उसने गार्ड की मदद से छात्रा को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से भागकर जौनपुर चला गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों पिछले 18 महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आरोपी ने सात महीने पहले भी छात्रा को गर्भपात की दवा दी थी। उसे लगा था कि इस बार भी पहले की तरह सब ठीक हो जाएगा।

आईएमएस बीएचयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने इस संदर्भ में बताया है कि नौ सप्ताह की प्रेग्नेंसी के बाद किसी भी तरह की गर्भपात की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिला के लिए जानलेवा हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं लेना बेहद खतरनाक है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रा किन परिस्थितियों में हॉस्टल पहुंची थी।
    user_Mr dhanish
    Mr dhanish
    Pindra, Varanasi•
    19 hrs ago
  • चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। तिवारी ने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं।
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    चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। तिवारी ने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    16 min ago
  • चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।
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    चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं।

सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं।

सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित लावड़ कस्बे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता संगीत सिंह सोम पर मुस्लिम महिलाओं ने फूलों के साथ नोटों की बारिश की। संगीत सिंह सोम, जो मुस्लिम विरोधी बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, उस समय लावड़ की गलियों में घूम रहे थे जब मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने उनके ऊपर पुष्प और नोट बरसाए।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित लावड़ कस्बे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता संगीत सिंह सोम पर मुस्लिम महिलाओं ने फूलों के साथ नोटों की बारिश की। संगीत सिंह सोम, जो मुस्लिम विरोधी बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, उस समय लावड़ की गलियों में घूम रहे थे जब मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने उनके ऊपर पुष्प और नोट बरसाए।
    user_अचूक रणनीति अख़बार
    अचूक रणनीति अख़बार
    Newspaper publisher सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जयपुर के शहीद स्मारक पर एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारा गया है। अभिजीत नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जहाँ बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए थे। इस घटना के तुरंत बाद, पार्टी के समर्थकों ने अभिजीत को थप्पड़ मारने वाले दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद, समर्थकों ने उन दोनों युवकों की पिटाई कर दी।
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    जयपुर के शहीद स्मारक पर एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारा गया है। अभिजीत नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जहाँ बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए थे।

इस घटना के तुरंत बाद, पार्टी के समर्थकों ने अभिजीत को थप्पड़ मारने वाले दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद, समर्थकों ने उन दोनों युवकों की पिटाई कर दी।
    user_अचूक रणनीति अख़बार
    अचूक रणनीति अख़बार
    Newspaper publisher सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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