चार बार के विधायक कैलाश राजपूत को मिला मंत्री पद, तिर्वा से कन्नौज तक जश्न का माहौल राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। प्रदेश की योगी सरकार में कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कैलाश राजपूत को मंत्री बनाए जाने की घोषणा होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। तिर्वा से लेकर पूरे जिले तक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी तथा जमकर जश्न मनाया। तिर्वा विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1962 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के होरीलाल यहां के पहले विधायक निर्वाचित हुए थे। वहीं, वर्ष 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे कैलाश राजपूत ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2007 में बसपा से चुनाव लड़कर भी उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2017 में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए उन्होंने तीसरी बार विधानसभा पहुंचने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद वर्ष 2022 में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया और चौथी बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2002 और 2012 में उन्हें सपा प्रत्याशी विजय बहादुर पाल से हार का सामना करना पड़ा था। एक अगस्त 1956 को जन्मे कैलाश राजपूत एलएलबी की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में रुचि रही और वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य भी रहे। क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कराना उनकी राजनीतिक शैली का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि उन्हें लगातार जनता का समर्थन मिलता रहा। मंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद भाजपा कार्यालयों और विभिन्न स्थानों पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। देर शाम तक आतिशबाजी और मिठाई वितरण का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान सुभाष वर्मा, ऋषि राजपूत, अनिल वर्मा, शिशुपाल चौहान, सौरव गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह दिखाई दिया। अब सभी को उस पल का इंतजार है जब मंत्री बनने के बाद कैलाश राजपूत पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचेंगे। उनके स्वागत की तैयारियां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शुरू कर दी हैं।
चार बार के विधायक कैलाश राजपूत को मिला मंत्री पद, तिर्वा से कन्नौज तक जश्न का माहौल राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। प्रदेश की योगी सरकार में कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कैलाश राजपूत को मंत्री बनाए जाने की घोषणा होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। तिर्वा से लेकर पूरे जिले तक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी तथा जमकर जश्न मनाया। तिर्वा विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1962 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के होरीलाल यहां के पहले विधायक निर्वाचित हुए थे। वहीं, वर्ष 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे कैलाश राजपूत ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2007 में बसपा से चुनाव लड़कर भी उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2017 में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए उन्होंने तीसरी बार विधानसभा पहुंचने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद वर्ष 2022 में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया और चौथी बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2002 और 2012 में उन्हें सपा प्रत्याशी विजय बहादुर पाल से हार का सामना करना पड़ा था। एक अगस्त 1956 को जन्मे कैलाश राजपूत एलएलबी की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में रुचि रही और वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य भी रहे। क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कराना उनकी राजनीतिक शैली का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि उन्हें लगातार जनता का समर्थन मिलता रहा। मंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद भाजपा कार्यालयों और विभिन्न स्थानों पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। देर शाम तक आतिशबाजी और मिठाई वितरण का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान सुभाष वर्मा, ऋषि राजपूत, अनिल वर्मा, शिशुपाल चौहान, सौरव गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह दिखाई दिया। अब सभी को उस पल का इंतजार है जब मंत्री बनने के बाद कैलाश राजपूत पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचेंगे। उनके स्वागत की तैयारियां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शुरू कर दी हैं।
- कन्नौज के ठठिया में शादी समारोह में एक किशोरी से छेड़छाड़ के बाद बवाल हो गया। विरोध करने पर दबंगों ने उसकी बहन और बहनोई से मारपीट की, जिससे गांव में तनाव है। पुलिस पर FIR दर्ज करने की बजाय समझौते का दबाव बनाने का आरोप लग रहा है।1
- अपनी यात्राओं के लिए यह फोल्डेबल और पर्यावरण-अनुकूल पानी की बोतल लेकर चिंतामुक्त हो जाएँ। यह बोतल 600ml क्षमता वाली है और आसानी से मुड़कर छोटी हो जाती है। विशेष छूट का लाभ उठाने के लिए इसे आज ही खरीदें, ऑफर सीमित समय के लिए है।1
