चंदौली के धीना स्थित धानापुर क्षेत्र के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान रोकने की माँग को लेकर किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा, जिसे सकलडीहा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजीव सिंह का समर्थन मिला। सिंह, गंगा कटान से संबंधित खबरें पढ़ने के बाद धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों की समस्याएँ सुनीं। किसान पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने संजीव सिंह को बताया कि गंगा कटान रोकथाम के लिए लगभग ₹10 करोड़ की लागत से कराए गए कार्य पूरी तरह से गंगा में समाहित हो चुके हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं और किसानों के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं करते। किसान नेता दीनालाल श्रीवास्तव ने मिर्जापुर से आई गंगा कटान रोकथाम कार्यों की जाँच टीम की प्रक्रिया पर भी असंतोष जताया, क्योंकि टीम के सदस्यों ने अपना परिचय तक नहीं दिया, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने खुद को एसडीओ बताया था। किसानों ने जाँच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उन्हें इसकी जानकारी देने की माँग की है। संजीव सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को सांसद वीरेंद्र प्रताप सिंह और विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से बात कर सदन में उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कटान रोकथाम कार्यों में यदि कोई अनियमितता या घोटाला हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों से रिकवरी की जाएगी और गंगा कटान को स्थायी रूप से रोकने के लिए प्रभावी कार्य कराया जाएगा। इस धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, दुर्गेश सिंह उर्फ नारायण कुमार सिंह, अभिनव सिंह, पिंटू शर्मा, रामअवध सिंह यादव सहित कई अन्य किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।
चंदौली के धीना स्थित धानापुर क्षेत्र के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान रोकने की माँग को लेकर किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा, जिसे सकलडीहा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजीव सिंह का समर्थन मिला। सिंह, गंगा कटान से संबंधित खबरें पढ़ने के बाद धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों की समस्याएँ सुनीं। किसान पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने संजीव सिंह को बताया कि गंगा कटान रोकथाम के लिए लगभग ₹10 करोड़ की लागत से कराए गए कार्य पूरी तरह से गंगा में समाहित हो चुके हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं और किसानों के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं करते। किसान नेता दीनालाल श्रीवास्तव ने मिर्जापुर से आई गंगा कटान रोकथाम कार्यों की जाँच टीम की प्रक्रिया
पर भी असंतोष जताया, क्योंकि टीम के सदस्यों ने अपना परिचय तक नहीं दिया, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने खुद को एसडीओ बताया था। किसानों ने जाँच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उन्हें इसकी जानकारी देने की माँग की है। संजीव सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को सांसद वीरेंद्र प्रताप सिंह और विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से बात कर सदन में उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कटान रोकथाम कार्यों में यदि कोई अनियमितता या घोटाला हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों से रिकवरी की जाएगी और गंगा कटान को स्थायी रूप से रोकने के लिए प्रभावी कार्य कराया जाएगा। इस धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, दुर्गेश सिंह उर्फ नारायण कुमार सिंह, अभिनव सिंह, पिंटू शर्मा, रामअवध सिंह यादव सहित कई अन्य किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।
- चंदौली के धीना स्थित धानापुर क्षेत्र के गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान रोकने की माँग को लेकर किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा, जिसे सकलडीहा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजीव सिंह का समर्थन मिला। सिंह, गंगा कटान से संबंधित खबरें पढ़ने के बाद धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों की समस्याएँ सुनीं। किसान पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने संजीव सिंह को बताया कि गंगा कटान रोकथाम के लिए लगभग ₹10 करोड़ की लागत से कराए गए कार्य पूरी तरह से गंगा में समाहित हो चुके हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं और किसानों के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं करते। किसान नेता दीनालाल श्रीवास्तव ने मिर्जापुर से आई गंगा कटान रोकथाम कार्यों की जाँच टीम की प्रक्रिया पर भी असंतोष जताया, क्योंकि टीम के सदस्यों ने अपना परिचय तक नहीं दिया, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने खुद को एसडीओ बताया था। किसानों ने जाँच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उन्हें इसकी जानकारी देने की माँग की है। संजीव सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को सांसद वीरेंद्र प्रताप सिंह और विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से बात कर सदन में उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कटान रोकथाम कार्यों में यदि कोई अनियमितता या घोटाला हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों से रिकवरी की जाएगी और गंगा कटान को स्थायी रूप से रोकने के लिए प्रभावी कार्य कराया जाएगा। इस धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, दुर्गेश सिंह उर्फ नारायण कुमार सिंह, अभिनव सिंह, पिंटू शर्मा, रामअवध सिंह यादव सहित कई अन्य किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।2
- चंदौली में चहनियां सैदपुर रोड पर बैरियर लगाए जाने के बाद सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव वहां मौजूद थे।1
- चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने चचेरे भाई पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। यह घटना रिश्तों को शर्मसार करने वाली बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- चंदौली जिले के मुग़लसराय स्थित पराहूपुर में गेल गैस लीक होने की सूचना से इलाके में डर का माहौल बन गया। घटना की खबर मिलते ही फायर टीम और गेल के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। इन टीमों ने मिलकर लीकेज को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया।1
- राजस्थान के कोटा में प्रसव के बाद कई महिलाओं की मौत से पूरा देश हिल गया है। इस मामले की जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के एक विशेष बैच पर गंभीर सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जब्त किए गए इंजेक्शन के वायल गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है। इन दर्दनाक मौतों के संबंध में कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं: आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? क्या यह सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है? क्या दोषियों पर किसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी? और सबसे महत्वपूर्ण, पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलेगा? ये ऐसे प्रश्न हैं जिन पर गहन विचार और तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, मौतों और इन इंजेक्शनों के बीच अंतिम संबंध की जांच अभी भी जारी है। मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- यह सलाह दी गई है कि सोलर सिस्टम लगाते समय ग्राहकों को केवल सस्ते विकल्पों के बजाय अच्छी क्वालिटी वाले सिस्टम को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सोलर सिस्टम स्थापित करते वक्त हमेशा गुणवत्ता का ही चयन करना महत्वपूर्ण है।1
- वाराणसी के भेलूपुर स्थित शकुलधारा पोखरा क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए, क्षेत्रीय पार्षद अशोक सेठ और नगर निगम सुपरवाइजर राजकुमार ने मिलकर स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को गर्मी से राहत दिलाना है, जिसके तहत विशेष रूप से पेयजल की आपूर्ति और अन्य आवश्यक राहत कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल के तहत, वाराणसी नगर निगम भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।4