हरदा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से “सांझ चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गुरुवार 9 जुलाई को जिले के ग्राम मकड़ाई में इस “सांझ चौपाल” का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित सभी जिला अधिकारी कलेक्टर परिसर से एक ही बस में रवाना हुए। प्रशासन की यह पहल “टीम वर्क” और “ग्राम के प्रति प्रतिबद्धता” का संदेश देती है। कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि “सांझ चौपाल” में सभी विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहेंगे, जिससे कोई भी आवेदक बिना समाधान के वापस नहीं लौटेगा। इस चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, राशन, बिजली, पानी और आवास सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
हरदा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से “सांझ चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गुरुवार 9 जुलाई को जिले के ग्राम मकड़ाई में इस “सांझ चौपाल” का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित सभी जिला अधिकारी कलेक्टर परिसर से एक ही बस में रवाना हुए। प्रशासन की यह पहल “टीम वर्क” और “ग्राम के प्रति प्रतिबद्धता” का संदेश देती है। कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि “सांझ चौपाल” में सभी विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहेंगे, जिससे कोई भी आवेदक बिना समाधान के वापस नहीं लौटेगा। इस चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, राशन, बिजली, पानी और आवास सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हरदा नगर इकाई ने आज विद्यार्थी दिवस, जो उनके स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन पीएम श्री कॉलेज में संपन्न हुआ, जहाँ युवाओं के आराध्य स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का दूध और जल से अभिषेक किया गया। इस दौरान, प्रतिमा को तिलक लगाकर माल्यार्पण भी किया गया। इस अवसर पर नगर मंत्री निकुंज शर्मा, पूर्व नगर मंत्री शुभम ढोके, नगर अध्यक्ष गिरीश रावल, तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता दानिश, विशाल, प्रद्युमन, जतिन, लक्ष्मण, रुद्र, सौम्य, रंजीत, विकास, नंदनी, दीपिका और सरिता सहित समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचने पर अत्यंत भव्य और जोरदार स्वागत किया गया है। अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण के तहत जब पीएम मोदी मेलबर्न पहुंचे, तो हवाई अड्डे पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस यात्रा के दौरान, मेलबर्न के मार्बल स्टेडियम में प्रवासी भारतीयों के लिए 'मेलबर्न मीट्स मोदी' नाम से एक विशाल सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें 'रॉकस्टार जैसा' स्वागत मिला। इस कार्यक्रम में 25,000 से 30,000 से अधिक प्रवासी भारतीय शामिल हुए, जिनके 'मोदी-मोदी' और 'वंदे मातरम' के नारों से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। इस दौरान भारत की विविधता को दर्शाते हुए कई पारंपरिक और सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने सबका दिल जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें 'ऑस्ट्रेलिया का सच्चा दोस्त' बताया। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा है, जिसे उन्होंने क्रिकेट की भाषा में एक 'हैट्रिक' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाती है।1
- किसानों ने मोहन सरकार से मूंग की शत-प्रतिशत (100%) तुलाई सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक आंदोलन शुरू किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत एक किसान रैली का आयोजन किया गया, जिसमें 'जय जवान जय किसान' के नारे लगाए गए।1
- इटारसी के वार्ड नंबर 12 से पार्षद मनजीत कलोसिया पर एक बार फिर लापरवाही और भेदभाव के गंभीर आरोप लगे हैं। वार्ड के निवासियों का दावा है कि पार्षद के एक 'खास' व्यक्ति करण बरगले के घर के सामने और आसपास तो नियमित रूप से झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन उसी लाइन में आगे के 4-5 घरों के सामने साफ-सफाई नहीं की जाती। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी पार्षद का 'खास' होना जरूरी है। इतना ही नहीं, जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाए गए वार्ड के व्हाट्सएप ग्रुप पर जैसे ही कोई निवासी कचरे या गंदी नाली की शिकायत करता है, पार्षद जी उसे तुरंत डिलीट कर देते हैं। पूछने पर पार्षद द्वारा 'गलती से डिलीट हो गया' का बहाना दिया जाता है। इस मामले पर वार्ड 12 की जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।1
- हरसूद के विस्थापित परिवारों ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उनकी प्रमुख चार मांगों में नौकरी, मालिकाना हक और रोजगार शामिल हैं। विस्थापितों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।1
- गुजरात के सूरत में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के वराछा इलाके में स्थित पोद्दार आर्केड का ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट पूरी तरह से पानी में डूब गया, जिसके कारण यहाँ का व्यवसाय ठप हो गया है और भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पोद्दार आर्केड, जो एक प्रमुख कमर्शियल और मोबाइल मार्केट है, उसकी निचली मंजिलें 10 से 18 इंच तक हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। मार्केट के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में पानी भर जाने से इलेक्ट्रॉनिक सामानों और कपड़ों को भारी क्षति पहुंची है, जिससे व्यापारियों को एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की स्थिति के जवाब में, प्रशासन ने निचले इलाकों से 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 3,400 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है।1
- कन्नौद तहसील के ग्राम चपलासा में रहवासियों और किसानों ने चपलासा-रतवाय मार्ग की खस्ताहालत को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर ले जाने की मजबूरी है, जबकि यह मार्ग सीधे रतवाय को जोड़ता है। किसानों ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी यह न्यायोचित मांग सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी है, लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस अनदेखी का खामियाजा 80 से अधिक किसानों के साथ-साथ इस मार्ग से आने-जाने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल और बाइक से आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों और किसानों की प्रमुख मांग है कि चपलासा-रतवाय मार्ग के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि चपलासा सहित आसपास के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनका यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।4
- देवास जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक पाइप कई दिनों से खतरनाक स्थिति में है, जिससे आने-जाने वाले लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। गुरुवार सुबह 11 बजे यह पाइप पूरी तरह उखड़कर बाहर आ गया है, जिससे अब गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बारिश के पानी से रास्ता भर जाने पर यह पाइप बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता, जिससे खतरा और अधिक हो जाता है। यह स्थिति अस्पताल में हुए सभी कार्यों की घटिया गुणवत्ता को दर्शाती है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को यह उखड़ा हुआ पाइप या तो दिख नहीं रहा, या वे इसे देखकर भी अंजान बने हुए हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।1