कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नकली खाद-बीज बेचने वाली फर्मों और व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच के दौरान अमानक स्तर का खाद-बीज मिलने पर प्रत्येक प्रकरण में अनिवार्य रूप से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता का खाद-बीज उपलब्ध हो सके। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर एवं जबलपुर संभाग की खरीफ सीजन के लिए कृषि आदानों की समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ये निर्देश दिए, जिसमें सभी कलेक्टरों और कृषि विभाग के अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर एवं जबलपुर संभाग में चालू खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कृषि अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग के बारे में जानकारी देने और उन्हें यह समझाने का निर्देश दिया कि किस फसल में कितनी खाद की आवश्यकता होती है। आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और कलेक्टरों को इसके उठाव में तेजी लाने को कहा। उन्होंने नवीन ई-विकास उर्वरक प्रणाली के टोकन समय पर जनरेट करने और फार्मर आईडी में सभी खातों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लंबित प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को इस योजना का लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी मैदानी कृषि अधिकारियों को सतत प्रयास करने को कहा। सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने किसानों को कृषि आवश्यकताओं के लिए सहजता और सुगमता से अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने तथा कालातीत अल्पकालीन ऋणों की वसूली पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में फसलों की उत्पादकता बढ़ाना हम सभी का लक्ष्य है, और कम बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों को कम पानी में पकने वाली फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। एफआरए पट्टाधारियों को भी प्राथमिकता के साथ अल्पकालीन ऋण मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर संभाग में अरहर की पूसा किस्म को प्रोत्साहित करने और सभी जिलों में पूसा अरहर की खेती का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों का मार्गदर्शन करने और उन्हें पूसा अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभागों द्वारा तैयार की गई खरीफ सीजन की कार्ययोजना की भी जिलेवार समीक्षा की गई। इस बैठक में एनआईसी सागर से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री राकेश शुक्ला, प्रभारी संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्रीमती निकिता जैन, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढ़ार, सहायक संचालक वेटरनरी श्री बी.एस. ठाकुर, सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती आभा रिछारिया, उपसंचालक उद्यानिकी श्री पी.एस. बडोले, एल.डी.एम. श्री सहेन्द्र पाल, डी.एम.ओ. मार्कफेड श्री रोहित बघेल, संभागीय शाखा प्रबंधक अपेक्स बैंक सागर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज दुरेजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नकली खाद-बीज बेचने वाली फर्मों और व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच के दौरान अमानक स्तर का खाद-बीज मिलने पर प्रत्येक प्रकरण में अनिवार्य रूप से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता का खाद-बीज उपलब्ध हो सके। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर एवं जबलपुर संभाग की खरीफ सीजन के लिए कृषि आदानों की समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ये निर्देश दिए, जिसमें सभी कलेक्टरों और कृषि विभाग के अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर एवं जबलपुर संभाग में चालू खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कृषि अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग के बारे में जानकारी देने और उन्हें यह समझाने का निर्देश दिया कि किस फसल में कितनी खाद की आवश्यकता होती है। आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और कलेक्टरों को इसके उठाव में तेजी लाने को कहा। उन्होंने नवीन ई-विकास उर्वरक प्रणाली के टोकन समय पर जनरेट करने और फार्मर आईडी में सभी खातों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लंबित प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को इस योजना का लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती
को बढ़ावा देने के लिए भी मैदानी कृषि अधिकारियों को सतत प्रयास करने को कहा। सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने किसानों को कृषि आवश्यकताओं के लिए सहजता और सुगमता से अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने तथा कालातीत अल्पकालीन ऋणों की वसूली पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में फसलों की उत्पादकता बढ़ाना हम सभी का लक्ष्य है, और कम बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों को कम पानी में पकने वाली फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। एफआरए पट्टाधारियों को भी प्राथमिकता के साथ अल्पकालीन ऋण मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर संभाग में अरहर की पूसा किस्म को प्रोत्साहित करने और सभी जिलों में पूसा अरहर की खेती का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों का मार्गदर्शन करने और उन्हें पूसा अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभागों द्वारा तैयार की गई खरीफ सीजन की कार्ययोजना की भी जिलेवार समीक्षा की गई। इस बैठक में एनआईसी सागर से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री राकेश शुक्ला, प्रभारी संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्रीमती निकिता जैन, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढ़ार, सहायक संचालक वेटरनरी श्री बी.