दतिया विधानसभा उप निर्वाचन-2026 के दौरान कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुभाग दतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय 10 जुलाई 2026 की रात्रि झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम की घटना के बाद लिया गया है, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। यह आदेश 10 जुलाई 2026 की रात 9 बजे से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत अनुभाग दतिया में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या रैली पर रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला, फरसा या अन्य घातक हथियारों के साथ चलने और प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले नारे, पोस्टर और बैनर लगाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। साथ ही, पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्रित होने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता, संपत्ति विरूपण अधिनियम-1994, मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 और ध्वनि प्रदूषण नियमों के कड़ाई से पालन के लिए जारी किया गया है। यह प्रतिबंध पुलिस, सुरक्षा बलों, होमगार्ड, केंद्रीय सुरक्षा बलों, प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दतिया विधानसभा उप निर्वाचन-2026 के दौरान कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुभाग दतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय 10 जुलाई 2026 की रात्रि झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम की घटना के बाद लिया गया है, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। यह आदेश 10 जुलाई 2026 की रात 9 बजे से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत अनुभाग दतिया में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या रैली पर रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला, फरसा या अन्य घातक हथियारों के साथ चलने और प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले नारे, पोस्टर और बैनर लगाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। साथ ही, पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्रित होने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता, संपत्ति विरूपण अधिनियम-1994, मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 और ध्वनि प्रदूषण नियमों के कड़ाई से पालन के लिए जारी किया गया है। यह प्रतिबंध पुलिस, सुरक्षा बलों, होमगार्ड, केंद्रीय सुरक्षा बलों, प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- भोपाल में दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान आया है। वहीं, कार्यकर्ताओं के इस्तीफों के मामले पर हेमंत खंडेलवाल ने अपनी बात रखी है।1
- दतिया में चुनावी माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है और एक बार फिर दतिया किले में ढोल-नगाड़ों की गूंज उठ गई है। महल के खूबसूरत नजारे के बीच कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी घोषित करने की आखिरी घड़ी आ चुकी है, जिससे वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी ने दतिया सीट के लिए एक बार फिर दतिया सेवड़ा के पूर्व विधायक कुंअर घनश्याम सिंह जू देव पर अपना दांव खेला है।2
- ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- ग्वालियर की रहने वाली पूनम वाल्मीकि ने मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र में अपने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ना, गाली-गलौज और जातिसूचक अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी करीब तीन वर्ष पहले मोनू उनिया से हुई थी, लेकिन उसका पति पिछले एक महीने से उसके साथ नहीं रह रहा है। शनिवार को जब वह अपने पति की तलाश में भांडेर स्थित काजीपाठा मोहल्ले में उसके घर पहुंची, तो वहां विवाद खड़ा हो गया। पीड़िता का आरोप है कि वहां पहुंचने पर उसके पति के भाई सोनू और ससुर ने उसके साथ जमकर गाली-गलौज की। उसे न केवल घर में प्रवेश करने से रोका गया, बल्कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर बुरी तरह अपमानित भी किया गया। ससुराल पक्ष के इस व्यवहार और प्रताड़ना से आहत होकर पीड़िता ने अब पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस पार्टी द्वारा कुंवर घनश्याम सिंह का टिकट फाइनल कर दिया गया है।1
- मध्यप्रदेश के भोपाल में दतिया चुनाव को लेकर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संगठन की महत्ता को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि इस चुनाव में संगठन का फैसला ही सबसे ऊपर है।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में स्वदेश समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता सुरेंद्र शर्मा पर अज्ञात हमलावरों ने प्राणघातक हमला कर दिया है। इस हमले में पत्रकार सुरेंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए तुरंत इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर हालत और गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दतिया रेफर कर दिया है। इस वारदात के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1