पंचायती राज चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव, दो बच्चों की बाध्यता हटी, विधानसभा में बिल पास। Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 पास कर दिया, जिससे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त हटा दी गई. इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. सरकार ने बदलती परिस्थितियों और घटती प्रजनन दर को इसका कारण बताया. राजस्थान विधानसभा में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को बहस के बाद पारित कर दिया गया. इस संशोधन के साथ ही पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता समाप्त कर दी गई है. बिल को लेकर सदन के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले. करीब 31 साल पहले तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने पंचायती राज चुनावों के लिए दो बच्चों की बाध्यता का कानून लागू किया था. उस समय इसे जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लाया गया था. अब सरकार ने परिस्थितियों में बदलाव का हवाला देते हुए इस प्रावधान को हटा दिया है. विपक्ष ने उठाए सवाल विधानसभा में चर्चा के दौरान PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह बिल मूल रूप से जनसंख्या नियंत्रण के लिए लाया गया था और उस समय भाजपा सरकार ही इसे लेकर आई थी. उन्होंने पूछा कि क्या अब जनसंख्या नियंत्रण हो गया है या केंद्र सरकार ने अपनी नीति बदल दी है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिना विजन के बदलाव किया जा रहा है और यह संशोधन चुनावी लाभ, वोट बैंक और सस्ती लोकप्रियता के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनसंख्या 8 करोड़ से अधिक है, जयपुर में ट्रैफिक जाम की स्थिति है और संसाधनों की कमी है. गांवों में बिजली और अन्य सुविधाओं की कमी है, ऐसे में दो बच्चों की बाध्यता हटाने से कोई फायदा नहीं होगा डोटासरा ने शायरी के जरिए भी सरकार पर तंज कसा “कल जिसे जुर्म कहा आज उसे हक कहते हो, तुम सियासत के माहिर हो हर बात बदल देते हो. वो जो कल तक हमें नसीहत देते थे उसूलों की, आज वो खुद ही अपने कानून बदल बैठे हैं.” सरकार की ओर से मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जब यह कानून लाया गया था तब जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही थी और उस पर नियंत्रण जरूरी था. अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और प्रजनन दर में लगातार कमी आई है. उन्होंने कहा कि लोगों में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया है. दिलावर ने यह भी कहा कि 2001 में दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक का प्रावधान भी बाद में हटा दिया गया था. ऐसे में जब कर्मचारियों पर यह बाध्यता नहीं है तो जनप्रतिनिधियों पर क्यों रहे. उन्होंने बताया कि हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में भी इस तरह के प्रावधान समाप्त किए जा चुके हैं. मंत्री दिलावर ने कहा तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जिसके तीन बच्चों से कम हों, उसे चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए. कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री इस तरह की बात करते हैं, लेकिन यहां पर कांग्रेस इसके विरोध में खड़ी नजर आ रही है. इससे कांग्रेस का दोहरा रवैया सामने आता है. सरकार का कहना है कि राज्य में अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने का अवसर देने के लिए ही दो बच्चों की बाध्यता को हटाया गया संसदीय कार्य मंत्री का बयान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि समय की आवश्यकता के अनुसार फालतू बंदिश को हटाया गया है. जब यह कानून लाया गया था तब प्रजनन दर 3.2 से अधिक थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 2 रह गई है. उन्होंने कहा कि अगर प्रजनन दर इसी तरह घटती रही तो यह भविष्य के लिए खतरे की घंटी भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि पहले “हम दो हमारे दो” का दौर था, लेकिन अब कई जगह “हम दो हमारा एक” की स्थिति बन रही है. सरकार ने प्रजनन दर और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है. पटेल ने कहा कि अब दो से अधिक संतान वाले लोग भी पंचायती राज चुनाव लड़ सकेंगे और योग्य व्यक्तियों को चुनाव में भाग लेने का मौका मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज चुनाव कराने को लेकर सरकार तैयार है और चुनाव आयोग जब भी कहेगा, चुनाव कराए जाएंगे. इस तरह बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पारित कर दिया गया, जिससे पंचायत चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त हो गई..
