कन्नौद तहसील के ग्राम चपलासा में रहवासियों और किसानों ने चपलासा-रतवाय मार्ग की खस्ताहालत को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर ले जाने की मजबूरी है, जबकि यह मार्ग सीधे रतवाय को जोड़ता है। किसानों ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी यह न्यायोचित मांग सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी है, लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस अनदेखी का खामियाजा 80 से अधिक किसानों के साथ-साथ इस मार्ग से आने-जाने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल और बाइक से आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों और किसानों की प्रमुख मांग है कि चपलासा-रतवाय मार्ग के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि चपलासा सहित आसपास के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनका यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।
कन्नौद तहसील के ग्राम चपलासा में रहवासियों और किसानों ने चपलासा-रतवाय मार्ग की खस्ताहालत को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर ले जाने की मजबूरी है, जबकि यह मार्ग सीधे
रतवाय को जोड़ता है। किसानों ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी यह न्यायोचित मांग सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी है, लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इस अनदेखी का खामियाजा 80 से अधिक किसानों के साथ-साथ इस मार्ग से आने-जाने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल और बाइक से आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों और किसानों की
प्रमुख मांग है कि चपलासा-रतवाय मार्ग के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि चपलासा सहित आसपास के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनका यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।
- 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस अभियान के तहत, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति रही।1
- मध्य प्रदेश के देवास में इंदौर-देवास रोड पर एक बस में भीषण आग लग गई। यह घटना क्षिप्रा थाने के पास हुई, जहाँ रीवा से इंदौर जा रही बस अचानक लपटों की चपेट में आ गई। जानकारी के अनुसार, समय रहते बस से सभी सवारियों को सुरक्षित उतार लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। हालांकि, बस में आग लगने के काफी देर बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे, तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।1
- हरदा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से “सांझ चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गुरुवार 9 जुलाई को जिले के ग्राम मकड़ाई में इस “सांझ चौपाल” का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित सभी जिला अधिकारी कलेक्टर परिसर से एक ही बस में रवाना हुए। प्रशासन की यह पहल “टीम वर्क” और “ग्राम के प्रति प्रतिबद्धता” का संदेश देती है। कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि “सांझ चौपाल” में सभी विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहेंगे, जिससे कोई भी आवेदक बिना समाधान के वापस नहीं लौटेगा। इस चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, राशन, बिजली, पानी और आवास सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।1
- हरदा जिले की टिमरनी पुलिस ने घर में घुसकर चोरी की दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई हरदा पुलिस अधीक्षक शंशाक के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा एवं एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के निर्देशन में की गई। पहली घटना 11 जनवरी 2026 को सामने आई, जब ग्राम गोगिया निवासी गौरा बाई बिल्लौरे (जो उस समय विकास नगर, हरदा में रह रही थीं) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पति के इलाज के दौरान हरदा में रहते हुए उनके गोगिया स्थित मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने गोदरेज अलमारी से नकदी सहित चांदी का कंदोरा और चांदी की पायल की एक जोड़ी चुरा ली। इस संबंध में थाना टिमरनी में अपराध क्रमांक 30/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। दूसरी घटना 22 मई 2026 को ग्राम छोटी छीपानेर के सुनील पिता श्यामलाल केवट ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ससुराल से लाए गए 12,000 रुपये लोहे की पेटी में रखे थे, जो परिवार के सोने के बाद देर रात करीब 2 बजे गायब मिले। इस पर अपराध क्रमांक 288/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टिमरनी की एक विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के करीबी पर्यवेक्षण में सीसीटीवी कैमरों की गहन पड़ताल की गई और साइबर सेल हरदा की तकनीकी सहायता तथा मुखबिरों के माध्यम से कुछ संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। लगातार निगरानी के फलस्वरूप 8 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि तीन संदिग्ध व्यक्ति करताना से गाडरापुर की ओर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर भागने का प्रयास कर रहे तीनों संदिग्धों को कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी पहचान संजय चौहान (उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम अमलाडा), अनुराग चौहान (उम्र 27 वर्ष, निवासी गाडरापुर) और अलीप सिंह (उम्र 24 वर्ष, निवासी सिवनी मालवा) के रूप में हुई। उन्होंने ग्राम गोगिया और छोटी छीपानेर दोनों चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर उनसे 5,000-5,000 रुपये नकद जब्त किए हैं, और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस सफल कार्यवाही में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, निरीक्षक मुकेश गौड़, उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, उप निरीक्षक मनोज दुबे, सउनि नानकराम कुशवाह, सउनि हेरम्भ पांडे और प्रधान आरक्षक 197 योगेश पटेल की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।2
- जिले के नवोदय विद्यालय में एक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुरक्षा का संदेश दिया।1
- कन्नौद तहसील के ग्राम चपलासा में रहवासियों और किसानों ने चपलासा-रतवाय मार्ग की खस्ताहालत को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर ले जाने की मजबूरी है, जबकि यह मार्ग सीधे रतवाय को जोड़ता है। किसानों ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी यह न्यायोचित मांग सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी है, लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस अनदेखी का खामियाजा 80 से अधिक किसानों के साथ-साथ इस मार्ग से आने-जाने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल और बाइक से आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों और किसानों की प्रमुख मांग है कि चपलासा-रतवाय मार्ग के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि चपलासा सहित आसपास के ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनका यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।4
- देवास जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक पाइप कई दिनों से खतरनाक स्थिति में है, जिससे आने-जाने वाले लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। गुरुवार सुबह 11 बजे यह पाइप पूरी तरह उखड़कर बाहर आ गया है, जिससे अब गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बारिश के पानी से रास्ता भर जाने पर यह पाइप बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता, जिससे खतरा और अधिक हो जाता है। यह स्थिति अस्पताल में हुए सभी कार्यों की घटिया गुणवत्ता को दर्शाती है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को यह उखड़ा हुआ पाइप या तो दिख नहीं रहा, या वे इसे देखकर भी अंजान बने हुए हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।1