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वाराणसी के भेलूपुर स्थित शकुलधारा पोखरा क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए, क्षेत्रीय पार्षद अशोक सेठ और नगर निगम सुपरवाइजर राजकुमार ने मिलकर स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को गर्मी से राहत दिलाना है, जिसके तहत विशेष रूप से पेयजल की आपूर्ति और अन्य आवश्यक राहत कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल के तहत, वाराणसी नगर निगम भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
@karanBhaskar
वाराणसी के भेलूपुर स्थित शकुलधारा पोखरा क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए, क्षेत्रीय पार्षद अशोक सेठ और नगर निगम सुपरवाइजर राजकुमार ने मिलकर स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को गर्मी से राहत दिलाना है, जिसके तहत विशेष रूप से पेयजल की आपूर्ति और अन्य आवश्यक राहत कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल के तहत, वाराणसी नगर निगम भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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- चंदौली जिले के सकलडीहा में SDM कुंदन राज कपूर ने किसानों की समस्याओं का निदान किया। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से जुड़ी समस्याओं को संबोधित करते हुए उनके समाधान पर कार्य किया।1
- वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले और रेहड़ी-पटरी के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर मौके से भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे फुटपाथ और सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई पर दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सरकार उनका रोजगार छीन रही है।1
- वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई दुकानदार अपना ठेला और सामान समेटकर भागते नजर आए। इस अभियान के दौरान सड़क पर अवैध रूप से दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों का चालान काटा गया और उनसे जुर्माना भी वसूला गया। नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण न करें, अन्यथा अगली बार उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से कुछ दुकानदारों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे गलत बताया। एक रेहड़ी वाले ने कहा कि वे पहले ही महंगाई से परेशान हैं और उनकी रोज की दुकानदारी भी ठीक से नहीं चलती। उन्होंने इस सरकारी कदम को गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा बताया। दुकानदारों का आरोप था कि त्योहारी सीजन में थोड़ी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन चालान के डर से उनका काम ठप हो गया है, जिससे सरकार उन गरीबों का रोजगार छीन रही है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने इस अभियान को जायज ठहराते हुए बताया कि सारनाथ एक बौद्ध पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। सड़क पर अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह अभियान आवश्यक था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।1
- मानसून के आगमन के साथ ही पीपा पुल पर आवागमन रुक गया है। इस कारण कैथी और टांडा के बीच का सीधा संपर्क बाधित हो गया है।1
- वाराणसी में सिगरा पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को अवैध अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 37 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस बरामदगी में 153 पाउच, 33 अन्य पाउच और विभिन्न ब्रांड की शराब शामिल है, जिसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1
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- चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। तिवारी ने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं।1
- चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता एवं जनसेवक सूर्यमुनि तिवारी ने समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को घेरा है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया, साथ ही इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों का अपमान लोकतंत्र का अपमान है, क्योंकि वे जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने विकास कार्यों की समीक्षा वाली बैठकों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि पत्रकार जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंदौली के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि डॉ. पाण्डेय पत्रकारों का हमेशा सम्मान करते थे, उनकी बात सुनते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते थे, जिनका व्यवहार सदैव सकारात्मक रहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने के लिए चुना है और पत्रकार इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। सूर्यमुनि तिवारी ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारों को उनके काम में बाधा न पहुंचाई जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा कि पार्टी हमेशा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में रही है और पत्रकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेगी। अंत में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं, और पत्रकारों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।1
- चंदौली में हुई दिशा की बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के संबंध में भाजपा नेता सूर्यमुनि तिवारी का उल्लेख किया गया है।1