बुढ़ार में खाकी पर गंभीर आरोप: अधिवक्ता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सिर फूटा, कान जख्मी; बचाने पहुंचे साथियों पर भी बरसीं लाठियां शहडोल। कानून की किताबों में दर्ज अधिकार और वर्दी की जिम्मेदारी उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब बुढ़ार में एक अधिवक्ता के साथ कथित पुलिसिया मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता को इस कदर पीटा कि उनका सिर फट गया, कान में चोट आई और शरीर पर जगह-जगह लाठियों के निशान उभर आए। इतना ही नहीं, जब उनके साथी उन्हें बचाने के लिए आगे आए तो कथित तौर पर उन्हें भी पुलिस की मार झेलनी पड़ी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती के समीप रहने वाले अधिवक्ता अभिनव पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में हिसाब-किताब का काम पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनका समूह बुढ़ार बस स्टैंड के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता अपने साथियों के साथ फोन पर बातचीत कर रहे थे, तभी पुलिस वाहन से पहुंचे बुढ़ार थाने के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि पूछताछ या बातचीत के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्ष आरोपों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। हमले में उनके सिर से खून बहने लगा और कान भी जख्मी हो गया। शरीर पर दिखाई दे रहे लाल और काले निशान कथित मारपीट की गंभीरता को बयां कर रहे हैं। अधिवक्ता को पुलिसकर्मियों के चंगुल से बचाने पहुंचे उनके साथियों के साथ भी मारपीट किए जाने के आरोप हैं। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, बचाव में क्या थी मजबूरी? इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। आरोपों के दूसरे पक्ष के अनुसार, अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे थे और उनके साथ झूमाझपटी की स्थिति बन गई थी। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर इसी परिस्थिति में अपने बचाव में कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि, सवाल यह है कि यदि मौके पर विवाद हुआ भी था तो क्या स्थिति को नियंत्रित करने का यही तरीका था? क्या किसी व्यक्ति के साथ इतनी गंभीर मारपीट आवश्यक थी? और यदि बीच-बचाव करने वाले लोग भी घायल हुए हैं तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? शिकायत मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई मामले में धनपुरी एसडीओपी का कहना है कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में मीडिया के माध्यम से आया है। फिलहाल पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिवक्ता की ओर से औपचारिक शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। वर्दी पर लगे आरोपों का सच सामने आना जरूरी है, क्योंकि कानून से ऊपर न तो कोई नागरिक है और न ही कानून की रक्षा करने वाली वर्दी।
बुढ़ार में खाकी पर गंभीर आरोप: अधिवक्ता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सिर फूटा, कान जख्मी; बचाने पहुंचे साथियों पर भी बरसीं लाठियां शहडोल। कानून की किताबों में दर्ज अधिकार और वर्दी की जिम्मेदारी उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब बुढ़ार में एक अधिवक्ता के साथ कथित पुलिसिया मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता को इस कदर पीटा कि उनका सिर फट गया, कान में चोट आई और शरीर पर जगह-जगह लाठियों के निशान उभर आए। इतना ही नहीं, जब उनके साथी उन्हें बचाने के लिए आगे आए तो कथित तौर पर उन्हें भी पुलिस की मार झेलनी पड़ी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी
बस्ती के समीप रहने वाले अधिवक्ता अभिनव पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में हिसाब-किताब का काम पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनका समूह बुढ़ार बस स्टैंड के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता अपने साथियों के साथ फोन पर बातचीत कर रहे थे, तभी पुलिस वाहन से पहुंचे बुढ़ार थाने के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि पूछताछ या बातचीत के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्ष आरोपों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। हमले में उनके सिर से खून बहने लगा और कान भी जख्मी हो गया। शरीर पर दिखाई दे रहे लाल और काले निशान कथित मारपीट की गंभीरता को बयां
