सागर जिले के बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर एक साल बाद भी अमल न होने के विरोध में एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया गया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर को शहरी और ग्रामीण विकास के दम तोड़ते दावों को दर्शाते हुए दो प्रतीकात्मक शव तैयार किए गए। यह अनोखी शव यात्रा आंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में सीएम की घोषणाओं की तख्तियां थामे हुए थे और एक व्यक्ति सबसे आगे हांडी लेकर चल रहा था। एक साथ दो अर्थियां निकलते देख पूरा शहर हैरान रह गया। सर्वोदय चौराहा पर दोनों अर्थियों को रखकर महिलाओं और पुरुषों ने रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, अशोक परिहार, प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे अब 'स्वर्गीय' हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ने, ₹5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने, ₹1.27 करोड़ की लागत से जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई, ₹30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने और खिमलासा को तहसील व मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने जैसी कई बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक अधूरी हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बीना में बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण बनाए गए डायवर्जन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके चलते लोगों को 3 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों का डीजल-पेट्रोल का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने खिमलासा-कंजिया मार्ग पर हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरने और भ्रष्टाचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सागर जिले के बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर एक साल बाद भी अमल न होने के विरोध में एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया गया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर को शहरी और ग्रामीण विकास के दम तोड़ते दावों को दर्शाते हुए दो प्रतीकात्मक शव तैयार किए गए। यह अनोखी शव यात्रा आंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में सीएम की घोषणाओं की तख्तियां थामे हुए थे और एक व्यक्ति सबसे आगे हांडी लेकर चल रहा था। एक साथ दो अर्थियां निकलते देख पूरा शहर हैरान रह गया। सर्वोदय चौराहा पर दोनों अर्थियों को रखकर महिलाओं और पुरुषों ने रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, अशोक परिहार, प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे अब 'स्वर्गीय' हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ने, ₹5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने, ₹1.27 करोड़ की लागत से जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई, ₹30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने और खिमलासा को तहसील व मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने जैसी कई बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक अधूरी हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बीना में बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण बनाए गए डायवर्जन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके चलते लोगों को 3 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों का डीजल-पेट्रोल का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने खिमलासा-कंजिया मार्ग पर हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरने और भ्रष्टाचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
- सागर जिले के बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर एक साल बाद भी अमल न होने के विरोध में एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया गया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर को शहरी और ग्रामीण विकास के दम तोड़ते दावों को दर्शाते हुए दो प्रतीकात्मक शव तैयार किए गए। यह अनोखी शव यात्रा आंबेडकर तिराहा से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में सीएम की घोषणाओं की तख्तियां थामे हुए थे और एक व्यक्ति सबसे आगे हांडी लेकर चल रहा था। एक साथ दो अर्थियां निकलते देख पूरा शहर हैरान रह गया। सर्वोदय चौराहा पर दोनों अर्थियों को रखकर महिलाओं और पुरुषों ने रो-रोकर जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, अशोक परिहार, प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे अब 'स्वर्गीय' हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2025 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंडी में सभा के दौरान बीना नदी परियोजना से सभी गांवों को जोड़ने, ₹5 करोड़ की लागत से नगरपालिका का नया भवन बनाने, ₹1.27 करोड़ की लागत से जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका का सीमा विस्तार, 40 किमी लंबा बायपास रोड, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई, ₹30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने और खिमलासा को तहसील व मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने जैसी कई बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक अधूरी हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बीना में बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण बनाए गए डायवर्जन रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके चलते लोगों को 3 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों का डीजल-पेट्रोल का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने खिमलासा-कंजिया मार्ग पर हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरने और भ्रष्टाचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सागर जिले के बीना स्थित मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ. अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ईसाई समाज का आरोप है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने मिशन कंपाउंड की दान भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। ज्ञापन में कहा गया है कि बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे विवाद की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ईसाई समाज ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि शैलेंद्र एडविन के पास संबंधित प्लॉट संस्था द्वारा आवंटित किए जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनाई गई दुकान अवैध रूप से निर्मित है और उसके पास की खाली भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। फिलहाल, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही भूमि पर वैध अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सागर जिले के बीना में मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने दान भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। ईसाई समाज के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र एडविन के पास संस्था द्वारा संबंधित प्लॉट आवंटित किए जाने का कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनी दुकान अवैध है और उसके पास खाली पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर असल सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन पर असल में किसका वैध हक है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पाली में भारतीय जनता पार्टी नशा मुक्ति भारत के लिए संकल्पित हो रही है। देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में भाजपा पूरी तरह से संकल्पबद्ध नजर आ रही है।1
- विदिशा के जिला अस्पताल में दो अलग-अलग स्थानों से सर्पदंश के मामले सामने आए हैं, जहां पीड़ितों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पहला मामला हिनोतिया का है, जहां कटनी से आई 22 वर्षीय मजदूर महिला ज्ञान बाई धान रोपाई का काम कर रही थी। इसी दौरान उसे सांप ने काट लिया, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। इस वजह से उसे अस्पताल लाने में देरी हो गई और उसकी तबीयत अपेक्षाकृत काफी खराब हो गई, हालांकि फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वहीं, दूसरी घटना काला पाठा के पास घटित हुई, जहां परसोरा निवासी राजकुमार मजदूरी का काम कर रहे थे और इसी दौरान वह सर्पदंश का शिकार हो गए। उन्हें समय रहते जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर प्रदीप गुप्ता का कहना है कि राजकुमार को किसी जहरीले सांप ने काटा था, लेकिन समय पर उचित इलाज मिल जाने के कारण उनकी हालत अब पूरी तरह स्थिर है।4
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में प्रदेश स्तरीय 35 करोड़ वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत रविवार को वृक्षारोपण महाभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। गोविंद सागर बांध की तलहटी से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत पूरे जिले में करीब 94 लाख पौधे रोपे गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, समाजसेवियों, पत्रकारों, स्कूली बच्चों और आम जनता ने बढ़-चढ़कर पौधारोपण में हिस्सा लिया और इसे एक जन आंदोलन का रूप दिया। इस महाभियान के अंतर्गत "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत प्रत्येक व्यक्ति से एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कल्याणपुरा स्थित मियावाकी वृक्षारोपण स्थल का निरीक्षण किया। वहां लहलहाते पौधों को देखकर अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और व्यापक स्तर पर इस तरह के पौधारोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।1
- मध्य प्रदेश के सिरोंज दौरे पर पहुंचे पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने लटेरी में मीडिया से चर्चा करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि नरोत्तम मिश्रा को पार्टी में किसी बड़े पद का आश्वासन मिल गया है। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मण सिंह सिरोंज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और इसी दौरान लटेरी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही। पूर्व सांसद दतिया उपचुनाव को लेकर सिरोंज के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने आजाद समाज पार्टी को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।4
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में महिला पत्रकार संजना सिंह चौहान के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। घर के बाहर वृक्ष लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई पत्थरबाजी में पत्रकार की बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। यह पूरी हिंसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि मारपीट की यह घटना पुलिस के सामने ही हुई। पीड़ित महिला पत्रकार द्वारा पहले ही सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। फिलहाल सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। सुरक्षा न मिलने से आहत पीड़ित महिला पत्रकार ने अब प्रशासन से न्याय की मांग की है। वहीं, वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।3