अशोकनगर के जिला जेल में बंदियों के मनोरंजन और पुनर्वास की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अधिकारियों द्वारा गणेश वंदना के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सतीश चंद्र शर्मा तथा कलेक्टर श्री साकेत मालवीय विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री ललित दीक्षित जी ने किया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में जेल में बंद कैदियों ने देशभक्ति गीत, भजन, लोकनृत्य और नाटक की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर उपस्थित सभी अतिथि और अधिकारीगण अभिभूत हो गए। कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सतीश चंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जेल केवल सजा भुगतने का स्थान नहीं है, बल्कि यह सुधार और पुनर्वास का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसी सांस्कृतिक गतिविधियों से बंदियों में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास होता है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता दी जा रही है और उनके अधिकारों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने बंदियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से मानसिक तनाव कम होता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने कहा कि इस संसार में सभी जन एक बंदी के तौर पर हैं और सबको अपनी जगह पर शत-प्रतिशत योगदान देना चाहिए; सुख में अहंकार और दुख में निराशा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जिसके लिए जेल में शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण कर बंदियों से सीधी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जेल अधीक्षक को बंदियों के लिए पुस्तकालय, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में सभी बंदियों को फल और मिठाई वितरित की गई।
अशोकनगर के जिला जेल में बंदियों के मनोरंजन और पुनर्वास की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अधिकारियों द्वारा गणेश वंदना के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सतीश चंद्र शर्मा तथा कलेक्टर श्री साकेत मालवीय विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री ललित
दीक्षित जी ने किया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में जेल में बंद कैदियों ने देशभक्ति गीत, भजन, लोकनृत्य और नाटक की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर उपस्थित सभी अतिथि और अधिकारीगण अभिभूत हो गए। कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सतीश चंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जेल केवल सजा भुगतने का स्थान नहीं है, बल्कि यह सुधार और पुनर्वास का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसी सांस्कृतिक गतिविधियों से बंदियों में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास होता है। साथ ही उन्होंने
यह भी रेखांकित किया कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता दी जा रही है और उनके अधिकारों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने बंदियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से मानसिक तनाव कम होता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने कहा कि इस संसार में सभी जन एक बंदी के तौर पर हैं और सबको अपनी जगह पर शत-प्रतिशत योगदान देना चाहिए; सुख में अहंकार और दुख में निराशा
नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जिसके लिए जेल में शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण कर बंदियों से सीधी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जेल अधीक्षक को बंदियों के लिए पुस्तकालय, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में सभी बंदियों को फल और मिठाई वितरित की गई।
- सागर जिले के बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर एक साल बाद भी अमल न होने के विरोध में एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया गया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर को शहरी और ग्रामीण विकास के दम तोड़ते दावों को दर्शाते हुए दो प्रतीकात्मक शव तैयार किए गए। यह अनोखी शव यात्रा आंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में सीएम की घोषणाओं की तख्तियां थामे हुए थे और एक व्यक्ति सबसे आगे हांडी लेकर चल रहा था। एक साथ दो अर्थियां निकलते देख पूरा शहर हैरान रह गया। सर्वोदय चौराहा पर दोनों अर्थियों को रखकर महिलाओं और पुरुषों ने रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, अशोक परिहार, प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे अब 'स्वर्गीय' हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ने, ₹5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने, ₹1.27 करोड़ की लागत से जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई, ₹30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने और खिमलासा को तहसील व मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने जैसी कई बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक अधूरी हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बीना में बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण बनाए गए डायवर्जन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके चलते लोगों को 3 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों का डीजल-पेट्रोल का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने खिमलासा-कंजिया मार्ग पर हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरने और भ्रष्टाचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सागर जिले के बीना स्थित मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ. अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ईसाई समाज का आरोप है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने मिशन कंपाउंड की दान भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। ज्ञापन में कहा गया है कि बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे विवाद की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ईसाई समाज ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि शैलेंद्र एडविन के पास संबंधित प्लॉट संस्था द्वारा आवंटित किए जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनाई गई दुकान अवैध रूप से निर्मित है और उसके पास की खाली भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। फिलहाल, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही भूमि पर वैध अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सागर जिले के बीना में मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने दान भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। ईसाई समाज के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र एडविन के पास संस्था द्वारा संबंधित प्लॉट आवंटित किए जाने का कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनी दुकान अवैध है और उसके पास खाली पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर असल सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन पर असल में किसका वैध हक है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पाली में भारतीय जनता पार्टी नशा मुक्ति भारत के लिए संकल्पित हो रही है। देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में भाजपा पूरी तरह से संकल्पबद्ध नजर आ रही है।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र की शिव धाम कॉलोनी में एक निजी मकान के अंदर लगभग 200 बोरी सरकारी मूंगफली बीज किट का स्टॉक बरामद किया गया है, जिसका वजन करीब 20 से 22 कुंतल बताया गया है। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से प्रति किसान को फसल के लिए एक कुंटल मूंगफली बीज किट दी जाती है, जिसे यहाँ जमा करके रखा गया था। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मकान में रखी पूरी मूंगफली बीज को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सरकारी गोदाम में रखवा दिया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकारी मूंगफली बीज की कालाबाजारी के इस मामले में ललितपुर के उप कृषि निदेशक अख्तर खान ने जानकारी दी है कि जल्द ही पूरे मामले का अनावरण किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- ललितपुर के मड़ावरा में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से खंड विकास अधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला और नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को संबोधित एक ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी को सौंपा।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में महिला पत्रकार संजना सिंह चौहान के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। घर के बाहर वृक्ष लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई पत्थरबाजी में पत्रकार की बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। यह पूरी हिंसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि मारपीट की यह घटना पुलिस के सामने ही हुई। पीड़ित महिला पत्रकार द्वारा पहले ही सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। फिलहाल सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। सुरक्षा न मिलने से आहत पीड़ित महिला पत्रकार ने अब प्रशासन से न्याय की मांग की है। वहीं, वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।3