एस. ठाकुर, सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती आभा रिछारिया, उपसंचालक उद्यानिकी श्री पी.एस. बडोले, एल.डी.एम. श्री सहेन्द्र पाल, डी.एम.ओ. मार्कफेड श्री रोहित बघेल, संभागीय शाखा प्रबंधक अपेक्स बैंक सागर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज दुरेजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- बीना नगर के शिव वार्ड, शास्त्री वार्ड और अन्य क्षेत्रों में रेलवे द्वारा किए गए ध्वस्तीकरण से प्रभावित परिवारों के समर्थन में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर सागर, एसडीएम बीना और रेलवे अधिकारियों को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत, पुनर्वास, मुआवजा और भविष्य में बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बेदखली और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित स्पष्ट दिशा-निर्देशों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों में पर्याप्त नोटिस, सुनवाई का अवसर, पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया गया, जिससे गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे जीवनयापन को मजबूर हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव ने भाजपा सरकार पर लोगों को आवास उपलब्ध कराने के बजाय बेघर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई नियम-कानूनों और न्यायिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर की गई है, जहाँ गरीबों के मकान तोड़े गए, जबकि प्रभावशाली लोगों के निर्माणों को छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है। नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास नहीं दिया गया, तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय जनता एक व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। विनोद पोरिया ने भी कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और पीड़ित परिवारों को राहत नहीं दी तो उग्र जनसंघर्ष खड़ा होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की होगी। ओमप्रकाश पंजाबी ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस पार्टी गरीबों, दलितों, मजदूरों और वंचित वर्गों पर होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया ने क्षेत्रीय विधायक पर पीड़ितों की पीड़ा न सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये के मकान, घरेलू सामान और गृहस्थी नष्ट हो गई, और सरकार की ओर से केवल नगण्य सहायता की बात की जा रही है, जबकि कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत, पुनर्वास, मुआवजा, यथास्थिति संरक्षण और पुनः बसाने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी, प्रभावित परिवार और स्थानीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन की होगी। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹2 लाख की अंतरिम आर्थिक सहायता, आवास निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री, संपत्ति क्षति का सर्वे कर पूर्ण क्षतिपूर्ति, प्रत्येक परिवार को ₹20 लाख का मुआवजा, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखना, रेलवे के भूमि अभिलेख सार्वजनिक करना, और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना शामिल है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव, नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय, विनोद पोरिया, ओमप्रकाश पंजाबी, एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया, एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में मयंक साहू हत्याकांड के आरोपी यश सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी मयंक साहू की हत्या के मामले में की गई है, जिसकी जाँच मोतीनगर थाना पुलिस कर रही थी।2
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- बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।1
- विदिशा के ग्राम मणिपुर में रहने वाले कई किसानों ने कलेक्टर के सामने गुहार लगाई है। किसानों का आरोप है कि मालम सिंह नामक एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक बिजली पहुंचाने वाली पंप लाइन को बीच में रोककर उस पर कब्जा कर लिया है, जिससे पिछले तीन महीनों से पानी की आपूर्ति बंद है। उनका कहना है कि लाइन खोलने के लिए कहने पर वह व्यक्ति खुद आत्महत्या करने की चेतावनी देता है और उन्हें जान से मारने की धमकी भी देता है। किसानों ने बताया कि इस कब्जे के कारण उनकी मूंग की फसल खराब हो चुकी है। अब वे धान की फसल की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यदि समय पर पानी नहीं मिला तो यह फसल भी खराब हो जाएगी। किसानों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर विभिन्न जगहों पर शिकायतें की थीं, लेकिन कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके बाद वे आज कलेक्टर से शिकायत करने आए हैं।4
- सागर के मकरोनिया थाना क्षेत्र की गौर नगर कॉलोनी में एक कार और बाइक की टक्कर के बाद दो पक्षों के बीच जोरदार विवाद हो गया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक लड़की द्वारा थप्पड़ मारे जाने का दृश्य है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन भिड़ंत के तुरंत बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही एक बड़े विवाद में बदल गई। मौके पर मौजूद कई लोगों ने स्थिति को शांत करने और बीच-बचाव का प्रयास किया। यह वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकी है। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद, आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, विवाद के पीछे के असल कारणों और किसी भी पक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1