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बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू हुआ 4700 करोड़ रुपये की लागत वाला लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे महज़ 12 दिनों में ही धंस गया है। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद अब आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क के धंसने के इस मामले में समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सीधे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।
Sanjay Lal
बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू हुआ 4700 करोड़ रुपये की लागत वाला लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे महज़ 12 दिनों में ही धंस गया है। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद अब आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क के धंसने के इस मामले में समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सीधे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।
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- संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने आंदोलन कर रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'सदन सर्वोच्च है और देश में जो कुछ भी घटित होता है, उसके बारे में बताना मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारी होती है। मासूम छात्रों पर लाठियां चलाई गई हैं, लड़कियों से दुर्व्यवहार किया गया है। ऐसे में सरकार की जवाबदेही बनती है और गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए।' प्रमोद तिवारी ने दोहराया कि मासूम छात्रों पर लाठियां चलाई गईं और लड़कियों से दुर्व्यवहार किया गया है, ऐसे में सरकार की जवाबदेही बनती है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के जोरवट गांव के पास इरादतगंज–मानिकपुर तीसरी रेलवे लाइन परियोजना के किनारे स्थित सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। जेसीबी से गहरी खुदाई कर लंबी-लंबी खाई बना दी गई है। हरी-भरी सरकारी जमीन को खोदकर बंजर कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि भारत सरकार द्वारा रेलवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। इसके पास पीपीसीएल की अधिग्रहित जमीन भी है। कुछ दिन पूर्व रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर हजारों घनफुट मिट्टी खोदकर बेच दी गई। इस अवैध खुदाई से सरकारी संपत्ति को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। साथ ही आगामी रेलवे निर्माण कार्य भी प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत जोरवट के कुछ व्यक्तियों की इसमें संलिप्तता हो सकती है। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कार्यालय में रखे सोफे पर बैठने को लेकर एक दलित कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई। वायरल वीडियो के आधार पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि दलित कार्यकर्ता को अन्य पार्टी सदस्यों ने शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इस मामले में पुलिस और भाजपा की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। यदि मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक गंभीर मामला माना जाएगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की जांच की जा रही है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर प्रतिक्रियाएं दी हैं, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है।1