ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट
पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल
ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह
नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- दतिया में चुनावी माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है और एक बार फिर दतिया किले में ढोल-नगाड़ों की गूंज उठ गई है। महल के खूबसूरत नजारे के बीच कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी घोषित करने की आखिरी घड़ी आ चुकी है, जिससे वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी ने दतिया सीट के लिए एक बार फिर दतिया सेवड़ा के पूर्व विधायक कुंअर घनश्याम सिंह जू देव पर अपना दांव खेला है।2
- मध्यप्रदेश के भोपाल में दतिया चुनाव को लेकर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संगठन की महत्ता को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि इस चुनाव में संगठन का फैसला ही सबसे ऊपर है।1
- ग्वालियर के गिर्द में व्हाइट हाउस के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया जा रहा है। समर्थकों द्वारा ढोल-ताशों की थाप और मालाएं पहनाकर उनका सत्कार किया जा रहा है।1
- दतिया में साल 2026 के उपचुनाव को लेकर लोगों में भारी उत्साह और जूनून का माहौल देखने को मिल रहा है। यहाँ नेता और आम नागरिक एक साथ मिलकर भविष्य की राह तय करने के लिए चर्चाओं में जुटे हुए हैं। अपनी प्रगति और भविष्य को आकार देने के लिए स्थानीय समुदाय का इस तरह गहराई से सक्रिय होना बेहद प्रेरणादायक है। ज़मीन पर लोगों की ऊर्जा साफ तौर पर दिखाई दे रही है और यहाँ हर एक आवाज़ बेहद महत्वपूर्ण है। उम्मीद की जा रही है कि यह चुनाव दतिया की जनता की वास्तविक आकांक्षाओं को सही ढंग से प्रदर्शित करेगा।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में स्वदेश समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता सुरेंद्र शर्मा पर अज्ञात हमलावरों ने प्राणघातक हमला कर दिया है। इस हमले में पत्रकार सुरेंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए तुरंत इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर हालत और गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दतिया रेफर कर दिया है। इस वारदात के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1