स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर 9636980959 डूंगरपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर वागड़ अंचल की पावन धरा डूंगरपुर में खुशियों और उत्साह का माहौल छाया हुआ है। भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र बंधन का यह त्योहार शहर के दिल कहे जाने वाले गेप सागर झील की पाल पर पूरी भव्यता के साथ सजीव हो उठा है। शाम होते ही गेप सागर की पाल पर जगमगाती दुकानों और लोगों की चहल-पहल ने पूरे वातावरण को उत्सव के रंगों में सरोबोर कर दिया है। बाजार में सजीं रंग-बिरंगी राखियां गेप सागर की पाल पर लगी अस्थाई दुकानों पर इस बार एक से बढ़कर एक खूबसूरत राखियों की दुकानें सजी हैं। बहनों के लिए चयन के अपार विकल्प मौजूद हैं— बच्चों के लिए: छोटा भीम, डोरेमोन, एवेंजर्स और लाइट वाली राखियों की भारी मांग है। पारंपरिक राखियां: रेशम के धागे, कुंदन, मोती, चंदन और मौली (कलावा) से बनी राखियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। ट्रेंडिंग राखियां: लुम्बा राखी (भाभी के लिए), ब्रेसलेट स्टाइल और चांदी के वर्क वाली राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। उमड़ा जनसैलाब, रौनक से सराबोर शहर झील के किनारे बहती सुहानी हवा और रंग-बिरंगी दुकानों की रोशनी के बीच खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए सबसे खास राखी तलाश रही हैं, तो वहीं भाई भी अपनी बहनों को देने के लिए उपहारों और मिठाई की दुकानों पर खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। गेप सागर की पाल पर लगीं चाट-पकोड़ी और आइसक्रीम की स्टॉल्स ने इस खरीदारी के अनुभव को एक पारिवारिक मेले का रूप दे दिया है। पवित्र रिश्ते की अटूट मिसाल रक्षाबंधन महज एक धागा बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और निस्वार्थ प्रेम का संकल्प है। डूंगरपुर की यह रौनक इस बात की गवाह है कि आधुनिकता के इस दौर में भी वागड़ की संस्कृति और रिश्तों की मिठास उतनी ही गहरी और अटूट है।
स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर 9636980959 डूंगरपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर वागड़ अंचल की पावन धरा डूंगरपुर में खुशियों और उत्साह का माहौल छाया हुआ है। भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र बंधन का यह त्योहार शहर के दिल कहे जाने वाले गेप सागर झील की पाल पर पूरी भव्यता के साथ सजीव हो उठा है। शाम होते ही गेप सागर की पाल पर जगमगाती दुकानों और लोगों की चहल-पहल ने पूरे वातावरण को उत्सव के रंगों में सरोबोर कर दिया है। बाजार में सजीं रंग-बिरंगी राखियां गेप सागर की पाल पर लगी अस्थाई दुकानों पर इस बार एक से बढ़कर एक खूबसूरत राखियों की दुकानें सजी हैं। बहनों के लिए चयन के अपार विकल्प मौजूद हैं— बच्चों के लिए: छोटा भीम, डोरेमोन, एवेंजर्स और लाइट वाली राखियों की भारी मांग है। पारंपरिक राखियां: रेशम के धागे, कुंदन, मोती, चंदन और मौली
(कलावा) से बनी राखियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। ट्रेंडिंग राखियां: लुम्बा राखी (भाभी के लिए), ब्रेसलेट स्टाइल और चांदी के वर्क वाली राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। उमड़ा जनसैलाब, रौनक से सराबोर शहर झील के किनारे बहती सुहानी हवा और रंग-बिरंगी दुकानों की रोशनी के बीच खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए सबसे खास राखी तलाश रही हैं, तो वहीं भाई भी अपनी बहनों को देने के लिए उपहारों और मिठाई की दुकानों पर खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। गेप सागर की पाल पर लगीं चाट-पकोड़ी और आइसक्रीम की स्टॉल्स ने इस खरीदारी के अनुभव को एक पारिवारिक मेले का रूप दे दिया है। पवित्र रिश्ते की अटूट मिसाल रक्षाबंधन महज एक धागा बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और निस्वार्थ प्रेम का संकल्प है। डूंगरपुर की यह रौनक इस बात की गवाह है कि आधुनिकता के इस दौर में भी वागड़ की संस्कृति और रिश्तों की मिठास उतनी ही गहरी और अटूट है।
