उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।1
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के बालागंज स्थित लाल मस्जिद के पास एक पेट्रोल पंप के सामने देर रात जमकर बेल्टें चलीं। इस घटना का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- लखनऊ नगर निगम के जोन-6 स्थित आचार्य नरेंद्र देव वार्ड में ठाकुरद्वारा मंदिर और हज़रत अब्बास दरगाह के बीच चल रहे अवैध कूड़ा घर को जनहित याचिका संख्या 376/2026 और लगातार की गई शिकायतों के बाद बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षणवादी व सामाजिक कार्यकर्ता सैयद अली हसनैन के प्रयासों के फलस्वरूप हुई। हालांकि, स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने सैयद अली हसनैन के घर से मात्र एक खंभे की दूरी पर स्थित एक धार्मिक संरचना और उससे जुड़े मैदान में ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। आरोप है कि इस स्थान पर पहले भी चोरी-छिपे कचरा फेंका जाता था, जिसकी शिकायतें तब भी की गई थीं। पिछले साल के एक वीडियो में भी स्थानीय लोग इसी जगह पर कूड़ा डाले जाने का विरोध करते हुए दिखे थे। निवासियों का कहना है कि अब यह कार्य खुले तौर पर और जानबूझकर किया जा रहा है, जिससे न केवल धार्मिक स्थल, बल्कि आसपास का वातावरण और लोगों का जनस्वास्थ्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम जोन 6 के वार्ड में मौलाना कल्बे आबिद और निगम कर्मचारी धार्मिक संरचनाओं के पास रहीसी बस्ती में बच्चों के खेलने के मैदान में कूड़े की गाड़ियां पलट रहे हैं। लोगों ने इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और इस समस्या के तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है।2
- लखनऊ में मोहन भागवत ने एक बयान में कहा है कि जातियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। यह जानकारी संवाददाता आशीष मिश्रा ने दी।1
- आज दिनांक 26 मई 2026 को जनपद सुल्तानपुर के क्षेत्राधिकारी नगर के सरकारी वाहन संख्या यूपी 32 ईजी 7957 में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ गई थीं। इसे बनवाने के लिए जब ड्राइवर द्वारा गाड़ी को सर्विस सेंटर ले जाया जा रहा था, तभी शाम करीब 6:30 बजे अमहट चौराहे पर अचानक उसमें आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुँची और आग को बुझाया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और गाड़ी का ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि गाड़ी में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी, जिसकी जांच जारी है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री वृजनारायण सिंह ने भी जानकारी दी है।1
- सूरत रेलवे स्टेशन पर लगा तिरंगा एक वीडियो में दिखाया गया है। दर्शकों से यह वीडियो देखकर अपना अनुभव साझा करने और बताने का आग्रह किया गया है कि उन्हें यह कैसा लगा।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरनिया चौकी इलाके से बीच सड़क पर हुई मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को सड़क पर लड़ते हुए देखा जा सकता है।1
- सुल्तानपुर जनपद के थाना कोतवाली चांदा क्षेत्र में 26 मई 2026 को दोपहर लगभग 3:00 बजे एक दुखद घटना हुई, जहां गोमती नदी में नहाने गया एक 18 वर्षीय युवक डूब गया। शाहपुर जंगल स्थित गौरीशंकर मंदिर से करीब 600 मीटर दूर, आस मोहम्मद नामक यह युवक गर्मी से निजात पाने के लिए नदी में उतरा था। नहाते समय वह नदी के गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। शोर सुनकर वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी और गोताखोर उसे बचाने पहुंचे। उन्होंने युवक को पानी से बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी चांदा ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के संबंध में पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर ली गई है और परिवार से संपर्क किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना पर क्षेत्राधिकारी लम्भुआ, श्री ऋतिक कपूर ने बताया कि थाना कोतवाली चांदा, जनपद सुलतानपुर के शाहपुर जंगल में गौरीशंकर मंदिर से लगभग 600 मीटर दूर एक व्यक्ति, जिसकी पहचान आस मोहम्मद (उम्र लगभग 18 वर्ष) के रूप में हुई है, गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने गया था, तभी वह डूब गया।1
- एसी में हंता जैसे वायरस के संक्रमण के कारण लोग रातभर खांसी से परेशान हो रहे हैं। इस वायरस के प्रभाव से लोगों को उल्टी और लूज मोशन जैसी समस्याएँ भी आ रही हैं, और यह फेफड़ों पर हमला कर रहा है। इन स्थितियों के मद्देनजर, कुछ खास जगहों पर रहने से बचने की सलाह दी गई है, हालांकि उन स्थानों का उल्लेख नहीं किया गया है।1