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ओडिशा के टीटीलागढ़ उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से अवैध भूमि खरीद-बिक्री का कारोबार चल रहा है, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन कर शहर की कई विवादास्पद जगहों पर कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से, सरकारी देवोत्तर विभाग के अंतर्गत टीटीलागढ़ धवलेश्वर ट्रस्ट बोर्ड की बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा कर उसे बेचा गया है। आरोप है कि यह स्थिति तहसील विभाग के अधिकारियों की पूर्ण लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। हाल ही में, एक जमीन मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही, टीटीलागढ़ में आरक्षित भूमि की खरीद-बिक्री को लेकर हुए जानलेवा हमले के एक मामले में आलोक दास का नाम फिर से चर्चा में आया है। आलोक दास इस क्षेत्र में एक चर्चित व्यक्ति हैं, जो 2013 में टीटीलागढ़ के बहुचर्चित बीजेडी युवा नेता अभिमन्यु साहू हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनकर जेल गए थे। उस समय इस घटना में एक सफेद बोलेरो, एक मोटरसाइकिल और एक सफेद एंबेसडर कार का इस्तेमाल होने की बात कही गई थी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उस समय भी यह चर्चा ज़ोरों पर थी कि आलोक दास को बलि का बकरा बनाया गया था, क्योंकि कहा जा रहा था कि मुख्य आरोपी कोई और था। हाल ही में 15 तारीख को एक क्रशर व्यवसायी पर हुए हमले के पीछे भी जमीन खरीद-बिक्री का विवाद बताया जा रहा है। यह घटना टीटीलागढ़ के बिजेपुर पंचायत के अंतर्गत ढाबापाड़ा में एक आरक्षित जमीन को लेकर हुई है। संभु प्रसाद अग्रवाल नामक एक व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदने के लिए जमीन मालिक को पांच लाख रुपये अग्रिम दिए थे। जब वे जमीन की माप-जोख करने गए, तो संतोष राणा ने उन्हें जमीन न खरीदने की चेतावनी दी। बाद में संतोष क्रशर पर जाकर संभु पर दोबारा जमीन न खरीदने का दबाव डाला। चर्चा है कि इस घटना के पीछे टीटीलागढ़ का एक भूमि माफिया और व्यवसायी है, जो वर्तमान में एक जन प्रतिनिधि भी है, जिसने संतोष और आलोक दास को क्रशर मालिक संभु के पीछे लगाया था। सूचना के अनुसार, वह भूमि माफिया और राजनीतिक व्यक्ति आरक्षित जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता था और कम कीमत पर जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। जब उसे पता चला कि संभु प्रसाद अग्रवाल जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो उसने संतोष और आलोक दास को लालच देकर डराने की योजना बनाई। इस घटना को लेकर टीटीलागढ़ में फिर से यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि आलोक दास को एक बार फिर फंसाया गया है। यह देखना बाकी है कि पुलिस प्रशासन इस घटना के पीछे के असली खलनायक का पर्दाफाश करेगा या नहीं। सरकारी ट्रस्ट बोर्ड की जमीन को लेकर भी तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है, और यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इस जगह से जुड़े विवाद और वास्तविक तथ्यों को लेकर क्या कदम उठाएगा।

3 hrs ago
user_Santosh Nayak PRESS
Santosh Nayak PRESS
Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
3 hrs ago

ओडिशा के टीटीलागढ़ उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से अवैध भूमि खरीद-बिक्री का कारोबार चल रहा है, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन कर शहर की कई विवादास्पद जगहों पर कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से, सरकारी देवोत्तर विभाग के अंतर्गत टीटीलागढ़ धवलेश्वर ट्रस्ट बोर्ड की बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा कर उसे बेचा गया है। आरोप है कि यह स्थिति तहसील विभाग के अधिकारियों की पूर्ण लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। हाल ही में, एक जमीन मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही, टीटीलागढ़ में आरक्षित भूमि की खरीद-बिक्री को लेकर हुए जानलेवा हमले के एक मामले में आलोक दास का नाम फिर से चर्चा में आया है। आलोक दास इस क्षेत्र में एक चर्चित व्यक्ति हैं, जो 2013 में टीटीलागढ़ के बहुचर्चित बीजेडी युवा नेता अभिमन्यु साहू हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनकर जेल गए थे। उस समय इस घटना में एक सफेद बोलेरो, एक मोटरसाइकिल और एक सफेद एंबेसडर कार का इस्तेमाल होने की बात कही गई थी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उस समय भी यह चर्चा ज़ोरों पर थी कि आलोक दास को बलि का बकरा