कर रहे हैं। अधिवक्ता को पुलिसकर्मियों के चंगुल से बचाने पहुंचे उनके साथियों के साथ भी मारपीट किए जाने के आरोप हैं। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, बचाव में क्या थी मजबूरी? इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। आरोपों के दूसरे पक्ष के अनुसार, अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे थे और उनके साथ झूमाझपटी की स्थिति बन गई थी। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर इसी परिस्थिति में अपने बचाव में कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि, सवाल यह है कि यदि मौके पर विवाद हुआ भी था तो क्या स्थिति को नियंत्रित करने का यही तरीका था? क्या किसी व्यक्ति के साथ इतनी गंभीर मारपीट आवश्यक थी? और यदि बीच-बचाव करने वाले लोग भी घायल हुए
हैं तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? शिकायत मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई मामले में धनपुरी एसडीओपी का कहना है कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में मीडिया के माध्यम से आया है। फिलहाल पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिवक्ता की ओर से औपचारिक शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। वर्दी पर लगे आरोपों का सच सामने आना जरूरी है, क्योंकि कानून से ऊपर न तो कोई नागरिक है और न ही कानून की रक्षा करने वाली वर्दी।
- बुढ़ार में खाकी पर गंभीर आरोप: अधिवक्ता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सिर फूटा, कान जख्मी; बचाने पहुंचे साथियों पर भी बरसीं लाठियां शहडोल। कानून की किताबों में दर्ज अधिकार और वर्दी की जिम्मेदारी उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब बुढ़ार में एक अधिवक्ता के साथ कथित पुलिसिया मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता को इस कदर पीटा कि उनका सिर फट गया, कान में चोट आई और शरीर पर जगह-जगह लाठियों के निशान उभर आए। इतना ही नहीं, जब उनके साथी उन्हें बचाने के लिए आगे आए तो कथित तौर पर उन्हें भी पुलिस की मार झेलनी पड़ी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती के समीप रहने वाले अधिवक्ता अभिनव पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में हिसाब-किताब का काम पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनका समूह बुढ़ार बस स्टैंड के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता अपने साथियों के साथ फोन पर बातचीत कर रहे थे, तभी पुलिस वाहन से पहुंचे बुढ़ार थाने के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि पूछताछ या बातचीत के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्ष आरोपों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। हमले में उनके सिर से खून बहने लगा और कान भी जख्मी हो गया। शरीर पर दिखाई दे रहे लाल और काले निशान कथित मारपीट की गंभीरता को बयां कर रहे हैं। अधिवक्ता को पुलिसकर्मियों के चंगुल से बचाने पहुंचे उनके साथियों के साथ भी मारपीट किए जाने के आरोप हैं। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, बचाव में क्या थी मजबूरी? इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। आरोपों के दूसरे पक्ष के अनुसार, अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर रहे थे और उनके साथ झूमाझपटी की स्थिति बन गई थी। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर इसी परिस्थिति में अपने बचाव में कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि, सवाल यह है कि यदि मौके पर विवाद हुआ भी था तो क्या स्थिति को नियंत्रित करने का यही तरीका था? क्या किसी व्यक्ति के साथ इतनी गंभीर मारपीट आवश्यक थी? और यदि बीच-बचाव करने वाले लोग भी घायल हुए हैं तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? शिकायत मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई मामले में धनपुरी एसडीओपी का कहना है कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में मीडिया के माध्यम से आया है। फिलहाल पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिवक्ता की ओर से औपचारिक शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। वर्दी पर लगे आरोपों का सच सामने आना जरूरी है, क्योंकि कानून से ऊपर न तो कोई नागरिक है और न ही कानून की रक्षा करने वाली वर्दी।4