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 धंबोला पुलिस द्वारा चुंडावाडा गांव में हुई चोरी की वारदात किया खुलासा। भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 धंबोला पुलिस द्वारा चुंडावाडा गांव में हुई चोरी की वारदात किया खुलासा। डूंगरपुर श्रीमान मनीष कुमार पुलिस अधीक्षक महोदय डूंगरपुर के निर्देशानुसार श्रीमान खीवसिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय डूंगरपुर एवं श्रीमान मदनलाल विश्नोई वृताधिकारी वृत सीमलवाडा के सुपरविजन में श्री चंद्रशेखर किलानिया थानाधिकारी धंबोला के नेतृत्व में टीम का गठन किया । थाना धम्बोला द्वारा कड़ी से कड़ी जोड़ वारदात में शामिल दो आदतन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया । दोनों शातिर चोरों की मुलाकात गुजरात में मजदूरी के दौरान हुई जहां से उन्होंने चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने त्योहारों से पहले धन इकट्ठा करने की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तारशुदा आरोपी गंगाराम के खिलाफ हत्या , चोरी, लुट, नकबजनी, का प्रयास सहित कई घटना के प्रकरण दर्ज हैं अभियुक्त गंगाराम के खिलाफ उदयपुर, राजसमन्द, सहित डूंगरपुर में कुल 20 प्रकरण दर्ज हैं। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना धम्बोला का योगदान रहा।1
- *नटखट कान्हा ओर राधा के साथ झूमे नाव मनोरथी* गीतेश पंड्या *नटखट कान्हा ओर राधा के साथ झूमे नाव मनोरथी* गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर। डूंगरपुर। नया महादेव मंदिर परिसर में श्रावण मास में चल रहे नाव मनोरथ कार्यक्रम में प्रतिदिन शहर निवासी ओर सनातनी भक्तों द्वारा लड्डू गोपाल की नौका विहार यात्रा का सुमधुर भजनों ओर रास गरबा नृत्य के साथ आनंद लिया जा रहा है। इसी क्रम में कल के नाव मनोरथ कार्यक्रम में सौम्या भट्ट ओर द्विशा झा द्वारा नटखट कान्हा ओर राधा की वेश भूषा में नाव मनोरथ कार्यक्रम किया गया। अंजली जोशी और मोहित भंडारी द्वारा भी नाव मनोरथ कार्यक्रम में युगल जोड़ी के तौर पर अपनी भूमिका निभाई। हियान जोशी ने भी अपनी बाल भूमिका प्रस्तुत की। नाव मनोरथ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा दोनों ही जोड़ी को बहुत भक्ति भावना के साथ प्यार सम्मान दिया गया। पूरे उत्साह उमंग के साथ भक्ति गीत पर रास गरबा नृत्य के उत्सव का आनंद प्राप्त किया।3
- डूंगरपुर में सूने मकान में लाखो की चोरी का खुलासा, दो शातिर चोर गिरफ्तार, एक आरोपी पर पूर्व में दर्ज है 20 प्रकरण एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले की धम्बोला थाना पुलिस ने चूण्डावाडा गांव में सूने मकान में हुई लाखो की चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है, वहीं चोरी गए सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। गिरफ्तार एक आरोपी के खिलाफ राजस्थान के कई जिलो में 20 मामले दर्ज है | बॉडी- डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाने के सीआई चंद्रशेखर किलाणिया ने बताया कि चूण्डावाडा निवासी अमरसिंह चुण्डावत ने थाना धम्बोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 अगस्त 2026 को वे अपने परिवार सहित किसी आवश्यक कार्य से घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। 17 अगस्त की सुबह जब उनकी पत्नी घर लौटीं, तो मुख्य दरवाजे का नकतोसा टूटा हुआ था और कमरे में रखी तिजोरी खुली पड़ी थी। चोर तिजोरी में रखे सोने की चैन, अंगूठी, कान की बाली, पेंडल, करीब 500 ग्राम चांदी, 50,000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गए थे। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए लोकेश कटारा और गंगाराम परमार को चिन्हित किया। मुखबिर की सूचना पर धम्बोला पावरहाउस तिराहे के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बाइक से भागने का प्रयास कर रहे दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने चूण्डावाडा गांव में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोकेश और गंगाराम की मुलाकात अहमदाबाद (गुजरात) में मजदूरी के दौरान हुई थी। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई और उन्होंने आगामी त्योहारों से पहले अच्छा पैसा इकट्ठा करने के लिए चोरी की साजिश रची थी | पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गंगाराम पुत्र लक्ष्मण परमार शातिर एवं आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) है। इसके खिलाफ जिला राजसमंद, उदयपुर और डूंगरपुर के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी, लूट और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 20 मामले दर्ज हैं। फिलहाल धम्बोला थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से चोरी गए माल-मशरूका की बरामदगी के लिए गहनता से पूछताछ कर रही है।1
- डूंगरपुर में नगर परिषद चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका : प्रजापत समाज का कांग्रेस में सामूहिक विलय भाजपा की 35 वर्षों की नाकामियों और 7 बोर्ड के कुशासन से नाराज समाज के दर्जनों सदस्यों ने थामा हाथ का साथ; शहर के विकास को नई दिशा देने का लिया संकल्प संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। नगर परिषद चुनाव की दहलीज पर खड़े डूंगरपुर शहर की राजनीति में उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब नगर के प्रजापत समाज ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अपना नाता तोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। प्रजापत समाज के अध्यक्ष नगीनलाल प्रजापत एवं पूर्व अध्यक्ष कालू भाई प्रजापत के नेतृत्व में समाज के दर्जनों प्रबुद्ध नागरिकों एवं युवाओं ने एक साथ कांग्रेस की रीति-नीति में आस्था व्यक्त करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के चुनाव प्रभारी हीरालाल दरांगी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, सभापति प्रत्याशी भरत नागदा, संगठन महामंत्री नारायण पंड्या, शार्दुल चौबीसा, योगेश कोटड़िया, मनोहर कंसारा, भगवती प्रसाद पंड्या सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नव-समर्थित सदस्यों का दुपट्टा ओढाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। कांग्रेस नेताओं ने नव-आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। प्रजापत समाज का यह साथ डूंगरपुर के विकास को नई ऊंचाई और नई दिशा प्रदान करेगा। - 35 साल के 7 बोर्ड की नाकामियों से उपजा जनाक्रोश सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान प्रजापत समाज के प्रतिनिधियों ने भाजपा पर उपेक्षा का सीधा आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि डूंगरपुर शहर में पिछले 35 वर्षों के दौरान भाजपा के लगातार 7 बोर्ड रहे, लेकिन विकास के नाम पर केवल वादे और दावे ही किए गए। 35 वर्षों के इस लंबे कार्यकाल में शहर की मूलभूत समस्याओं सड़क, पेयजल, स्वच्छता और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। समाज के प्रबुद्धजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के 7 बोर्ड के इस साढ़े तीन दशक लंबे कुशासन ने डूंगरपुर को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। समाज के पारंपरिक हुनर और नगर निर्माण में उनके योगदान को हमेशा नजरअंदाज किया गया, जिससे क्षुब्ध होकर समाज ने नगर के सर्वांगीण विकास हेतु कांग्रेस का समर्थन करने का ठोस निर्णय लिया। - कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रजापत समाज के सदस्य कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यक्ष नगीनलाल प्रजापत, पूर्व अध्यक्ष कालू भाई प्रजापत, कारूलाल प्रजापत, देवीलाल, राकेश, अजय, प्रवीण, राजू, प्रकाश, रवि प्रजापत, दिनेश प्रजापत, दिलीप प्रजापत, गणेश प्रजापत, गौतम प्रजापत, कमलेश प्रजापत, रमेश प्रजापत, केशव लाल, रोहित प्रजापत, सुनील प्रजापत, नंदलाल प्रजापत, मोहित प्रजापत, नवीन प्रजापत, प्रथम प्रजापत, रोहन प्रजापत, मधुसूदन प्रजापत, शुभम प्रजापत, लव प्रजापत, शंकर प्रजापत, गौरव प्रजापत, निहाल प्रजापत, राजेश प्रजापत, कुणाल प्रजापत, मनीष प्रजापत, अंकित प्रजापत, प्रसाद