पंचायती राज चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव, दो बच्चों की बाध्यता हटी, विधानसभा में बिल पास। Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 पास कर दिया, जिससे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त हटा दी गई. इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. सरकार ने बदलती परिस्थितियों और घटती प्रजनन दर को इसका कारण बताया. राजस्थान विधानसभा में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को बहस के बाद पारित कर दिया गया. इस संशोधन के साथ ही पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता समाप्त कर दी गई है. बिल को लेकर सदन के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले. करीब 31 साल पहले तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने पंचायती राज चुनावों के लिए दो बच्चों की बाध्यता का कानून लागू किया था. उस समय इसे जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लाया गया था. अब सरकार ने परिस्थितियों में बदलाव का हवाला देते हुए इस प्रावधान को हटा दिया है. विपक्ष ने उठाए सवाल विधानसभा में चर्चा के दौरान PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह बिल मूल रूप से जनसंख्या नियंत्रण के लिए लाया गया था और उस समय भाजपा सरकार ही इसे लेकर आई थी. उन्होंने पूछा कि क्या अब जनसंख्या नियंत्रण हो गया है या केंद्र सरकार ने अपनी नीति बदल दी है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिना विजन के बदलाव किया जा रहा है और यह संशोधन चुनावी लाभ, वोट बैंक और सस्ती लोकप्रियता के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनसंख्या 8 करोड़ से अधिक है, जयपुर में ट्रैफिक जाम की स्थिति है और संसाधनों की कमी है. गांवों में बिजली और अन्य सुविधाओं की कमी है, ऐसे में दो बच्चों की बाध्यता हटाने से कोई फायदा नहीं होगा डोटासरा ने शायरी के जरिए भी सरकार पर तंज कसा “कल जिसे जुर्म कहा आज उसे हक कहते हो, तुम सियासत के माहिर हो हर बात बदल देते हो. वो जो कल तक हमें नसीहत देते थे उसूलों की, आज वो खुद ही अपने कानून बदल बैठे हैं.” सरकार की ओर से मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जब यह कानून लाया गया था तब जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही थी और उस पर नियंत्रण जरूरी था. अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और प्रजनन दर में लगातार कमी आई है. उन्होंने कहा कि लोगों में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया है. दिलावर ने यह भी कहा कि 2001 में दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक का प्रावधान भी बाद में हटा दिया गया था. ऐसे में जब कर्मचारियों पर यह बाध्यता नहीं है तो जनप्रतिनिधियों पर क्यों रहे. उन्होंने बताया कि हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में भी इस तरह के प्रावधान समाप्त किए जा चुके हैं. मंत्री दिलावर ने कहा तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जिसके तीन बच्चों से कम हों, उसे चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए. कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री इस तरह की बात करते हैं, लेकिन यहां पर कांग्रेस इसके विरोध में खड़ी नजर आ रही है. इससे कांग्रेस का दोहरा रवैया सामने आता है. सरकार का कहना है कि राज्य में अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने का अवसर देने के लिए ही दो बच्चों की बाध्यता को हटाया गया संसदीय कार्य मंत्री का बयान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि समय की आवश्यकता के अनुसार फालतू बंदिश को हटाया गया है. जब यह कानून लाया गया था तब प्रजनन दर 3.2 से अधिक थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 2 रह गई है. उन्होंने कहा कि अगर प्रजनन दर इसी तरह घटती रही तो यह भविष्य के लिए खतरे की घंटी भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि पहले “हम दो हमारे दो” का दौर था, लेकिन अब कई जगह “हम दो हमारा एक” की स्थिति बन रही है. सरकार ने प्रजनन दर और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है. पटेल ने कहा कि अब दो से अधिक संतान वाले लोग भी पंचायती राज चुनाव लड़ सकेंगे और योग्य व्यक्तियों को चुनाव में भाग लेने का मौका मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज चुनाव कराने को लेकर सरकार तैयार है और चुनाव आयोग जब भी कहेगा, चुनाव कराए जाएंगे. इस तरह बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पारित कर दिया गया, जिससे पंचायत चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त हो गई..