- ओवर स्पीड नींद और थकान के चलते हुआ बड़ा हादसा ट्रक चालक और कालिंजर बाल बाल बच्चे ओवर स्पीड और नींद थकान के कारण हुआ बड़ा हादसा ट्रक चालक और क्लिंजर बाल बाल बचे उचेहरा-घोरछत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर,खलासी का रेस्क्यू की खबर *_आधी रात हुए भीषण हादसे से मचा हड़कंप, क्रेन और जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया_* _उमरिया जिले के थाना नोरोजाबाद अंतर्गत ग्राम उचेहरा के समीप NH43 हाईवे उचेहरा के घोरछत्र नदी में देर रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।शहडोल से कटनी की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा।हादसे के वक्त ट्रक में ड्राइवर और खलासी सवार थे,जो दुर्घटना के बाद ट्रक में ही फंस गए। आधी रात हुए इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।रेस्क्यू के लिए पास ही चल रहे रेलवे ओवरब्रिज के काम में लगी बड़ी और भारी भरकम क्रेन और जेसीबी मशीनें बुलाई गईं।काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने ट्रक चालक भगवान दास को बाहर निकाल लिया,जिन्हें उपचार के लिए पाली अस्पताल भेजा गया है।वहीं ट्रक का खलासी नीचे फंसे होने की खबर थी।उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।इधर,हाईवे पर हुए इस हादसे उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर जाम की स्थिति भी बनी रही,पर पुलिस की मशक्कत के बाद सड़क के किनारे से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई,जिससे यातायात धीरे-धीरे बहाल हो गया है।इस पूरी घटना में 108 एम्बुलेंस व 112 पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है।_2
- उमरिया में आधी रात बड़ा हादसा, कोयले से लदा ट्रक नदी में गिरा उमरिया। जिले के थाना नौरोजाबाद क्षेत्र अंतर्गत उचेहरा और घोरचत्र नदी के बीच देर रात करीब 12 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शहडोल से कटनी की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा। हादसे के बाद ट्रक में सवार चालक और खलासी वाहन के अंदर ही फंस गए। आधी रात हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। ट्रक में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने ट्रक चालक भगवान दास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायल चालक को 108 एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए पाली अस्पताल भेजा गया है। वहीं, ट्रक का खलासी अब भी वाहन के अंदर फंसा हुआ बताया जा रहा है, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इधर, हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर जाम की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस की मशक्कत के बाद सड़क के किनारे से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल हुआ। फिलहाल, खलासी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- अनूपपुर के संसाधनों का बेहतर उपयोग कर विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाएं – दिलीप जायसवाल मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया अनूपपुर : - मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह का आयोजन ऑडिटोरियम हॉल, एकलव्य आवासीय विद्यालय अनूपपुर में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् एवं मध्यप्रदेश गान के गान से हुआ। राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति, इतिहास और विकास यात्रा को स्मरण करने के साथ उनसे प्रेरणा लेकर वर्तमान को बेहतर बनाने तथा उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है। इसमें युवा, महिलाएं, किसान, श्रमिक, व्यापारी और अधिकारी-कर्मचारी सहित समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिला नर्मदा, सोन और जोहिला जैसी नदियों, खनिज संपदा तथा समृद्ध वन संपदा से परिपूर्ण है। जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। कृषि एवं सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिले में स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। दारसागर में टमाटर उत्पादन की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने तथा अधोसंरचना, बिजली, सड़क, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विकास यात्रा का स्मरण करने का अवसर है। जनजातीय संस्कृति एवं परंपराएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने जनजातीय समाज को शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसरों से जोड़ने तथा उनकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए विकास की मुख्यधारा में सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। समारोह में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों एवं कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर की छात्राओं ने मध्यप्रदेश की संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य प्रस्तुत किया। एकलव्य आवासीय विद्यालय, आदर्श विद्यालय एवं तुलसी विद्यालय के विद्यार्थियों ने नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सविता रैदास ने देशभक्ति गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों' की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। गुदुमबाजा दल ने पारंपरिक लोकवाद्य की प्रस्तुति दी, वहीं पसान नगर पालिका क्षेत्र की पूजा कशयप ने सांस्कृतिक शोलो नृत्य प्रस्तुति तथा कोतमा के लोकप्रिय गायक संदीप शिवहरे एवं दल ने ने देशभक्ति गीत एवं भजनों की प्रस्तुति से समारोह में देशभक्ति और लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला पंचायत के जनसंपर्क अधिकारी अमित श्रीवास्तव द्वारा किया गया। समारोह में किया गया सम्मान, पुरस्कार व हित लाभ का वितरण समारोह में लोकतंत्र सेनानी मूलचंद अग्रवाल का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रतियोगिता में अनूपपुर जिले के कोतमा कॉलेज की छात्रा सुश्री काजल केवट को मध्य प्रदेश शासन संस्कृति स्वराज संस्थान के कृष्ण पाथेय न्यास द्वारा प्रेषित एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि का चेक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही चार पात्र अभ्यर्थी को अनुकंपा नियुक्ति आदेश पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांगजनों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से श्रीमती जुगुन्ती चौधरी (अनूपपुर), नरेन्द्र रौतेल (जमुड़ी), मोहम्मद शब्बीर (बिजुरी) एवं रामचरण साहू (कोतमा) को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में निगरानी एवं सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से 10 व्यक्तियों को टॉर्च वितरित की गईं। वहीं, कृषक कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित कृषि क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में ट्रैक्टर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में बुलेट मोटरसाइकिल तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में ई-स्कूटी प्रदान की गई। प्रतियोगिता में चंदन सिंह/कल्याण सिंह ने प्रथम, तेजू सिंह/सुरेश सिंह ने द्वितीय तथा नत्थूलाल यादव/स्व. वेसाहन लाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश, कलेक्टर रत्नाकर झा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, अपर कलेक्टर श्री बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री प्राशी अग्रवाल, जनप्रतिनिधि रामदास पुरी, प्रेमचंद यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी,पत्रकार , स्वयं सहायता समूह की दीदी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा नागरिकगण उपस्थित रहे।1
- 💥*_उचेहरा-घोरचत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर रेस्क्यू, खलासी के अब भी फंसे होने की खबर_* 💥*_आधी रात हुए भीषण हादसे से मचा हड़कंप, क्रेन और जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन_* उमरिया_उचेहरा और घोरचत्र नदी के बीच देर रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।शहडोल से कटनी की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा।हादसे के वक्त ट्रक में ड्राइवर और खलासी सवार थे,जो दुर्घटना के बाद ट्रक में ही फंस गए। आधी रात हुए इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।रेस्क्यू के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनें बुलाई गईं।काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने ट्रक चालक भगवान दास को बाहर निकाल लिया,जिन्हें उपचार के लिए पाली अस्पताल भेजा गया है।वहीं ट्रक का खलासी अब भी नीचे फंसे होने की खबर है।उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।इधर,हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर जाम की स्थिति भी बनी रही,पर पुलिस की मशक्कत के बाद सड़क के किनारे से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई,जिससे यातायात धीरे-धीरे बहाल हो गया है।इस पूरी घटना में 108 एम्बुलेंस व 112 पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है।_1
