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राजस्थान के रावतभाटा में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर के कारण इस वर्ष मानसून 25 दिन पीछे चल रहा है। मानसून की इस देरी के चलते क्षेत्र में बांधों का जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। भीषण उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 293.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
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राजस्थान के रावतभाटा में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर के कारण इस वर्ष मानसून 25 दिन पीछे चल रहा है। मानसून की इस देरी के चलते क्षेत्र में बांधों का जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। भीषण उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 293.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
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- राजस्थान के रावतभाटा में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर के कारण इस वर्ष मानसून 25 दिन पीछे चल रहा है। मानसून की इस देरी के चलते क्षेत्र में बांधों का जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। भीषण उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 293.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।1
- चीन की राजधानी बीजिंग में एक छोटा विमान 109 मंजिला ऊंची इमारत से टकरा गया। इस विमान हादसे के बाद, विमान कई टुकड़ों में बंट गया, और उसके छोटे-छोटे टुकड़े आसमान से नीचे गिरते दिखाई दिए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट से जुड़ी रेनीत 2026 की टॉपर बन गई हैं। उनका नाम NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के साथ चमक रहा है। इस संदर्भ में उपलक्ष्य गोयल का भी जिक्र किया गया है।3
- लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बून्दी के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद-बीज की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बिरला ने यह भी सुनिश्चित किया कि नहरी पानी का संचालन भी समय पर कराया जाएगा, जिससे हाड़ौती क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।1
- एक स्कूल के ग्राउंड में अनावश्यक पत्थर पड़े होने और बारिश के पानी के जमाव के कारण बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राउंड में जगह-जगह बिखरे इन पत्थरों की वजह से खेलते समय कई बच्चों को चोटें भी लगी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- लखनऊ समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों और केंद्र सरकार, विभिन्न उच्च न्यायालयों तथा राज्य सरकार की सख्ती के मद्देनजर कोटा प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शहर में बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) संचालित कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों और व्यावसायिक भवनों के खिलाफ नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान शुरू किया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि नगर निगम और अग्निशमन विभाग की लगभग 25 सदस्यीय संयुक्त टीम शहर के केशवपुरा, बालाकुंड, जवाहर नगर, बोरखेड़ा, स्टेशन क्षेत्र, लैंडमार्क सिटी, तलवंडी, इंदिरा विहार और बालाजी मार्केट सहित विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर रही है। अभियान के दौरान जिन भवनों में बिना फायर एनओसी के कोचिंग संस्थान, हॉस्टल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिल रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी के गंभीर मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी जारी रहने पर संबंधित भवनों को 180 दिनों तक सीज भी किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। राकेश व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। कोटा देशभर के लाखों विद्यार्थियों का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, इसलिए यहां विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है और जहां भी कमियां मिल रही हैं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को विरोध और अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों और भवन संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- दुनिया के सभी यज़ीद इसी गहरे ग़म में मर गए कि उन्हें हुसैन का सर तो मिल गया, लेकिन वे उनकी बे'अत हासिल नहीं कर पाए। यह पंक्ति हुसैन के अटल रुख़ और यज़ीद की उस अपूर्ण जीत को दर्शाती है जहाँ शारीरिक रूप से कुछ हासिल होने के बावजूद वैचारिक समर्पण नहीं मिल पाया।1
- राजस्थान के कोटा संभाग में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ श्रीपुरा इलाके में गन्ने का ठेला लगाने वाले एक गरीब दुकानदार को एक महीने का ₹2,66,276 का बिजली बिल थमा दिया गया। इतनी भारी-भरकम राशि देखकर पीड़ित दुकानदार सदमे में आ गया। पीड़ित दुकानदार धनराज सुमन ने बताया कि वे इस बड़े बिल को सही करवाने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर के कई चक्कर लगा चुके थे, लेकिन थक हारने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर धनराज ने स्थानीय समाजसेवी हिम्मत सिंह से गुहार लगाई, जिसके बाद मामला गरमा गया। हिम्मत सिंह ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई और विभाग के आला अधिकारियों तक बात पहुंचाई। जनहित में आवाज़ उठते ही बिजली विभाग तुरंत हरकत में आया और अगले ही दिन मौके पर कार्रवाई की गई। विभाग ने तत्काल बिजली मीटर की जांच करवाई, पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगाया और समझौते के तहत ₹2,66,276 के बिल को संशोधित कर महज ₹14,945 कर दिया, जिससे पीड़ित को बड़ी राहत मिली। इस सफलता के बाद समाजसेवी हिम्मत सिंह ने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी सरकारी विभाग की तानाशाही या फर्जी बिलों के खिलाफ डरें नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ बुलंद करें। पीड़ित धनराज सुमन और स्थानीय लोगों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए समाजसेवी हिम्मत सिंह और टीम का आभार व्यक्त किया।1