- सूरोठ थाना पुलिस ने चोरी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। थाना अधिकारी सोहन सिंह ने सोमवार दोपहर 12:00 बजे बताया कि सूरोठ में हुई चोरी की बारदात का खुलासा करने के एसपी द्वारा निर्देश दिए गए जिस पर एएसआई मुरारी लाल के नेतृत्व कां देशराज कानि राहुल की टीम गठित की गई जिनके द्वारा आसूचना संकलन कर एवं तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुये कड़ी मेहनत एवं लगन से चोरी की बारदात का खुलासा कर आरोपी लौकेश गुर्जर पुत्र शेरसिंह गुर्जर निवासी खावदा थाना महवा जिला दौसा व सूरज कश्यप पुत्र राजेन्द्र कहार निवासी खावदा थाना महवा जिला दौसा को गिरफ्तार किया गया। वही एक बालक को को निरूद्ध किया गया। आरोपीयों के कब्जे से चोरी किये गये रूपयों को बरामद किया गया है एवं घटना में संलिप्त आरोपीयों के सम्बन्ध में अनुसंधान जारी है।उक्त चोरी की बारदात का खुलासा करने में कानि देशराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- करौली 9 मार्च। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन चिकित्सा संस्थानो पर किया गया जिसमें उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका ईलाज करने के साथ पोषण युक्त आहार की सलाह दी गई। सीएमएचओ डॉ जयंतीलाल मीणा ने सीएचसी कुडगांव और पीएचसी चैनपुर बर्रिया में पीएमएसएमए पर आयोजित सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने एफसीएम से लाभान्वित महिलाओं व क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटाते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन जांच कर दिवस पर लाभान्वित करने के निर्देश प्रदान किये । उन्होंने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के आयोजन पर गर्भवती महिलाओं के हिमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, लंबाई, एचआईवी, सिफलिश आदि जांच कर पौष्टिक आहार लेने की सलाह प्रदान की गई। पीएमएसएमए के निरीक्षण दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष पांडे, जिला कार्यक्रम समन्वयक -आईईसी लखन सिंह लोधा मौजू4
- गंगापुर सिटी। अक्सर देखा जाता है कि जब भी कोई क्रिकेट मैच जीतता है तो सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। लोग खुशी में जश्न मनाते हैं, पटाखे फोड़ते हैं और पूरी सड़कों पर उत्साह का माहौल बन जाता है। लेकिन अगर यही भीड़ किसी जनहित की मांग, विकास कार्यों या समाज की समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर आए, तो निश्चित रूप से सरकार और प्रशासन को जनता की आवाज सुननी पड़ेगी। समाज के कई लोगों का मानना है कि अगर लोग अपने अधिकारों और जरूरतों के लिए भी उसी एकता और जोश के साथ सामने आएं, जैसे वे खेल के जश्न में आते हैं, तो शहर और देश के कई बड़े मुद्दों का समाधान जल्दी हो सकता है। आज जरूरत है कि जनता अपने हक, विकास, स्वच्छता, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाए, ताकि समाज और देश का बेहतर भविष्य बनाया जा सके।1
- सवाई माधोपुर। ईमेल के माध्यम से राजस्थान के पोस्ट ऑफ़िस व पासपोर्ट ऑफिस को मिली बम ( आईडी ) से उड़ाने की धमकी के बाद सवाई माधोपुर के मुख्य डाकघर में भी हड़कम्प मच गया।मुख्य डाक अधीक्षक की सूचना पर मानटाउन थाना पुलिस ,डीएसबी टीम व बम निरोधक दस्ता तुरंत मुख्य डाकघर पहुंचा और आनन फानन में मुख्य डाकघर के अधिकारियों एंव सभी कार्मिकों को डाकघर भवन से बाहर निकाला और पूरे भवन की गहनता से तलाशी की। इस दौरान पुलिस , डीएसटी टीम एवं बम निरोधक दस्ते ने मुख्य डाकघर की रखी अलमारियों ,कम्प्यूटर ,मेज ,रैक सहित फाइलों व सभी सामानों की गहनता से तलाशी ली। लेकिन पुलिस द्वारा की गई गहन तलाशी में पुलिस को मुख्य डाकघर से कोई भी संदिग्ध वस्तु नही मिली ,तब जाकर पुलिस एंव डाकघर के अधिकारियों व कार्मिकों ने राहत की सांस ली ,फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और आसपास में पुलिस का सर्च अभियान जारी है । मान टाऊन थाना अधिकारी सुनील कुमार ने बताया आज दोपहर पौने एक बजे करीब पोस्ट ऑफिस से सूचना मिली कि एक ईमेल प्राप्त हुआ हे जिसमें राजस्थान के सभी पोस्ट ऑफिस ओर पासपोर्ट ऑफिस को आई डी से उड़ाने की धमकी मिली हे।