- उचेहरा-घोरचत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर रेस्क्यू, खलासी अब भी फंसा उचेहरा-घोरचत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर रेस्क्यू, खलासी अब भी फंसा आधी रात हुए भीषण हादसे से मचा हड़कंप, क्रेन और जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन _उचेहरा और घोरचत्र नदी के बीच देर रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।शहडोल से कटनी की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा।हादसे के वक्त ट्रक में ड्राइवर और खलासी सवार थे,जो दुर्घटना के बाद ट्रक में ही फंस गए। आधी रात हुए इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।रेस्क्यू के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनें बुलाई गईं।काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने ट्रक चालक भगवान दास को बाहर निकाल लिया,जिन्हें 108 की मदद से उपचार के लिए पाली अस्पताल भेजा गया है।वहीं ट्रक का खलासी अब भी नीचे फंसे होने की खबर है।उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।इधर,हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर जाम की स्थिति भी बनी रही,पर पुलिस की मशक्कत के बाद सड़क के किनारे से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई,जिससे यातायात धीरे-धीरे बहाल हो गया है।2
- *⚖️ कानून के रखवालों पर कानून के पहरेदार को पीटने का आरोप! शहडोल में लहूलुहान अधिवक्ता को देख अस्पताल में मचा बवाल* *बुढ़ार (शहडोल):* *खाकी का खौफ कहें या गश्त के नाम पर मनमानी... शहडोल जिले के बुढ़ार में आधी रात को हुई एक घटना ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।* *👉दुर्गा पंडाल की व्यवस्था संभालकर लौट रहे अधिवक्ता अभिनव पाठक पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर लाठियां बरसा दीं। हमला इतना भीषण था कि अधिवक्ता सिर से पैर तक खून से लथपथ हो गए। हालत इतनी बिगड़ी कि जब पुलिसकर्मी उन्हें लेकर अस्पताल पहुँचे, तो खुद पुलिसकर्मियों की वर्दी भी अधिवक्ता के खून से रंगी हुई थी।* *👉घटनाक्रम पर एक नज़र:* *समय व स्थान: देर रात 2 बजे, बुढ़ार बस स्टैंड।* *पीड़ित पक्ष का दावा: दुर्गा पूजा समिति का हिसाब निपटाकर घर जाते वक्त रोका गया और फिर बेवजह मारपीट की गई।* *👉अस्पताल का मंज़र: अधिवक्ता को लहूलुहान देख समर्थकों में आक्रोश, अस्पताल में जमकर हंगामा।* *👉इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आना बाकी है, लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस के रवैये पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।* *⚖️ कानून के रखवालों पर कानून के पहरेदार को पीटने का आरोप! शहडोल में लहूलुहान अधिवक्ता को देख अस्पताल में मचा बवाल* *बुढ़ार (शहडोल):* *खाकी का खौफ कहें या गश्त के नाम पर मनमानी... शहडोल जिले के बुढ़ार में आधी रात को हुई एक घटना ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।* *👉दुर्गा पंडाल की व्यवस्था संभालकर लौट रहे अधिवक्ता अभिनव पाठक पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर लाठियां बरसा दीं। हमला इतना भीषण था कि अधिवक्ता सिर से पैर तक खून से लथपथ हो गए। हालत इतनी बिगड़ी कि जब पुलिसकर्मी उन्हें लेकर अस्पताल पहुँचे, तो खुद पुलिसकर्मियों की वर्दी भी अधिवक्ता के खून से रंगी हुई थी।* *👉घटनाक्रम पर एक नज़र:* *समय व स्थान: देर रात 2 बजे, बुढ़ार बस स्टैंड।* *पीड़ित पक्ष का दावा: दुर्गा पूजा समिति का हिसाब निपटाकर घर जाते वक्त रोका गया और फिर बेवजह मारपीट की गई।* *👉अस्पताल का मंज़र: अधिवक्ता को लहूलुहान देख समर्थकों में आक्रोश, अस्पताल में जमकर हंगामा।* *👉इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आना बाकी है, लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस के रवैये पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।*1
- उचेहरा-घोरचत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर रेस्क्यू, खलासी अब भी फंसा उचेहरा-घोरचत्र नदी के बीच कोयले से लदा ट्रक गिरा,ड्राइवर रेस्क्यू, खलासी अब भी फंसा आधी रात हुए भीषण हादसे से मचा हड़कंप, क्रेन और जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन _उचेहरा और घोरचत्र नदी के बीच देर रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। शहडोल से कटनी की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा।हादसे के वक्त ट्रक में ड्राइवर और खलासी सवार थे,जो दुर्घटना के बाद ट्रक में ही फंस गए। आधी रात हुए इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। रेस्क्यू के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनें बुलाई गईं।काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने ट्रक चालक भगवान दास को बाहर निकाल लिया,जिन्हें 108 की मदद से उपचार के लिए पाली अस्पताल भेजा गया है।वहीं ट्रक का खलासी अब भी नीचे फंसे होने की खबर है।उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।इधर,हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर जाम की स्थिति भी बनी रही,पर पुलिस की मशक्कत के बाद सड़क के किनारे से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की गई,जिससे यातायात धीरे-धीरे बहाल हो गया है।_1