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ओवैसी ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक समझा। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इन दोनों प्रमुख दलों ने मुसलमानों को कोई वास्तविक हिस्सेदारी या भागीदारी प्रदान नहीं की।
दीवान इमरान अहमद
ओवैसी ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक समझा। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इन दोनों प्रमुख दलों ने मुसलमानों को कोई वास्तविक हिस्सेदारी या भागीदारी प्रदान नहीं की।
- User7211Bijnor, Uttar Pradesh😡1 hr ago
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- चंदौली के सकलडीहा में उपजिलाधिकारी (SDM) कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह ने तहसील का निरीक्षण किया।1
- ओवैसी ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक समझा। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इन दोनों प्रमुख दलों ने मुसलमानों को कोई वास्तविक हिस्सेदारी या भागीदारी प्रदान नहीं की।1
- चंदौली के धीना स्थित धानापुर क्षेत्र के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान रोकने की माँग को लेकर किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा, जिसे सकलडीहा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजीव सिंह का समर्थन मिला। सिंह, गंगा कटान से संबंधित खबरें पढ़ने के बाद धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों की समस्याएँ सुनीं। किसान पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने संजीव सिंह को बताया कि गंगा कटान रोकथाम के लिए लगभग ₹10 करोड़ की लागत से कराए गए कार्य पूरी तरह से गंगा में समाहित हो चुके हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं और किसानों के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं करते। किसान नेता दीनालाल श्रीवास्तव ने मिर्जापुर से आई गंगा कटान रोकथाम कार्यों की जाँच टीम की प्रक्रिया पर भी असंतोष जताया, क्योंकि टीम के सदस्यों ने अपना परिचय तक नहीं दिया, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने खुद को एसडीओ बताया था। किसानों ने जाँच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उन्हें इसकी जानकारी देने की माँग की है। संजीव सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को सांसद वीरेंद्र प्रताप सिंह और विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से बात कर सदन में उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कटान रोकथाम कार्यों में यदि कोई अनियमितता या घोटाला हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों से रिकवरी की जाएगी और गंगा कटान को स्थायी रूप से रोकने के लिए प्रभावी कार्य कराया जाएगा। इस धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, दुर्गेश सिंह उर्फ नारायण कुमार सिंह, अभिनव सिंह, पिंटू शर्मा, रामअवध सिंह यादव सहित कई अन्य किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।2
- अधिकारियों द्वारा सरकारी पैसे का मिल-बांट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले की गहन जांच कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की गई है।4
- राजस्थान के कोटा में प्रसव के बाद कई महिलाओं की मौत से पूरा देश हिल गया है। इस मामले की जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के एक विशेष बैच पर गंभीर सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जब्त किए गए इंजेक्शन के वायल गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है। इन दर्दनाक मौतों के संबंध में कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं: आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? क्या यह सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है? क्या दोषियों पर किसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी? और सबसे महत्वपूर्ण, पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलेगा? ये ऐसे प्रश्न हैं जिन पर गहन विचार और तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, मौतों और इन इंजेक्शनों के बीच अंतिम संबंध की जांच अभी भी जारी है। मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- एक पीड़ित ने बड़ा दावा किया है कि लेखपाल की मिलीभगत सत्य है, जिससे भ्रष्टाचार या पक्षपात का सवाल खड़ा हो गया है। इस गंभीर आरोप के बाद, अब सभी की निगाहें एसडीएम द्वारा की जाने वाली जांच पर टिकी हैं।1
- चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र स्थित मुहम्मदाबाद गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक नवविवाहिता अपने पति के साथ रहने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही चकिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। काफी देर तक चली बातचीत और पुलिस व स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बताया जा रहा है कि युवती का करीब दो माह पूर्व प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही पारिवारिक विवाद के कारण पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ गई थी। इसी बात से आहत होकर युवती ने पति के साथ रहने की जिद में यह कदम उठाया था। पुलिस के अनुसार, युवती मानसिक रूप से परेशान थी, जिसे समझाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का समाधान कराने का प्रयास कर रही है। घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने या आत्मघाती कदम उठाने के बजाय प्रशासन और परिजनों की मदद लें।1