बनाया गया था, क्योंकि कहा जा रहा था कि मुख्य आरोपी कोई और था। हाल ही में 15 तारीख को एक क्रशर व्यवसायी पर हुए हमले के पीछे भी जमीन खरीद-बिक्री का विवाद बताया जा रहा है। यह घटना टीटीलागढ़ के बिजेपुर पंचायत के अंतर्गत ढाबापाड़ा में एक आरक्षित जमीन को लेकर हुई है। संभु प्रसाद अग्रवाल नामक एक व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदने के लिए जमीन मालिक को पांच लाख रुपये अग्रिम दिए थे। जब वे जमीन की माप-जोख करने गए, तो संतोष राणा ने उन्हें जमीन न खरीदने की चेतावनी दी। बाद में संतोष क्रशर पर जाकर संभु पर दोबारा जमीन न खरीदने का दबाव डाला। चर्चा है कि इस घटना के पीछे टीटीलागढ़ का एक भूमि माफिया और व्यवसायी है, जो वर्तमान में एक जन प्रतिनिधि भी है, जिसने संतोष और आलोक दास को क्रशर मालिक संभु के पीछे लगाया था। सूचना के अनुसार, वह भूमि माफिया और राजनीतिक व्यक्ति आरक्षित जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता था और कम कीमत पर जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। जब उसे पता चला कि संभु प्रसाद अग्रवाल जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो उसने संतोष और आलोक दास को लालच देकर डराने की योजना बनाई। इस घटना को लेकर टीटीलागढ़ में फिर से यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि आलोक दास को एक बार फिर फंसाया गया है। यह देखना बाकी है कि पुलिस प्रशासन इस घटना के पीछे के असली खलनायक का पर्दाफाश करेगा या नहीं। सरकारी ट्रस्ट बोर्ड की जमीन को लेकर भी तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है, और यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इस जगह से जुड़े विवाद और वास्तविक तथ्यों को लेकर क्या कदम उठाएगा।

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  • उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में एक फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ा गया। लोगों को उसके हेयर स्टाइल, दाढ़ी, वर्दी पर लगे सिंगल स्टार और ढीली वर्दी को देखकर शक हुआ। जिसके बाद मौके पर ही उसे पकड़ लिया गया और उसकी पहचान की पुष्टि की गई।
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    उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में एक फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ा गया। लोगों को उसके हेयर स्टाइल, दाढ़ी, वर्दी पर लगे सिंगल स्टार और ढीली वर्दी को देखकर शक हुआ। जिसके बाद मौके पर ही उसे पकड़ लिया गया और उसकी पहचान की पुष्टि की गई।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    8 min ago
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली के नेहरू विहार में हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को गोली मारकर पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे काबू किया।
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    उत्तर पूर्वी दिल्ली के नेहरू विहार में हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को गोली मारकर पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे काबू किया।
    user_ख़बर का सच
    ख़बर का सच
    पत्रकारिता सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 'राशिद मर्डर केस' से जुड़े दो आरोपियों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली में हुई, जहां पुलिस ने आरोपियों को एनकाउंटर के दौरान पकड़ने में सफलता हासिल की।
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    दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 'राशिद मर्डर केस' से जुड़े दो आरोपियों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली में हुई, जहां पुलिस ने आरोपियों को एनकाउंटर के दौरान पकड़ने में सफलता हासिल की।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • ओडिशा के टीटीलागढ़ उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से अवैध भूमि खरीद-बिक्री का कारोबार चल रहा है, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन कर शहर की कई विवादास्पद जगहों पर कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से, सरकारी देवोत्तर विभाग के अंतर्गत टीटीलागढ़ धवलेश्वर ट्रस्ट बोर्ड की बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा कर उसे बेचा गया है। आरोप है कि यह स्थिति तहसील विभाग के अधिकारियों की पूर्ण लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। हाल ही में, एक जमीन मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही, टीटीलागढ़ में