प्रजापत, यश प्रजापत, मनीष, कैलाश प्रजापत, रमेश चंद्र प्रजापत, हीरालाल प्रजापत, हितेश प्रजापत, महेश प्रजापत, रूपलाल प्रजापत, धनराज प्रजापत, जयप्रकाश प्रजापत, फतेह लाल, कुंदन प्रजापत, अशोक प्रजापत, चिराग प्रजापत, विशाल प्रजापत, हरीश प्रजापत, विनोद प्रजापत, लोकेश प्रजापत, जग्गू प्रजापत, मगन, दीपक, चंद्रशेखर, सिद्धार्थ, दिलीप, वीर, रूपेश, दिनेश एवं जयंतीलाल राजू सहित वार्ड नंबर 27, वार्ड नंबर 8 एवं वार्ड नंबर 13 से प्रजापत समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- राजस्थान सरकार के द्वारा राजस्थान में विद्यालयों के अंदर विद्या सम्बलन योजना अंतर्गत वेकल्पीत व्यवस्था के तौर पर विषयवार अभ्यर्थियों को लेने का और विद्यालय स्तर पर ही उनकी मेरिट सूची जारी करना उसको लेकर के समाज सेवी दिनेश आहारी ने क्या कहा अवश्य सुने, उन्होंने कहा कि फिर आरक्षण का मतलब क्या रहा ❓ और इसमें सबसे ज्यादा एसटी एससी ओबीसी का तो नुकसान हो जाएगा, इससे बेहतर है उसकी विज्ञप्ति जारी करते हुए जिला स्तर पर ही आरक्षण व्यवस्था अनुसार वर्ग वाइज आरक्षण गाइडलाइन की पालना करते हुए तमाम मापदंड निर्धारित किये जाए और वरीयता सूची जारी की जाए,ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ में भेदभाव नहीं हो, अन्याय नहीं होगा, अन्यथा इस प्रकार के आदेश से एसटी एससी ओबीसी के अभ्यर्थियों का नुकसान होगा,जो नहीं होना चाहिए, पूर्व में भी इस तरह से एसटी एससी ओबीसी का नुकसान हो चुका है,सभी जनप्रतिनिधियों से निवेदन है इस प्रकार के आदेश को निरस्त करवाते हुए उसमें पारदर्शिता लाई जाए ताकि इस क्षेत्र के और संपूर्ण राजस्थान के अभ्यर्थियों में से किसी के साथ में अन्याय ना हो -समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ✍️ राजस्थान सरकार के द्वारा राजस्थान में विद्यालयों के अंदर विद्या सम्बलन योजना अंतर्गत वेकल्पीत व्यवस्था के तौर पर विषयवार अभ्यर्थियों को लेने का और विद्यालय स्तर पर ही उनकी मेरिट सूची जारी करना उसको लेकर के समाज सेवी दिनेश आहारी ने क्या कहा अवश्य सुने, उन्होंने कहा कि फिर आरक्षण का मतलब क्या रहा ❓ और इसमें सबसे ज्यादा एसटी एससी ओबीसी का तो नुकसान हो जाएगा, इससे बेहतर है उसकी विज्ञप्ति जारी करते हुए जिला स्तर पर ही आरक्षण व्यवस्था अनुसार वर्ग वाइज आरक्षण गाइडलाइन की पालना करते हुए तमाम मापदंड निर्धारित किये जाए और वरीयता सूची जारी की जाए,ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ में भेदभाव नहीं हो, अन्याय नहीं होगा, अन्यथा इस प्रकार के आदेश से एसटी एससी ओबीसी के अभ्यर्थियों का नुकसान होगा,जो नहीं होना चाहिए, पूर्व में भी इस तरह से एसटी एससी ओबीसी का नुकसान हो चुका है,सभी जनप्रतिनिधियों से निवेदन है इस प्रकार के आदेश को निरस्त करवाते हुए उसमें पारदर्शिता लाई जाए ताकि इस क्षेत्र के और संपूर्ण राजस्थान के अभ्यर्थियों में से किसी के साथ में अन्याय ना हो -समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ✍️1
- गौरीशंकर लबाना की स्मृति में पौधरोपण, विद्यार्थियों को बांटे बैग राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांकड़ा में आदर्श शिक्षक एवं समाजसेवी स्व. गौरीशंकर लबाना की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत स्व. लबाना के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थितजनों ने उनके शिक्षा के प्रति समर्पण, संस्कारों और समाजसेवा में योगदान को याद किया। कार्यक्रम में सहायक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह, डॉ. अशोक राव, पूर्व प्रधानाचार्य कांतिलाल, सुल्तान सिंह चौहान, प्रवीण लबाना, सुखराम लबाना, स्थानीय प्रधानाचार्य महेंद्र लबाना, जयंतीलाल कलाल, चंदूभाई लबाना, पूर्व गिरदावर अमरसिंह लबाना, मनीलाल डामोर, पूर्व सरपंच लक्ष्मणभाई लबाना, कोमेंद्र सिंह, रामसोर के प्रधानाचार्य जसवंत लबाना, भारत विकास परिषद अध्यक्ष महेंद्र देचिया, डॉ. निखिल जैन एवं विद्यालय प्रधानाचार्य रमेश डामोर सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे। डॉ. प्रफुल्ल