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धमदाहा में मंत्री लेसी सिंह ने कई सौगातों की बौछार की है, जिससे वहाँ के लोगों को सुविधा मिलेगी।
अनुभवी आंखें न्यूज़
धमदाहा में मंत्री लेसी सिंह ने कई सौगातों की बौछार की है, जिससे वहाँ के लोगों को सुविधा मिलेगी।
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- दिल्ली विधानसभा से नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी, हालांकि विस्तृत जानकारी इस संदर्भ में उपलब्ध नहीं कराई गई है।1
- देश में 2017 के बाद से आवास योजनाओं के कार्यान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, यह दावा किया गया है कि लाखों गरीब परिवारों को अपना घर मिल सका है।1
- आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी के दाम ₹4750 तक धड़ाम से गिरे, जबकि सोने की कीमत भी ₹1135 कम हुई है। इस अचानक और भारी गिरावट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह किसी बड़े 'भूचाल' का संकेत है।1
- भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग में कर्मचारियों, कलाकारों और तकनीशियनों के संगठन फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (एफ़डब्ल्यूआईसीई) ने अभिनेता रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। संगठन ने सोमवार को घोषणा की कि उसके चार लाख से अधिक सदस्य अब रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। यह फैसला फिल्म "डॉन 3" से रणवीर सिंह के आखिरी समय में बाहर होने के बाद लिया गया है। फेडरेशन के अनुसार, यह फिल्म पिछले तीन साल से बन रही थी। फिल्म निर्माता-निर्देशक फ़रहान अख़्तर और उनके पार्टनर रितेश सिद्धवानी ने रणवीर सिंह के खिलाफ इंडियन फिल्म एंड टेलीविज़न डायरेक्टर्स एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस मामले को फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। निर्माताओं का दावा है कि "डॉन 3" के प्री-प्रोडक्शन चरण में अब तक 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। यह लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म होने वाली थी, जिसमें रणवीर सिंह को नए चेहरे के तौर पर लिया गया था, हालांकि फिल्म की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई थी। इस पूरे विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए, रणवीर सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देना या किसी तरह की अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान अपने काम और अपनी आगे की प्रतिबद्धताओं पर केंद्रित है।1
- बकरीद (ईद-उल-अधा) के अवसर पर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बंगाल सहित कई राज्यों में प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज़ पढ़ने तथा खुले में कुर्बानी देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।1
- कुछ पुलिसकर्मियों के गलत व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें यह पूछा गया है कि ऐसे कर्मियों को सरकार निलंबित क्यों नहीं करती। आरोप है कि सरकार ऐसे लोगों को लोगों की मदद करने के बजाय उनके साथ गलत व्यवहार करने के लिए वेतन देती है। इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के कारण ही अच्छे पुलिस अधिकारियों की प्रतिष्ठा खराब होती है।1
- मुरलीगंज में बकरीद पर्व के संबंध में प्रशासन ने सख्त हिदायतें जारी की हैं।1
- एक तीखे राजनीतिक हमले में, यह स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अफवाह फैलाने वाले लोग देश के हित में नहीं हैं। इसके साथ ही यह भी दृढ़ता से दावा किया गया है कि 'हमारी राजनीति' सभी के हित के लिए है।1
- सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने समाज में व्याप्त कथित बुराइयों और इंसानियत के खत्म होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। पोस्ट में कड़े सवाल उठाए गए हैं कि आखिर कोई व्यक्ति इतनी हद तक कैसे गिर सकता है कि कुछ भी करने को तैयार हो जाए, और क्यों लोग ऐसे कृत्यों पर चुप रहते हैं। यह भी पूछा गया है कि यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा और क्या वास्तव में अब किसी में भी इंसानियत का नामोनिशान बचा है या नहीं।1