मध्य प्रदेश के मैहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा तथा भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही संगठनों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं व पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो उसके परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर NEET UG और JEE Main सहित सभी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तथा युवा निष्पक्ष शिक्षा व समान अवसर का हकदार है। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने कहा कि सरकार की नीतियां छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ नेता संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, विधानसभा अध्यक्ष रामप्रकाश कोल, पूर्व जिला सह-संयोजक शेखर साकेत और प्रवेश निराला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के मैहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा तथा भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही संगठनों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और
छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं व पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो उसके परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर NEET UG और JEE Main सहित सभी परीक्षाओं
में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तथा युवा निष्पक्ष शिक्षा व समान अवसर का हकदार है। वहीं आजाद समाज
पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने कहा कि सरकार की नीतियां छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ नेता संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, विधानसभा अध्यक्ष रामप्रकाश कोल, पूर्व जिला सह-संयोजक शेखर साकेत और प्रवेश निराला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के मैहर में किसानों की विभिन्न समस्याओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला किसान कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने किया। ज्ञापन में व्यापम और पेपर लीक प्रकरणों का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा, खरीफ सीजन के दौरान ई-टोकन व्यवस्था से डीएपी एवं उर्वरक वितरण में आ रही दिक्कतों को दूर करने, किसानों को 24 घंटे निर्बाध बिजली देने, बिजली बिलों की मनमानी रोकने और मूंग खरीदी की सीमा प्रति एकड़ 1 क्विंटल से बढ़ाकर 4 क्विंटल करने की मांग रखी गई। साथ ही मैहर नगर की जर्जर सड़कों की मरम्मत, नियमित सफाई और यातायात व्यवस्था सुधारने का मुद्दा भी उठाया गया। जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान गोविंद नाथ पटेल, जयपाल सिंह, रामसूजान पाण्डेय, मिठ्ठू महाराज, नितिन प्रताप सिंह एडवोकेट, अर्जुन सिंह बुंदेला, वीरेंद्र सिंह भदौरिया सहित बड़ी संख्या में किसान कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।4
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जमकर ट्रोल हो रहे हैं। इस इस्तीफे के तुरंत बाद राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा है। उस बयान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि एनडीए सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते हैं। धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अपने भाषण में राजनाथ सिंह के इस बयान का जिक्र किया। अभिजीत दिपके ने तंज कसते हुए कहा कि राजनाथ सिंह ने एक बार कहा था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में शराब की पैकारी करने वाले मनोज केशरवानी पर मैहर पुलिस की मेहरबानी देखने को मिल रही है। शराब पैकारी के काम में शामिल मनोज केशरवानी पर मैहर पुलिस लगातार अपनी मेहरबानी बनाए हुए है।1
- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर जिला किसान कांग्रेस कमेटी ने मैहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों की ज्वलंत समस्याओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में प्रदेश में सामने आए व्यापम एवं पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा, ई-टोकन व्यवस्था के कारण डीएपी व अन्य उर्वरकों के वितरण में हो रही अव्यवस्था को दूर करने और किसानों को बिना रुकावट पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने फसलों के नुकसान को रोकने के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, मनमाने बिजली बिलों पर रोक, और मूंग खरीदी की सीमा प्रति एकड़ 1 क्विंटल से बढ़ाकर 4 क्विंटल करने की मांग रखी। साथ ही मैहर नगर की जर्जर व गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत, नियमित सफाई और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गोविंद नाथ पटेल, जयपाल सिंह, रामसूजान पाण्डेय, मिठ्ठू महाराज, रावेंद्र सिंह, गुड्डू, राजेंद्र सिंह बबलू, सतेंद्र कुशवाहा, नागेंद्र सिंह चौहान, अनवर आलम, मो. खलील, चूड़ामणि बढ़ौलिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- मैहर जिला सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां दो मृतकों के शव लगभग पांच घंटे तक पोस्टमार्टम के इंतजार में पड़े रहे। जानकारी के अनुसार, धनवाही निवासी कारण चौधरी (पिता: राम शरण) की कथित रूप से सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी, वहीं सोनवारी निवासी मोहम्मद शहीद को भी आकस्मिक मृत्यु के मामले में अस्पताल लाया गया था। इसके बावजूद घंटों तक दोनों का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। पोस्टमार्टम में हुई इस देरी से परिजनों में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- चित्रकूट के थाना बहिलपुरवा क्षेत्र में 22 जुलाई 2026 को छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में सामने आए तीनों आरोपियों—जितेन्द्र उर्फ भोले (पुत्र देवराज पटेल, निवासी ग्राम कल्ला), विवेक कुमार पटेल (पुत्र नरेश कुमार पटेल, निवासी रैपुरवा माफी) और प्रवीण पटेल (पुत्र शिवमूरत, निवासी मानपुर, हाल पता ग्राम कल्ला)—की पहचान पीड़िता और एक अन्य गवाह ने 24 जुलाई 2026 को फोटो के जरिए की थी। इन आरोपियों की गिरफ्तारी पर पहले पुलिस अधीक्षक चित्रकूट द्वारा ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसे पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा ने बढ़ाकर प्रत्येक पर ₹50-50 हजार कर दिया था। शनिवार, 25 जुलाई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना के बाद भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा पहाड़-हुडा रोड पर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी जितेन्द्र उर्फ भोले के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। इस कार्रवाई में आरक्षी राघवेन्द्र राजपूत भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार मामले में आगे की आवश्यक वैधानिक एवं विधिक कार्रवाई की जा रही है।4