थानाधिकारी ने बताया कि सूचना के बाद मान टाऊन थाना पुलिस,डीएसटी टीम एवं बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची और परिसर ने मौजूद कर्मचारी व मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया जिसके बाद पूरे पोस्ट ऑफिस परिसर की गहनता से जांच करी जिसमें ऐसा कुछ प्राप्त नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है।3
- Post by Anil Kumar journalist1
- Post by SNG NEWS LIVE 📺 RAJSTHAN.1
- हिंडौन सिटी। होली के आसपास हिंडौन में हुई चार बडी आपराधिक वारदातों में लिप्त आठ अभियुक्तों को पुलिस ने ताबडतोड कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यहां रीको स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सोमवार को पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पुलिस कार्रवाई का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक सोनवाल का कहना है कि करौली जिले में अपराधियों को किसी भी हाल में नहीं पनपने दिया जाएगा, बल्कि अपराधियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिंडौन के एएसपी सत्येंद्र पाल सिंह, डीएसपी मुनेश कुमार, प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित, पुलिस निरीक्षक सोहन सिंह, पुरुषोत्तम, यातायात प्रभारी रामनिवास आदि मौजूद रहे। वारदात नंबर- 1- भुकरावली हत्याकांड का मुख्य आरोपी निकला रेल कर्मचारी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने जिन चार बडी वारदातों में लिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी का खुलासा किया है, उनमें एक मुख्य मामला सूरौठ थाना क्षेत्र के गांव भुकरावली में 4 मार्च को युवक रामवीर जाटव की लाठी-डंडों से पीटकर निर्मम हत्या करने का है। इस प्रकरण में मृतक रामवीर के भाई लवकुश जाटव ने सूरौठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण में 10 अभियुक्तों को नामजद किया गया था। इन सभी नामजद 10 अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक की ओर से उसी दिन 10-10 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया था। इसके साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन करने के साथ अलग-अलग 11 पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनवाल ने बताया कि हत्या के इस प्रकरण का मुख्य अभियुक्त भुकरावली निवासी हरिराम मीना उर्फ हल्ली पुत्र रामसहाय मीना था, जो रेलवे में ट्रेडिशियन पद पर पंजाब के भटिंडा में कार्यरत है। वारदात के बाद यह भटिंडा भाग गया था। पुलिस ने पीछा करते हुए इसे भटिंडा से गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण के अन्य अभियुक्तों की भी सघनता से तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि उक्त भुकरावली हत्याकांड में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज मीना की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई है। शिवराज मीना भुकरावली गांव का ही निवासी हैं और हिंडौन पंचायत समिति के प्रधान भी रह चुका है। पुलिस अधीक्षक सोनवाल ने बताया कि पीडित पक्ष की ओर से अपने वयानों में शिवराज मीना की भूमिका को भी नामजद किया है, जिसकी पुलिस पूरी गहनता से जांच कर रही है। शिवराज मीना भी वारदात के बाद से फरार हैं। पकडे जाने पर पूछताछ की जाएगी और दोषी होने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वारदात नंबर- 2- महिला पर होली का रंग डालने से रोका तो की मारपीट और हवाई