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चंदौली में खुदाई के दौरान किसानों पर मिट्टी बेचने और बैंक का निर्माण न करने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के जवाब में पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Ajay Singh
चंदौली में खुदाई के दौरान किसानों पर मिट्टी बेचने और बैंक का निर्माण न करने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के जवाब में पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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- चंदौली में हुई दिशा की बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के संबंध में भाजपा नेता सूर्यमुनि तिवारी का उल्लेख किया गया है।1
- ओवैसी ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक समझा। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इन दोनों प्रमुख दलों ने मुसलमानों को कोई वास्तविक हिस्सेदारी या भागीदारी प्रदान नहीं की।1
- वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले और रेहड़ी-पटरी के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर मौके से भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे फुटपाथ और सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई पर दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सरकार उनका रोजगार छीन रही है।1
- वाराणसी के अस्सी घाट पर मंगलवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने 'जन-जन का हो यही प्रयास, स्वच्छ रहे हर गंगा घाट' के नारे के साथ एक स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान देश को एक सूत्र में बांधने वाली मां गंगा की निर्मलता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में इस जन-अभियान में स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों को शामिल होने की अपील की गई। अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन तथा अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाकर कूड़ेदान तक पहुँचाया। साथ ही, आम जनता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली में अपनाने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करने हेतु कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। स्वयंसेवकों ने हाथों में 'गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है' और 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई। इस श्रमदान में महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी, विधि दीक्षित और राहुल खन्ना सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि धर्म तभी सार्थक होता है जब प्रकृति और अपनी गंगा माँ का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान, स्वच्छता का संकल्प है और गंगा हमारी धरोहर है जिसकी निर्मलता बनाए रखना हमारा परम कर्तव्य है। गंगा सेवक नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने भी कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे निर्मल बनाए रखने को हर नागरिक का कर्तव्य बताते हुए कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी जीवनरेखा है और छोटी-छोटी पहल ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं।1
- वाराणसी के टांडा-कैथी में पीपा पुल को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद, अब यहां यात्रियों के लिए मुफ्त सरकारी नाव सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। स्थानीय जनता अब भी एक स्थायी पक्के पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए हुए है।1
- अब पाकिस्तानियों ने खुद ही इस बात के सबूत पेश किए हैं कि भारत ने बहुत जोरदार कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप आंतक के तीन ठिकाने अब समतल मैदान में बदल गए हैं। यह खबर बीबीसी उर्दू सर्विस के पाकिस्तानी रिपोर्टरों के हवाले से सामने आई है। इस घटना को प्रधानमंत्री के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "ये नया भारत है, घुसकर मारता है", खासकर उन लोगों के संदर्भ में जिन्होंने तब इस दावे के सबूत मांगे थे।1
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- चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र स्थित मुहम्मदाबाद गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक नवविवाहिता अपने पति के साथ रहने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही चकिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। काफी देर तक चली बातचीत और पुलिस व स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बताया जा रहा है कि युवती का करीब दो माह पूर्व प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही पारिवारिक विवाद के कारण पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ गई थी। इसी बात से आहत होकर युवती ने पति के साथ रहने की जिद में यह कदम उठाया था। पुलिस के अनुसार, युवती मानसिक रूप से परेशान थी, जिसे समझाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का समाधान कराने का प्रयास कर रही है। घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने या आत्मघाती कदम उठाने के बजाय प्रशासन और परिजनों की मदद लें।1