*13 वर्षीय विकलांग नाबालिक से तांत्रिक ने कई बार किया था दुष्कर्म, विकलांग नाबालिक हुई थी गर्भवती, कोर्ट ने तांत्रिक को सुनाई फांसी की सजा* गुमला। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चार सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो गुमला संजीव भाटिया की अदालत ने गुमला जिले के 13 वर्षीय विकलांग नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपित हजारीबाग ईचाक निवासी तांत्रिक संजय विश्वकर्मा को पोक्सो छह के तहत फांसी की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 376 (3) के तहत आजीवन कारावास की सजा व एक लाख रूपये का जुर्माना, धारा 420 के तहत सात साल की सजा व 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। घटना जनवरी 2022 की है। आरोपित संजय विश्वकर्मा पीड़िता के परिजनों को विश्वास में ले लिया और उसकी बेटी को पूरी तरह से ठीक करने की बात कही। इस दौरान आरोपित ने उसके परिजनों के कहा कि तुम्हारी बेटी के साथ रात में मैं एक कमरे में रहूंगा और उसे झांड फूंक करूगा। इसके बाद आरोपित करीब महिनों तक विकलांग नाबालिग के साथ रात में दुष्कर्म करते रहा। जिसकी जानकारी नाबालिग के परिजनों को नहीं हुई। इधर कुछ समय बाद तांत्रिक उसके घर से चला गया। इधर 26 अगस्त 2022 को नाबालिग की असमान्य स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसका मेडिकल करवाया। जिससे पुष्टि हुई कि वह गर्भवती है। जिसके बाद पूरा मामला का पता चल पाया। इसके उपरांत नाबालिग के पिता ने आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया। बाइट:-सुधीर टोप्पो,पीपी पोस्को।
*13 वर्षीय विकलांग नाबालिक से तांत्रिक ने कई बार किया था दुष्कर्म, विकलांग नाबालिक हुई थी गर्भवती, कोर्ट ने तांत्रिक को सुनाई फांसी की सजा* गुमला। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चार सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो गुमला संजीव भाटिया की अदालत ने गुमला जिले के 13 वर्षीय विकलांग नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपित हजारीबाग ईचाक निवासी तांत्रिक संजय विश्वकर्मा को पोक्सो छह के तहत फांसी की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 376 (3) के तहत आजीवन कारावास की
सजा व एक लाख रूपये का जुर्माना, धारा 420 के तहत सात साल की सजा व 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। घटना जनवरी 2022 की है। आरोपित संजय विश्वकर्मा पीड़िता के परिजनों को विश्वास में ले लिया और उसकी बेटी को पूरी तरह से ठीक करने की बात कही। इस दौरान आरोपित ने उसके परिजनों के कहा कि तुम्हारी बेटी के साथ रात में मैं एक कमरे में रहूंगा और उसे झांड फूंक करूगा। इसके बाद
आरोपित करीब महिनों तक विकलांग नाबालिग के साथ रात में दुष्कर्म करते रहा। जिसकी जानकारी नाबालिग के परिजनों को नहीं हुई। इधर कुछ समय बाद तांत्रिक उसके घर से चला गया। इधर 26 अगस्त 2022 को नाबालिग की असमान्य स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसका मेडिकल करवाया। जिससे पुष्टि हुई कि वह गर्भवती है। जिसके बाद पूरा मामला का पता चल पाया। इसके उपरांत नाबालिग के पिता ने आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया। बाइट:-सुधीर टोप्पो,पीपी पोस्को।
- User8196Albert Ekka(Jari), Gumla😤55 min ago
- आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- गुमला: आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिले में विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अभिनव पहल की गई है।जिला स्तर से प्रतिदिन शिक्षकों की कोर टीम द्वारा महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न तैयार कराते हुए प्रखंड एवं संकुल के माध्यम से सभी विद्यालयों को भेजे जा रहे हैं। विद्यालयों में इन प्रश्नों का डमी OMR शीट पर भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे बच्चों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिल रहा है तथा उन्हें OMR शीट में उत्तर देने की सावधानियों से भी परिचित कराया जा रहा है । प्रतिदिन लघु टेस्ट लेकर तत्काल मूल्यांकन किए जाने से बच्चों की त्रुटियों का तुरंत आकलन हो पा रहा है। इससे समय रहते सुधार संभव हो रहा है और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस हेतु उनकी पहचान कर विशेष अतिरिक्त कक्षाएं संचालित किए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण हेतु जिला स्तर से इसकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शिक्षकों की एक कोर टीम प्रतिदिन मेहनत कर विषयवार महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर रही है, जिसे सभी प्रखंडों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। सभी प्रखंडों के BPO, BRP एवं CRP सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नियमित रूप से अभ्यास सुनिश्चित करा रहे हैं।कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि यह नवाचार उनकी परीक्षा तैयारी में काफी सहायक साबित हो रहा है तथा नियमित अभ्यास से उन्हें प्रश्नों के पैटर्न को समझने और OMR भरने में आत्मविश्वास मिल रहा है।4
- गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।4
- प्रखंड के जारी थाना क्षेत्र अंतर्गत पांची गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। कई दिनों से लापता तिरपन वर्षीय फूलजेम्स एक्का का शव घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक कुएं में तैरता हुआ मिला। जानकारी देते हुए मंगलवार की सुबह दस बजे बताया गया कि शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों के अनुसार, मृतक पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके पिता स्वर्गीय पौलुस एक्का के परिवार वालों ने बताया कि फूलजेम्स बीते रविवार से अचानक घर से लापता हो गए थे। परिवार ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी पता लगाया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को ग्रामीणों ने गांव से कुछ दूरी पर स्थित कुएं में एक शव देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान फूलजेम्स एक्का के रूप में की गई। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक अस्थिरता के कारण वह भटकते हुए कुएं के पास पहुंच गए और संतुलन बिगड़ने से अंदर गिर गए, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही जारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से पांची गांव में मातम पसरा हुआ है।4
- Post by Niraj kumar Sahu3
- चैनपुर (झारखंड) क्षेत्र के ग्राम झरगांव में सोमवार को भव्य रूप से वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा सहित वन विभाग एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वनपाल बिजेंद्र, विवेक खलखो तथा फिया फाउंडेशन के प्रखंड समन्वयक ललित कुमार महतो सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मंच पर अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।1
- Post by आदिवासी जोहार1
- सड़क सुरक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन का विशेष जागरूकता अभियान जारी गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।3