फायरिंग पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि दूसरी बडी वारदात हिंडौन सदर थाना क्षेत्र के रतनपुरा, करसौली की है। प्रकरण में 5 मार्च को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रिपोर्ट में रतनपुरा निवासी गजेन्द्र पुत्र प्रभुलाल जाटव ने उल्लेख किया था कि 4 मार्च के दिन करीब दो बजे नरसिंहपुरा का वीरू गुर्जर आदि स्कार्पियों से गांव रतनपुरा आए और हवाई फायरिंग की। इसके बाद शाम को वीरू आदि के साथ अन्य लोग भी आए और पुनः हवाई फायरिंग की। विवाद महिला को होली पर रंग लगाने से रोकने से पैदा हुआ था। उक्त लोगों को रेखसिंह व सतीश ने हवाई फायरिंग से रोका तो मारपीट कर दी। इस प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नरसिंहपुरा निवासी वीरेन्द्र गुर्जर पुत्र जगदीश गुर्जर और करसौली निवासी महेन्द्र पुत्र सामंता को गिरफ्तार करने के साथ वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियों को जब्त कर लिया है। वारदात नंबर- 3- भय पैदा कर जमीन हडपने का प्रयास करते हुए की थी हवाई फायरिंग पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि होली से पहले 22 फरवरी को हिंडौन के मंडावरा रोड स्थित बाईपास चैराहे के पास भय पैदा कर जमीन हडपने का प्रयास करते हुए हवाई फायरिंग की गई थी और जेसीबी से चारदीवारी को तोड दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रकरण में हिस्ट्रीशीटर की भूमिका अहम है और वारदात को संगठित अपराध के रूप में अंजाम दिया गया है। इस प्रकरण में दुब्बे पाडा हिंडौन के महेश चंद पुत्र गिर्राज प्रसाद शर्मा और उमेश पुत्र रामखिलाडी ब्राह्मण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नई मडी थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सलेमपुर के मूल निवासी और हाल निवासी पटेल नगर हिंडौन के धर्मराज उर्फ बब्बल गुर्जर पुत्र रामसिह तथा मंडावरा रोड निवासी कल्लू पुत्र दुर्गा गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात नंबर-4- रेस्टोरेन्ट पर बैठे युवक को लाठियों से पीट किया घायल, हवाई फायरिंग कर फैलाई थी दहशत, वारदात के लिए हनुमानगढ से बुलाए थे बदमाश पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने खुलासा किया कि चौथी बडी वारदात 5 मार्च 2026 को ओवरब्रिज के नीचे राधारानी रेस्टोरेन्ट पर हुई थी, जिसमें राजापुरा का मूल निवासी और पीली कोठी के पास का हाल निवासी ओमवीर पुत्र पीतम सिंह गुर्जर घायल हो गया था। उसे होटल संबंधी एक विवाद में कुछ लोगों ने लाठियों से पीटकर घायल कर दिया और हवाई फायरिंग भी की। यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। प्रकरण में नई मंडी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सहदगी का पुरा निवासी भूपेन्द्र सिंह गुर्जर पुत्र हरगिलास और सुग्रीव पुत्र महाराज सिंह गुर्जर के साथ हनुमानगढ के डबली कला तलावडा निवासी धनराज पुत्र लाल चंद मेघवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने होटल को लेकर चल रहे विवाद में वारदात को अंजाम देने के लिए हनुमानगढ से बदमाश बुलाए थे। प्रकरण के अन्य अभियुक्तों की भी तलाश की जा रही है।1
- हिंडौन नई मंडी थाना पुलिस ने रेस्टोरेंट में बैठे युवक पर फायरिंग कर मारपीट करने के मामले में फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थाना अधिकारी नरेश पोसवाल ने सोमवार दोपहर 3:00 बजे बताया कि आरोपी भूपेन्द्र सिंह पुत्र हरगिलास गुर्जर निवासी सहदगी का पुरा, सुग्रीव पुत्र महाराज सिंह गुर्जर निवासी सहदगी का पुरा, धनराज पुत्र लालचन्द मेघवाल निवासी ड़बली कला थाना तलवाडा जिला हनुमानगढ को कस्बा से गिरफ्तार किया गया।आरोपियों द्वारा रेस्टोरेंट में बैठे पीड़ित ओमवीर पर जानलेवा हमला किया गया था पर्चा बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।1