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हरदा-हंडिया प्रशासन से मांग की गई है कि सड़कों पर बैठे गौवंशों के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए। यह अपील इसलिए की जा रही है क्योंकि ये गौवंश रोजाना सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
Mohanlal Nagle
हरदा-हंडिया प्रशासन से मांग की गई है कि सड़कों पर बैठे गौवंशों के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए। यह अपील इसलिए की जा रही है क्योंकि ये गौवंश रोजाना सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
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- हरदा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से “सांझ चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गुरुवार 9 जुलाई को जिले के ग्राम मकड़ाई में इस “सांझ चौपाल” का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित सभी जिला अधिकारी कलेक्टर परिसर से एक ही बस में रवाना हुए। प्रशासन की यह पहल “टीम वर्क” और “ग्राम के प्रति प्रतिबद्धता” का संदेश देती है। कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि “सांझ चौपाल” में सभी विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहेंगे, जिससे कोई भी आवेदक बिना समाधान के वापस नहीं लौटेगा। इस चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, राशन, बिजली, पानी और आवास सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।1
- हरदा जिले की टिमरनी पुलिस ने घर में घुसकर चोरी की दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई हरदा पुलिस अधीक्षक शंशाक के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा एवं एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के निर्देशन में की गई। पहली घटना 11 जनवरी 2026 को सामने आई, जब ग्राम गोगिया निवासी गौरा बाई बिल्लौरे (जो उस समय विकास नगर, हरदा में रह रही थीं) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पति के इलाज के दौरान हरदा में रहते हुए उनके गोगिया स्थित मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने गोदरेज अलमारी से नकदी सहित चांदी का कंदोरा और चांदी की पायल की एक जोड़ी चुरा ली। इस संबंध में थाना टिमरनी में अपराध क्रमांक 30/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। दूसरी घटना 22 मई 2026 को ग्राम छोटी छीपानेर के सुनील पिता श्यामलाल केवट ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ससुराल से लाए गए 12,000 रुपये लोहे की पेटी में रखे थे, जो परिवार के सोने के बाद देर रात करीब 2 बजे गायब मिले। इस पर अपराध क्रमांक 288/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टिमरनी की एक विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के करीबी पर्यवेक्षण में सीसीटीवी कैमरों की गहन पड़ताल की गई और साइबर सेल हरदा की तकनीकी सहायता तथा मुखबिरों के माध्यम से कुछ संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। लगातार निगरानी के फलस्वरूप 8 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि तीन संदिग्ध व्यक्ति करताना से गाडरापुर की ओर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर भागने का प्रयास कर रहे तीनों संदिग्धों को कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी पहचान संजय चौहान (उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम अमलाडा), अनुराग चौहान (उम्र 27 वर्ष, निवासी गाडरापुर) और अलीप सिंह (उम्र 24 वर्ष, निवासी सिवनी मालवा) के रूप में हुई। उन्होंने ग्राम गोगिया और छोटी छीपानेर दोनों चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर उनसे 5,000-5,000 रुपये नकद जब्त किए हैं, और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस सफल कार्यवाही में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, निरीक्षक मुकेश गौड़, उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, उप निरीक्षक मनोज दुबे, सउनि नानकराम कुशवाह, सउनि हेरम्भ पांडे और प्रधान आरक्षक 197 योगेश पटेल की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।2
- भारतीय किसान संघ ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा है। इसी कड़ी में, आज किसान संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन और प्रशासन से भिक्षा मांगकर अपना अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान अपने हाथों में कटोरा लिए, भजन गाते हुए सरकार और प्रशासन के सामने आए और भीख मांगी, यह दर्शाते हुए कि 'सरकार मूंग नहीं खरीद रही तो अन्नदाता भूखा न रहे' और उन्हें अपना गुजारा करने में मदद करें। भारतीय किसान संघ के आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन बीते तीन दिनों से लगातार चल रहा है, जिसमें किसान अपने खर्च पर खाना बना रहे हैं, टेंट लगाए हैं और कूलर की व्यवस्था भी की है ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। उन्होंने शिकायत की कि सरकार ने अभी तक मूंग की खरीदी की कोई घोषणा नहीं की है, और किसानों को दो महीने पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान भी नहीं मिला है। किसानों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए उन्होंने भिक्षा मांगकर शासन-प्रशासन से सहयोग की अपील की है। संघ के संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि किसान अन्नदाता और प्रजापालक हैं, जो अन्न का उत्पादन कर प्रजा का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन आज अन्नदाता के पास स्वयं के पालन-पोषण के लिए भी पैसे नहीं हैं और वह परिवार छोड़कर आंदोलन में बैठा है। सरकार द्वारा कोई भुगतान न होने से किसान परेशान हैं और आंदोलन का खर्च कैसे उठाएं, इसी वजह से भिक्षा मांगकर सहयोग चाहा गया है। जिला सहमंत्री रजत दुबे ने बताया कि किसानों ने कड़ी मेहनत से प्रति एकड़ 4-5 क्विंटल मूंग का बंपर उत्पादन किया है। हालांकि, सरकार ने केवल 1 क्विंटल 20 किलो प्रति किसान की उपज खरीदने की घोषणा की है, जो बहुत कम है। इससे किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर मंडियों में बेचनी पड़ेगी, जहां भाव ₹4500-₹5000 प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। संघ ने सरकार से शीघ्रता से शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा करने की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन में डोलरिया, नर्मदापुरम और इटारसी के कार्यकर्ता शामिल रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल, जिला सहमंत्री रजत दुबे, आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान, श्रीराम दुबे, डोलरिया तहसील अध्यक्ष बदामीलाल साध, विनोद दुबे, राजकुमार राजपूत, श्यामशरण तिवारी, शरद पटेल, अविनेश चौधरी, सुभाष साध, राजेश साध, पन्नालाल गौर और ब्रजकिशोर लोवंशी प्रमुख थे।1
- आज हरसूद अधिकार एवं रोजगार पदयात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम हरसूद के एसडीएम महोदय को एक ज्ञापन सौंपा। इस पहल के तहत, हरसूद के विस्थापित परिवारों और युवाओं की वर्षों पुरानी लंबित मांगों को पूरी मजबूती के साथ प्रशासन के समक्ष रखा गया।1
- किसान अपनी मूंग की फसल की 100% खरीदी की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ सरकार की शव यात्रा निकाली, जिससे उनकी नाराजगी और मांग स्पष्ट रूप से सामने आई।1
- हरदा-हंडिया प्रशासन से मांग की गई है कि सड़कों पर बैठे गौवंशों के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए। यह अपील इसलिए की जा रही है क्योंकि ये गौवंश रोजाना सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।2
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में, दलित युवती की हत्या के विरोध में हो रहे आंदोलन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे प्रदर्शनकारियों के बीच घुसते और उन्हें थप्पड़ मारते हुए देखे गए। यह आंदोलन जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर सड़क पर हो रहा था, जहाँ प्रदर्शनकारी रास्ता रोक रहे थे। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।1