आरक्षित भूमि की खरीद-बिक्री को लेकर हुए जानलेवा हमले के एक मामले में आलोक दास का नाम फिर से चर्चा में आया है। आलोक दास इस क्षेत्र में एक चर्चित व्यक्ति हैं, जो 2013 में टीटीलागढ़ के बहुचर्चित बीजेडी युवा नेता अभिमन्यु साहू हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनकर जेल गए थे। उस समय इस घटना में एक सफेद बोलेरो, एक मोटरसाइकिल और एक सफेद एंबेसडर कार का इस्तेमाल होने की बात कही गई थी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उस समय भी यह चर्चा ज़ोरों पर थी कि आलोक दास को बलि का बकरा बनाया गया था, क्योंकि कहा जा रहा था कि मुख्य आरोपी कोई और था। हाल ही में 15 तारीख को एक क्रशर व्यवसायी पर हुए हमले के पीछे भी जमीन खरीद-बिक्री का विवाद बताया जा रहा है। यह घटना टीटीलागढ़ के बिजेपुर पंचायत के अंतर्गत ढाबापाड़ा में एक आरक्षित जमीन को लेकर हुई है। संभु प्रसाद अग्रवाल नामक एक व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदने के लिए जमीन मालिक को पांच लाख रुपये अग्रिम दिए थे। जब वे जमीन की माप-जोख करने गए, तो संतोष राणा ने उन्हें जमीन न खरीदने की चेतावनी दी। बाद में संतोष क्रशर पर जाकर संभु पर दोबारा जमीन न खरीदने का दबाव डाला। चर्चा है कि इस घटना के पीछे टीटीलागढ़ का एक भूमि माफिया और व्यवसायी है, जो वर्तमान में एक जन प्रतिनिधि भी है, जिसने संतोष और आलोक दास को क्रशर मालिक संभु के पीछे लगाया था। सूचना के अनुसार, वह भूमि माफिया और राजनीतिक व्यक्ति आरक्षित जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता था और कम कीमत पर जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। जब उसे पता चला कि संभु प्रसाद अग्रवाल जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो उसने संतोष और आलोक दास को लालच देकर डराने की योजना बनाई। इस घटना को लेकर टीटीलागढ़ में फिर से यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि आलोक दास को एक बार फिर फंसाया गया है। यह देखना बाकी है कि पुलिस प्रशासन इस घटना के पीछे के असली खलनायक का पर्दाफाश करेगा या नहीं। सरकारी ट्रस्ट बोर्ड की जमीन को लेकर भी तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है, और यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इस जगह से जुड़े विवाद और वास्तविक तथ्यों को लेकर क्या कदम उठाएगा।
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    ओडिशा के टीटीलागढ़ उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से अवैध भूमि खरीद-बिक्री का कारोबार चल रहा है, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन कर शहर की कई विवादास्पद जगहों पर कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से, सरकारी देवोत्तर विभाग के अंतर्गत टीटीलागढ़ धवलेश्वर ट्रस्ट बोर्ड की बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा कर उसे बेचा गया है। आरोप है कि यह स्थिति तहसील विभाग के अधिकारियों की पूर्ण लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है।

हाल ही में, एक जमीन मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही, टीटीलागढ़ में आरक्षित भूमि की खरीद-बिक्री को लेकर हुए जानलेवा हमले के एक मामले में आलोक दास का नाम फिर से चर्चा में आया है। आलोक दास इस क्षेत्र में एक चर्चित व्यक्ति हैं, जो 2013 में टीटीलागढ़ के बहुचर्चित बीजेडी युवा नेता अभिमन्यु साहू हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनकर जेल गए थे। उस समय इस घटना में एक सफेद बोलेरो, एक मोटरसाइकिल और एक सफेद एंबेसडर कार का इस्तेमाल होने की बात कही गई थी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उस समय भी यह चर्चा ज़ोरों पर थी कि आलोक दास को बलि का बकरा बनाया गया था, क्योंकि कहा जा रहा था कि मुख्य आरोपी कोई और था।

हाल ही में 15 तारीख को एक क्रशर व्यवसायी पर हुए हमले के पीछे भी जमीन खरीद-बिक्री का विवाद बताया जा रहा है। यह घटना टीटीलागढ़ के बिजेपुर पंचायत के अंतर्गत ढाबापाड़ा में एक आरक्षित जमीन को लेकर हुई है। संभु प्रसाद अग्रवाल नामक एक व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदने के लिए जमीन मालिक को पांच लाख रुपये अग्रिम दिए थे। जब वे जमीन की माप-जोख करने गए, तो संतोष राणा ने उन्हें जमीन न खरीदने की चेतावनी दी। बाद में संतोष क्रशर पर जाकर संभु पर दोबारा जमीन न खरीदने का दबाव डाला। चर्चा है कि इस घटना के पीछे टीटीलागढ़ का एक भूमि माफिया और व्यवसायी है, जो वर्तमान में एक जन प्रतिनिधि भी है, जिसने संतोष और आलोक दास को क्रशर मालिक संभु के पीछे लगाया था। सूचना के अनुसार, वह भूमि माफिया और राजनीतिक व्यक्ति आरक्षित जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता था और कम कीमत पर जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। जब उसे पता चला कि संभु प्रसाद अग्रवाल जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो उसने संतोष और आलोक दास को लालच देकर डराने की योजना बनाई। इस घटना को लेकर टीटीलागढ़ में फिर से यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि आलोक दास को एक बार फिर फंसाया गया है। यह देखना बाकी है कि पुलिस प्रशासन इस घटना के पीछे के असली खलनायक का पर्दाफाश करेगा या नहीं।

