logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गुढा गांव में अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई लगी आग

4 hrs ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

गुढा गांव में अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई लगी आग

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा में गौशाला संचालन को लेकर गंभीर सवाल
    1
    उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा में गौशाला संचालन को लेकर गंभीर सवाल
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अवैध शराब के विरुद्ध कड़ा प्रहार: 2500 लीटर लहन नष्ट, 60 लीटर कच्ची शराब बरामद
    1
    अवैध शराब के विरुद्ध कड़ा प्रहार: 2500 लीटर लहन नष्ट, 60 लीटर कच्ची शराब बरामद
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Star City School Mahoba
    1
    Post by Star City School Mahoba
    user_Star City School Mahoba
    Star City School Mahoba
    Education Department महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll
    1
    हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं।
छतरपुर, मध्य प्रदेश ll
हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll
छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। 
सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं।
संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है।
प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Lavkushnagar, Chhatarpur•
    2 hrs ago
  • हमीरपुर के सरीला तहसील के चंडौत गांव में बेतवा नदी में अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन पट्टाधारक हैवीवेट पोकलेन मशीनों से नदी की जलधारा में खनन कर रहे हैं, जिससे नदी का सीना छलनी हो रहा है। इस मामले में खनिज विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो अवैध खनन को रोकने में असमर्थ दिख रहा है [1]। report by Nirdosh Rajpoot
    3
    हमीरपुर के सरीला तहसील के चंडौत गांव में बेतवा नदी में अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन पट्टाधारक हैवीवेट पोकलेन मशीनों से नदी की जलधारा में खनन कर रहे हैं, जिससे नदी का सीना छलनी हो रहा है। इस मामले में खनिज विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो अवैध खनन को रोकने में असमर्थ दिख रहा है [1]।
report by Nirdosh Rajpoot
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मोबाइल की बढ़ती लत छोटे बच्चों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक बच्ची मोबाइल में इस कदर खो गई कि उसने खुद को कमरे में अंदर से बंद कर लिया। परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और समझाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। स्थिति गंभीर होती देख घरवालों को मजबूरन पास के कमरे की दीवार तोड़नी पड़ी, तब जाकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह घटना बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अभिभावकों की बढ़ती चिंता को साफ तौर पर उजागर करती है।
    1
    मोबाइल की बढ़ती लत छोटे बच्चों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक बच्ची मोबाइल में इस कदर खो गई कि उसने खुद को कमरे में अंदर से बंद कर लिया। परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और समझाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। स्थिति गंभीर होती देख घरवालों को मजबूरन पास के कमरे की दीवार तोड़नी पड़ी, तब जाकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह घटना बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अभिभावकों की बढ़ती चिंता को साफ तौर पर उजागर करती है।
    user_Khushbu patel
    Khushbu patel
    Indian nation congress Rath•
    16 hrs ago
  • #Apkiawajdigital आगरा | मुख्य संवाददाता उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने 'सत्ता की हनक' और 'खाकी के खौफ' के बीच के बारीक अंतर को खत्म कर दिया है। इनर रिंग रोड के टोल प्लाजा पर एत्मादपुर से भाजपा विधायक के पुत्र द्वारा एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय, पुलिस की कार्यशैली ने ही उसे कटघरे में खड़ा कर दिया है। ​क्या है पूरा घटनाक्रम? अगस्त 2024 में भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह के बेटे और उनके समर्थकों पर टोल मांगने को लेकर कर्मचारी के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगा था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें विधायक पुत्र सरेआम थप्पड़ मारते दिखे थे। मामला तब और गरमा गया जब पीड़ित टोलकर्मी के घर पुलिस आधी रात को पहुंच गई। ​वायरल संवाद: "रात के अंधेरे में क्यों आई पुलिस?" सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पीड़ित के परिजनों और पुलिस के बीच तीखा संवाद सुना जा सकता है। परिजन सवाल पूछ रहे हैं कि— "जब शिकायत हमने की है और हम पीड़ित हैं, तो अपराधी की तरह हमारे घर आधी रात को क्यों आया गया?" पुलिस का तर्क था कि वे 'जांच' के सिलसिले में आए हैं, लेकिन आधी रात की इस दबिश को स्थानीय लोगों ने सत्ता के दबाव में पीड़ित को चुप कराने की कोशिश करार दिया। ​विपक्ष का हमला और जन आक्रोश इस वीडियो के दोबारा वायरल होने से आगरा की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पूछा है कि क्या 'जीरो टॉलरेंस' की नीति केवल आम जनता के लिए है? क्या रसूखदारों के बेटों को थप्पड़ मारने की छूट मिली हुई है? ​प्रशासन का पक्ष: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नियमित जांच का हिस्सा था और किसी को डराने का उद्देश्य नहीं था। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की है। ​वर्तमान परिदृश्य में असर ​फरवरी 2026 के वर्तमान माहौल में, जहाँ उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और वीआईपी कल्चर पर तीखी बहस चल रही है, यह पुराना वीडियो एक बार फिर सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल युग में जनता भूली नहीं है और 'खाकी' को अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए और अधिक पारदर्शी होना होगा।
    1
    #Apkiawajdigital
आगरा | मुख्य संवाददाता
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने 'सत्ता की हनक' और 'खाकी के खौफ' के बीच के बारीक अंतर को खत्म कर दिया है। इनर रिंग रोड के टोल प्लाजा पर एत्मादपुर से भाजपा विधायक के पुत्र द्वारा एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय, पुलिस की कार्यशैली ने ही उसे कटघरे में खड़ा कर दिया है।
​क्या है पूरा घटनाक्रम?
अगस्त 2024 में भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह के बेटे और उनके समर्थकों पर टोल मांगने को लेकर कर्मचारी के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगा था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें विधायक पुत्र सरेआम थप्पड़ मारते दिखे थे। मामला तब और गरमा गया जब पीड़ित टोलकर्मी के घर पुलिस आधी रात को पहुंच गई।
​वायरल संवाद: "रात के अंधेरे में क्यों आई पुलिस?"
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पीड़ित के परिजनों और पुलिस के बीच तीखा संवाद सुना जा सकता है। परिजन सवाल पूछ रहे हैं कि— "जब शिकायत हमने की है और हम पीड़ित हैं, तो अपराधी की तरह हमारे घर आधी रात को क्यों आया गया?" पुलिस का तर्क था कि वे 'जांच' के सिलसिले में आए हैं, लेकिन आधी रात की इस दबिश को स्थानीय लोगों ने सत्ता के दबाव में पीड़ित को चुप कराने की कोशिश करार दिया।
​विपक्ष का हमला और जन आक्रोश
इस वीडियो के दोबारा वायरल होने से आगरा की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पूछा है कि क्या 'जीरो टॉलरेंस' की नीति केवल आम जनता के लिए है? क्या रसूखदारों के बेटों को थप्पड़ मारने की छूट मिली हुई है?
​प्रशासन का पक्ष:
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नियमित जांच का हिस्सा था और किसी को डराने का उद्देश्य नहीं था। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की है।
​वर्तमान परिदृश्य में असर
​फरवरी 2026 के वर्तमान माहौल में, जहाँ उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और वीआईपी कल्चर पर तीखी बहस चल रही है, यह पुराना वीडियो एक बार फिर सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल युग में जनता भूली नहीं है और 'खाकी' को अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए और अधिक पारदर्शी होना होगा।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    20 min ago
  • रॉन्ग साइड आ रहे डंपर की हुई दूसरे डंपर से भिड़ंत
    1
    रॉन्ग साइड आ रहे डंपर की हुई दूसरे डंपर से भिड़ंत
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.