*गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश* संजय भारती पटना। नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। *गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता* गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। *गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश* जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। *NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती* संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा। *निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी* सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। *आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें और अफवाहों से सावधान रहें* राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी। संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। *गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश* संजय भारती पटना। नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। *गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता* गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। *गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश* जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। *NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती* संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा। *निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी* सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। *आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें और अफवाहों से सावधान रहें* राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी। संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
*गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश* संजय भारती पटना। नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। *गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता* गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। *गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश* जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। *NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती* संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा। *निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी* सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। *आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें और अफवाहों से सावधान रहें* राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी। संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। *गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश* संजय भारती पटना। नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। *गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता* गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। *गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश* जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। *NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती* संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा। *निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी* सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। *आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें और अफवाहों से सावधान रहें* राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी। संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
- मटिहानी प्रखंड के सिहमा बबूरबन्नी में बाढ आने से हुआ जलमग्न....1
- बढ़ती मंहगाई और बेरोज़गारी के विरुद्ध ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र स्थित कर्पुरी चौक पर उपस्थित स्थानीय लोगों के विचार1
- सहरसा: मोहनपुर जामा मस्जिद में अकीदत के साथ मनाया गया मिलादुन्नबी, गूंजे दरूद व सलाम सहरसा जिला के नोहट्टा प्रखण्ड के मोहनपुर मे कार्यक्रम की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत के साथ हुई। इसके बाद स्थानीय उलेमाओं और नात-ख्वानों ने हजरत मोहम्मद साहब की शान में खूबसूरत नात-पाक और मनकबत पेश कर महफिल को मुनव्वर किया। जलसे को संबोधित करते हुए हजरत मौलाना अब्दुल बारी साहब ने पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत-ए-तैयबा पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब इस पूरी कायनात के लिए रहमत बनकर आए थे। उनकी जिंदगी का हर एक पल मानवता, न्याय, दया और आपसी सौहार्द का बेहतरीन पैगाम देता है। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को खत्म कर हमेशा सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने की तालीम दी। जलसे के दौरान मोहनपुर जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों को खूबसूरत रोशनी और फूलों से सजाया गया था। कार्यक्रम के अंत में देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे, आपसी सौहार्द और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। दुआ के बाद उपस्थित सभी लोगों के बीच तबर्रुक का वितरण किया गया।इस मौके पर स्थानीय जमा मस्जिद कर इमाम और मौलाना तौसीफ़ साहब ने जिम्मेदार लोग और बड़ी संख्या में क्षेत्र के अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इस रूहानी और बाबरकत् कार्यक्रम को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई।1
- बेगूसराय में बड़े धूमधाम से निकल गई ईद उल ए मीनादुल नबी का जश्न। मनाया गया। 12 रबी उल अव्वल पर गूंजा नात-ए-पाक का पैगाम, देवना में भव्य जुलूस के साथ अमन-भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा |2
- #नेपाल में बाढ़ से तबाही #बिहार में भी अलर्ट #गंडक किनारे वाले रहें सावधान | Mobile Tv News |1
- ईद-ए-मिलाद पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बड़ी जामा मस्जिद में उमाड़ी हजारों की भीड़ समस्तीपुर: ईद-ए-मिलाद के मौके पर समस्तीपुर शहर के गोला बाजार स्थित बड़ी जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे। लोगों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में ईद-ए-मिलाद का पर्व मनाया और पैगंबर हज़रत मुहम्मद की पैदाइश की याद में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- सहरसा: मदरसा तालिमूल कुरान, मोहनपुर में अकीदत के साथ मनाया गया पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत स्थित मदरसा तालिमूल कुरान में इस्लाम के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) पूरे अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर (हिजरी) के मुताबिक हर साल 12 रबी अल-अव्वल के मुबारक मौके पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत कुरानखानी से की गई। मदरसे के बच्चों और स्थानीय उलेमाओं ने पवित्र कुरान की तिलावत कर देश और दुनिया में अमन, शांति, भाईचारा और सलामती की विशेष दुआ मांगी।कार्यक्रम के दौरान हजरत मौलाना तौसीफ़ साहब ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जीवनी और उनके द्वारा बताए गए भाईचारे, मानवता और नेकी के रास्तों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की तालीम पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन है और हमें उनके बताए हुए उसूलों को अपनी जिंदगी में अपनाना चाहिए। इस धार्मिक और रूहानी आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों, मदरसे के शिक्षकों और बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में तबर्रुक का वितरण किया गया, जिससे पूरे इलाके में जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी का माहौल और खुशनुमा हो गया।1
- राघोपुर में गंगा की तेज धार में नाव पलटी, 21 मजदूर सवार थे; 19 सुरक्षित, दो लापता नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में बुधवार, 26 अगस्त की दोपहर गंगा नदी में बड़ा नाव हादसा हो गया।1