लबाना ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्व. गौरीशंकर लबाना के आदर्श और शिक्षा के प्रति समर्पण सदैव समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा के बाद विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री एवं स्कूल बैग के स्थान पर विद्यालयी बस्ते भी वितरित किए गए। परिवार की ओर से विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को सामूहिक भोज करवाया गया। कार्यक्रम का संचालन पोपट लबाना ने किया, जबकि अनेरी ने आभार जताया। परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। परिवार की ओर से बताया गया कि स्व. गौरीशंकर लबाना की स्मृति में सेवा कार्य आगे भी जारी रहेंगे।4
- 🚨 डूंगरपुर में बड़ा स्कूल हादसा, गनीमत रही टला बड़ा नुकसान! राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सन्तु देवकी स्थित अपर प्राथमिक स्कूल में 24 अगस्त को जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। हादसे के समय स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ रहे थे। राहत की बात यह रही कि जिस कमरे की छत गिरी, वह करीब एक साल से बंद था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सवाल यह है कि जब सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं, तो शिक्षा विभाग और प्रशासन समय रहते इनकी मरम्मत क्यों नहीं करवाता? बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। जिम्मेदार विभाग को जिले के सभी जर्जर स्कूल भवनों का तत्काल निरीक्षण करवाकर आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण करवाना चाहिए। 📢 सरकार से मांग है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जर्जर भवनों पर तत्काल कार्रवाई हो। #Dungarpur #Rajasthan #SchoolAccident #SchoolSafety हमारे न्यूज चैनल को शैयर करें साथ ही सस्काइबर करना ना भूलें 👇1
- स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ स्नेह का समंदर, भक्ति का किनारा: गेप सागर की पाल पर उमड़ी राखी की खरीदारी की भीड़ गीतेश पंड्या संवाददाता डूंगरपुर 9636980959 डूंगरपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर वागड़ अंचल की पावन धरा डूंगरपुर में खुशियों और उत्साह का माहौल छाया हुआ है। भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र बंधन का यह त्योहार शहर के दिल कहे जाने वाले गेप सागर झील की पाल पर पूरी भव्यता के साथ सजीव हो उठा है। शाम होते ही गेप सागर की पाल पर जगमगाती दुकानों और लोगों की चहल-पहल ने पूरे वातावरण को उत्सव के रंगों में सरोबोर कर दिया है। बाजार में सजीं रंग-बिरंगी राखियां गेप सागर की पाल पर लगी अस्थाई दुकानों पर इस बार एक से बढ़कर एक खूबसूरत राखियों की दुकानें सजी हैं। बहनों के लिए चयन के अपार विकल्प मौजूद हैं— बच्चों के लिए: छोटा भीम, डोरेमोन, एवेंजर्स और लाइट वाली राखियों की भारी मांग है। पारंपरिक राखियां: रेशम के धागे, कुंदन, मोती, चंदन और मौली (कलावा) से बनी राखियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। ट्रेंडिंग राखियां: लुम्बा राखी (भाभी के लिए), ब्रेसलेट स्टाइल और चांदी के वर्क वाली राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। उमड़ा जनसैलाब, रौनक से सराबोर शहर झील के किनारे बहती सुहानी हवा और रंग-बिरंगी दुकानों की रोशनी के बीच खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए सबसे खास राखी तलाश रही हैं, तो वहीं भाई भी अपनी बहनों को देने के लिए उपहारों और मिठाई की दुकानों पर खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। गेप सागर की पाल पर लगीं चाट-पकोड़ी और आइसक्रीम की स्टॉल्स ने इस खरीदारी के अनुभव को एक पारिवारिक मेले का रूप दे दिया है। पवित्र रिश्ते की अटूट मिसाल रक्षाबंधन महज एक धागा बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और निस्वार्थ प्रेम का संकल्प है। डूंगरपुर की यह रौनक इस बात की गवाह है कि आधुनिकता के इस दौर में भी वागड़ की संस्कृति और रिश्तों की मिठास उतनी ही गहरी और अटूट है।2