गुजरात के सूरत में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के वराछा इलाके में स्थित पोद्दार आर्केड का ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट पूरी तरह से पानी में डूब गया, जिसके कारण यहाँ का व्यवसाय ठप हो गया है और भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पोद्दार आर्केड, जो एक प्रमुख कमर्शियल और मोबाइल मार्केट है, उसकी निचली मंजिलें 10 से 18 इंच तक हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। मार्केट के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में पानी भर जाने से इलेक्ट्रॉनिक सामानों और कपड़ों को भारी क्षति पहुंची है, जिससे व्यापारियों को एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की स्थिति के जवाब में, प्रशासन ने निचले इलाकों से 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 3,400 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है।
गुजरात के सूरत में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के वराछा इलाके में स्थित पोद्दार आर्केड का ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट पूरी तरह से पानी में डूब गया, जिसके कारण यहाँ का व्यवसाय ठप हो गया है और भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पोद्दार आर्केड, जो एक प्रमुख कमर्शियल और मोबाइल मार्केट है, उसकी निचली मंजिलें 10 से 18 इंच तक हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। मार्केट के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में पानी भर जाने से इलेक्ट्रॉनिक सामानों और कपड़ों को भारी क्षति पहुंची है, जिससे व्यापारियों को एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की स्थिति के जवाब में, प्रशासन ने निचले इलाकों से 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 3,400 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है।
- हरदा-हंडिया प्रशासन से मांग की गई है कि सड़कों पर बैठे गौवंशों के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए। यह अपील इसलिए की जा रही है क्योंकि ये गौवंश रोजाना सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।2
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हरदा नगर इकाई ने आज विद्यार्थी दिवस, जो उनके स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन पीएम श्री कॉलेज में संपन्न हुआ, जहाँ युवाओं के आराध्य स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का दूध और जल से अभिषेक किया गया। इस दौरान, प्रतिमा को तिलक लगाकर माल्यार्पण भी किया गया। इस अवसर पर नगर मंत्री निकुंज शर्मा, पूर्व नगर मंत्री शुभम ढोके, नगर अध्यक्ष गिरीश रावल, तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता दानिश, विशाल, प्रद्युमन, जतिन, लक्ष्मण, रुद्र, सौम्य, रंजीत, विकास, नंदनी, दीपिका और सरिता सहित समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।2
- हाल ही में एक वायरल वीडियो ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं द्वारा 10 मिनट में खाना पहुंचाने के दावे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस वीडियो में मुख्य रूप से यह पूछा जा रहा है कि इतनी कम समय सीमा में दिया जाने वाला भोजन कितना ताजा होता है। वायरल हुए इस दावे ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी के तरीकों और गुणवत्ता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। यह रिपोर्ट एडिटर जुनैद क़ादरी द्वारा दी गई है।1
- सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल सेवाओं को जल्दी चालू करने का मुद्दा उठाया है।1
- भारतीय किसान संघ ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा है। इसी कड़ी में, आज किसान संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन और प्रशासन से भिक्षा मांगकर अपना अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान अपने हाथों में कटोरा लिए, भजन गाते हुए सरकार और प्रशासन के सामने आए और भीख मांगी, यह दर्शाते हुए कि 'सरकार मूंग नहीं खरीद रही तो अन्नदाता भूखा न रहे' और उन्हें अपना गुजारा करने में मदद करें। भारतीय किसान संघ के आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन बीते तीन दिनों से लगातार चल रहा है, जिसमें किसान अपने खर्च पर खाना बना रहे हैं, टेंट लगाए हैं और कूलर की व्यवस्था भी की है ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। उन्होंने शिकायत की कि सरकार ने अभी तक मूंग की खरीदी की कोई घोषणा नहीं की है, और किसानों को दो महीने पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान भी नहीं मिला है। किसानों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए उन्होंने भिक्षा मांगकर शासन-प्रशासन से सहयोग की अपील की है। संघ के संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि किसान अन्नदाता और प्रजापालक हैं, जो अन्न का उत्पादन कर प्रजा का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन आज अन्नदाता के पास स्वयं के पालन-पोषण के लिए भी पैसे नहीं हैं और वह परिवार छोड़कर आंदोलन में बैठा है। सरकार द्वारा कोई भुगतान न होने से किसान परेशान हैं और आंदोलन का खर्च कैसे उठाएं, इसी वजह से भिक्षा मांगकर सहयोग चाहा गया है। जिला सहमंत्री रजत दुबे ने बताया कि किसानों ने कड़ी मेहनत से प्रति एकड़ 4-5 क्विंटल मूंग का बंपर उत्पादन किया है। हालांकि, सरकार ने केवल 1 क्विंटल 20 किलो प्रति किसान की उपज खरीदने की घोषणा की है, जो बहुत कम है। इससे किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर मंडियों में बेचनी पड़ेगी, जहां भाव ₹4500-₹5000 प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। संघ ने सरकार से शीघ्रता से शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा करने की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन में डोलरिया, नर्मदापुरम और इटारसी के कार्यकर्ता शामिल रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल, जिला सहमंत्री रजत दुबे, आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान, श्रीराम दुबे, डोलरिया तहसील अध्यक्ष बदामीलाल साध, विनोद दुबे, राजकुमार राजपूत, श्यामशरण तिवारी, शरद पटेल, अविनेश चौधरी, सुभाष साध, राजेश साध, पन्नालाल गौर और ब्रजकिशोर लोवंशी प्रमुख थे।1
- खंडवा में आयोजित एक दिव्यांग सहायता शिविर में गंभीर अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा, जिसके कारण दिव्यांगजनों को कीचड़ में घिसटकर चलने पर मजबूर होना पड़ा। सुविधाओं के घोर अभाव के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई, जिसने शिविर की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और दिव्यांगों की परेशानियाँ और भी बढ़ा दी हैं। दिव्यांग रजाक खान ने इन अव्यवस्थाओं को लेकर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- खरगोन जिले के सनावद अंतर्गत ग्राम भोगांवा सिपानी में पुल के पास उसी गाँव के निवासी नारायण नामक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। थाना बेड़िया को सूचना मिलने पर मर्ग क्रमांक 38/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। शव संदेहास्पद स्थिति में मिलने, मृतक को लगी चोटों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ-साथ पीएम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का कारण गंभीर चोटें लगना पाया गया, जिसके बाद थाना बेड़िया में अपराध क्रमांक 175/2026 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के मार्गदर्शन में और थाना प्रभारी बेड़िया निरीक्षक श्री रामेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, जिसमें जानकारी मिली कि घटना दिनांक 04.07.26 को मृतक नारायण का अपने पुत्र जयपाल से घर न जाने और गाली-गलौज करने को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी विवाद में जयपाल ने अपने पिता को जान से मारने की नीयत से उनके सीने में 5-6 बार लात मारी और पुलिया पर पैर पकड़कर घसीटा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने जयपाल को हिरासत में लिया और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने 04.07.26 को अपने पिता को जान से मारने की नीयत से लात मारने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी जयपाल को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी जयपाल पर पूर्व में भी वर्ष 2024 में थाना बेड़िया में अपराध क्रमांक 145/24 धारा 294,323,506 भादवि का मामला दर्ज था। इस घटना के साथ, खरगोन पुलिस ने आपसी विवाद में पुत्र द्वारा पिता की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में, दलित युवती की हत्या के विरोध में हो रहे आंदोलन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे प्रदर्शनकारियों के बीच घुसते और उन्हें थप्पड़ मारते हुए देखे गए। यह आंदोलन जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर सड़क पर हो रहा था, जहाँ प्रदर्शनकारी रास्ता रोक रहे थे। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।1