फतुहा प्रखंड की डुमरी पंचायत में मंगलवार, 16 जून को बिहार सरकार द्वारा मध्य विद्यालय डुमरी परिसर में एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं और आवेदनों का निपटारा करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और कार्य लेकर शिविर में पहुंचे, जहाँ संबंधित अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर, विशु्त्री फतवा के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पंचायत क्षेत्र के लोगों के कार्यों के निष्पादन में सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने बताया कि वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। श्री शर्मा ने शिविर में ग्राम खोखूना और नारायण के बीच स्थित पुनपुन नदी के तटबंध की मरम्मत के लिए अधिकारियों को एक आवेदन भी सौंपा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तटबंध की स्थिति चिंताजनक है और जनहित व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इसकी शीघ्र मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने इस 'सहयोग शिविर' के आयोजन की सराहना की और इसे जनता तथा प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बताया।
फतुहा प्रखंड की डुमरी पंचायत में मंगलवार, 16 जून को बिहार सरकार द्वारा मध्य विद्यालय डुमरी परिसर में एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं और आवेदनों का निपटारा करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और कार्य लेकर शिविर में पहुंचे, जहाँ संबंधित अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर, विशु्त्री फतवा के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पंचायत क्षेत्र के लोगों के कार्यों के निष्पादन में सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने बताया कि वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। श्री शर्मा ने शिविर में ग्राम खोखूना और नारायण के बीच स्थित पुनपुन नदी के तटबंध की मरम्मत के लिए अधिकारियों को एक आवेदन भी सौंपा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तटबंध की स्थिति चिंताजनक है और जनहित व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इसकी शीघ्र मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने इस 'सहयोग शिविर' के आयोजन की सराहना की और इसे जनता तथा प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बताया।
- फतुहा प्रखंड की डुमरी पंचायत में मंगलवार, 16 जून को बिहार सरकार द्वारा मध्य विद्यालय डुमरी परिसर में एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं और आवेदनों का निपटारा करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और कार्य लेकर शिविर में पहुंचे, जहाँ संबंधित अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर, विशु्त्री फतवा के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पंचायत क्षेत्र के लोगों के कार्यों के निष्पादन में सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने बताया कि वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। श्री शर्मा ने शिविर में ग्राम खोखूना और नारायण के बीच स्थित पुनपुन नदी के तटबंध की मरम्मत के लिए अधिकारियों को एक आवेदन भी सौंपा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तटबंध की स्थिति चिंताजनक है और जनहित व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इसकी शीघ्र मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने इस 'सहयोग शिविर' के आयोजन की सराहना की और इसे जनता तथा प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बताया।1
- फतुहा में डॉ. रवींद्र कुमार सिंह को नया उप प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनके इस पद पर आने से फतुहा में उनका 'जलवा' कायम हो गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना के चंदासी (गौरीचक) गांव में अर्धनारीश्वर महादेव की एक भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। यह प्रतिमा बिहार और भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं में से एक मानी जा रही है, जिसकी मुख्य ऊंचाई लगभग 108 फीट है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर के आधार (pedestal) सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 143 से 145 फीट तक पहुंचती है। यह प्रतिमा भगवान शिव और माता पार्वती के एकीकृत स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें आधा भाग पुरुष और आधा स्त्री ऊर्जा का प्रतीक है। मुख्य प्रतिमा के साथ भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं, जो पूरे शिव परिवार को प्रदर्शित करती हैं। इस भव्य स्थापना के उपलक्ष्य में, 16 जून से 26 जून के बीच एक विशाल महायज्ञ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें 1008 हवन कुंडों और 1008 ब्राह्मणों द्वारा पूजा संपन्न की जाएगी। 16 जून 2026, मंगलवार को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद महायज्ञ का शुभारंभ कर दिया गया है। भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं का आज स्थापन शुरू हो गया है।1
- सम्राट चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर बहनों के साथ कुछ भी होता है, तो उसका निश्चित रूप से जवाब दिया जाएगा।1
- खान सर और रौशन आनंद सर के बीच चल रहे विवाद को लेकर भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव का एक बयान इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है।1
- गया पुलिस ने बीती देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आमस थाना क्षेत्र के बनाही मोड़ के समीप 45 लाख रुपये की लूट के मामले में फरार चल रहे दो अपराधियों का हाफ एनकाउंटर किया है। इस दौरान दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अपराधियों की पहचान सुनील कुमार उर्फ सुजीत चौधरी और श्रवण कुमार के रूप में की है। सुजीत चौधरी को दो गोली लगी हैं, जबकि श्रवण कुमार को एक गोली पैर में लगी है। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए कुछ जेवरात भी बरामद किए हैं। यह मामला बीते 27 मई का है, जब गुरुआ थाना क्षेत्र के गुरुआ बाजार में एक आभूषण दुकानदार अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था। तभी दुकान के बाहर ही अपराधियों ने उसे गोली मारकर 40 लाख रुपये के गहने और 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। अपराधी गहनों से भरा थैला लेकर अंधाधुंध गोली चलाते हुए फरार हो गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि गुरुआ लूट मामले से जुड़े सभी अपराधी आमस थाना क्षेत्र के बनाही मोड़ के पास इकट्ठा हुए हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की, लेकिन अपराधियों ने पुलिस पर गोली चलाना शुरू कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों का हाफ एनकाउंटर किया, जिससे उनके पैरों में गोली लगी। फिलहाल, पुलिस अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी कर रही है।1
- राजधानी पटना में एक प्राइवेट स्कूल संचालक को जान से मारने की धमकी मिली है। इस घटना के बाद, स्कूल संचालक ने प्रशासन से अपनी और अपने संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पहली उड़ान सफलतापूर्वक रवाना हुई। इस विशेष विमान में यात्री के रूप में जेवर के वे स्थानीय किसान सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण परियोजना के लिए अपनी जमीनें खुशी-खुशी सरकार को दी थीं। इस अनूठी हवाई यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन भूमिदाता किसानों का सम्मान बढ़ाना और उन्हें राज्य के विकास में सहभागी बनाना था। अपने ही गांव की जमीन से सीधे सूबे की राजधानी तक का पहला हवाई सफर पूरा करके लखनऊ पहुंचे महिला और बुजुर्ग किसानों के चेहरों पर गर्व और भावुकता की एक अनूठी चमक साफ दिखाई दे रही थी।1