सरकारी ट्रस्ट बोर्ड की जमीन को लेकर भी तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है, और यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इस जगह से जुड़े विवाद और वास्तविक तथ्यों को लेकर क्या कदम उठाएगा।
    user_Santosh Nayak PRESS
    Santosh Nayak PRESS
    Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
    3 hrs ago
  • राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में पेपर लीक, परीक्षा में चोरी और टेंडर में धांधली को संरक्षण देकर इसे एक संगठित अपराध का सिंडिकेट बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार सत्ता में रहेगी, तब तक युवाओं का भविष्य नीलाम होता रहेगा और पेपर लीक का व्यापार चलता रहेगा।
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    राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में पेपर लीक, परीक्षा में चोरी और टेंडर में धांधली को संरक्षण देकर इसे एक संगठित अपराध का सिंडिकेट बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार सत्ता में रहेगी, तब तक युवाओं का भविष्य नीलाम होता रहेगा और पेपर लीक का व्यापार चलता रहेगा।
    user_SURYA NEWS
    SURYA NEWS
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    4 hrs ago
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर थाना क्षेत्र के नेहरू विहार डी2 में दो दिन पहले राशिद नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मुख्य आरोपियों की मदद की थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने हत्या से पहले रेकी की थी, जबकि दूसरे आरोपी ने वारदात के लिए एक स्कूटी चोरी की थी। फिलहाल, दोनों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस की कई टीमें अब भी तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
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    उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर थाना क्षेत्र के नेहरू विहार डी2 में दो दिन पहले राशिद नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मुख्य आरोपियों की मदद की थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने हत्या से पहले रेकी की थी, जबकि दूसरे आरोपी ने वारदात के लिए एक स्कूटी चोरी की थी। फिलहाल, दोनों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस की कई टीमें अब भी तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
    user_Sanjay Khan
    Sanjay Khan
    शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी विपक्षी समीकरणों को लेकर चुटकी ली जा रही है। लोग अलग-अलग तरीकों से इन समीकरणों पर टिप्पणी कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी विपक्षी समीकरणों को लेकर चुटकी ली जा रही है। लोग अलग-अलग तरीकों से इन समीकरणों पर टिप्पणी कर रहे हैं।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    24 min ago
  • सेहरा पायसा गाँव में कार्यकर्ता और किसान लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए, कल माननीय विधायक और सिंचाई विभाग के SDO अनुज यादव से मुलाकात की गई। इस मुलाकात के बाद, आज जेसीबी की मदद से नाले की सफाई का कार्य कराया गया, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान हो सका।
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    सेहरा पायसा गाँव में कार्यकर्ता और किसान लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए, कल माननीय विधायक और सिंचाई विभाग के SDO अनुज यादव से मुलाकात की गई। इस मुलाकात के बाद, आज जेसीबी की मदद से नाले की सफाई का कार्य कराया गया, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान हो सका।
    user_Rekha Patrakaar Govardhan
    Rekha Patrakaar Govardhan
    Reporter सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
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