- जनपद गाजियाबाद में आबकारी विभाग की लापरवाही से लगातार ओवर रेटिंग एवं अवैध रूप से ठेका बंद होने के बाद भी दारू बेचने के संचालक को लेकर बार-बार खबरें प्रकाशित हो रही है लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है गाजियाबाद। जिले में समय-समय पर नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इन अभियानों की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती नजर आ रही है। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष रूप से खोड़ा कॉलोनी इलाके में स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। यहां देशी शराब की लगभग सभी दुकानों के आसपास खुलेआम काला बाजारी जारी है। आरोप है कि सुबह करीब 6 बजे से ही निर्धारित समय से पहले शराब की बिक्री शुरू हो जाती है और तय कीमत 75 रुपय से ज्यादा 100 रुपये दामों पर क्वार्टर बेचे जा रहे हैं। इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित विभागों और पुलिस को होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार में मिलीभगत या लापरवाही शामिल हो सकती है। इसी बीच हाल ही में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर शराब की अवैध बिक्री और काला बाजारी को दिखाया गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या खोड़ा कॉलोनी में चल रहे इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाई जा सकेगी या नहीं। @UPGovt @CMOfficeUP @Uppolice @upexcise @UPCane @nitinagarwal_n @ChiefSecyUP @dm_ghaziabad @GhaziabadExcise2
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में कांग्रेस नेता लुईस खुर्शीद ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का रूट शाहजहांपुर की ओर मोड़ने पर जनता से चर्चा की। इस बदलाव से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, जो इसे जिले के विकास से अनदेखी मान रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने फर्रुखाबाद के हक के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक डॉक्टर अपनी महिला मित्र के साथ होटल में पत्नी के हाथों रंगे हाथ पकड़ा गया। गुस्साई पत्नी ने मौके पर ही पति की जमकर पिटाई कर दी, जिससे होटल में भारी हंगामा खड़ा हो गया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।1
- फर्रुखाबाद में स्वर्णकार समाज ने हाल ही में नियुक्त हुए अपने नए पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान समाज के सदस्यों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।1
- चार बार के विधायक कैलाश राजपूत को मिला मंत्री पद, तिर्वा से कन्नौज तक जश्न का माहौल राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। प्रदेश की योगी सरकार में कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कैलाश राजपूत को मंत्री बनाए जाने की घोषणा होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। तिर्वा से लेकर पूरे जिले तक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी तथा जमकर जश्न मनाया। तिर्वा विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1962 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के होरीलाल यहां के पहले विधायक निर्वाचित हुए थे। वहीं, वर्ष 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे कैलाश राजपूत ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2007 में बसपा से चुनाव लड़कर भी उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2017 में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए उन्होंने तीसरी बार विधानसभा पहुंचने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद वर्ष 2022 में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया और चौथी बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2002 और 2012 में उन्हें सपा प्रत्याशी विजय बहादुर पाल से हार का सामना करना पड़ा था। एक अगस्त 1956 को जन्मे कैलाश राजपूत एलएलबी की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में रुचि रही और वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य भी रहे। क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कराना उनकी राजनीतिक शैली का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि उन्हें लगातार जनता का समर्थन मिलता रहा। मंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद भाजपा कार्यालयों और विभिन्न स्थानों पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। देर शाम तक आतिशबाजी और मिठाई वितरण का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान सुभाष वर्मा, ऋषि राजपूत, अनिल वर्मा, शिशुपाल चौहान, सौरव गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह दिखाई दिया। अब सभी को उस पल का इंतजार है जब मंत्री बनने के बाद कैलाश राजपूत पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचेंगे। उनके स्वागत की तैयारियां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शुरू कर दी हैं।1
- कन्नौज के तिर्वा में भारी जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विकास के दावों के बीच यह समस्या प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। अधिकारियों से जल्द से जल्द समाधान की मांग की गई है।1
- फिंगर काउंटर डिजिटल मशीन, जो भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पादों में से एक है, अब कन्नौज के बाजारों में भी लोकप्रिय हो रही है। यह छोटी सी मशीन विभिन्न कार्यों में गिनती के लिए उपयोग की जाती है और इसकी बढ़ती मांग से स्थानीय दुकानदार भी खुश हैं।1