भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित जयनगर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विकास कार्यों में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जयनगर मुख्यालय में संपन्न हुई, जिसमें रेलवे सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और स्टेशन के आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के महानिरीक्षक अमरेश कुमार ने की। इस अवसर पर 48वीं वाहिनी एसएसबी जयनगर के कमांडेंट राजेन्द्र कुमार, रेलवे पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर श्रीमती वीणा कुमारी, समस्तीपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार, एसएसबी के उप कमांडेंट विमल गुप्ता सहित रेलवे, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व, महानिरीक्षक अमरेश कुमार और अन्य अधिकारियों का कमांडेंट राजेन्द्र कुमार तथा एसएसबी के अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान जयनगर रेलवे स्टेशन की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र होने के कारण स्टेशन की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सीमा पार तस्करी, अवैध गतिविधियों तथा संदिग्ध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण के उपायों पर विशेष चर्चा हुई। इसके लिए एसएसबी, आरपीएफ, जीआरपी तथा जिला पुलिस के बीच निरंतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक में स्टेशन परिसर की परिधि सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का विस्तार करने, आधुनिक सुविधाओं से युक्त एकीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा रेलवे फुट ओवर ब्रिज सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा ग्रिड को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। यह भी निर्णय लिया गया कि सुरक्षा और विकास से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर जयनगर रेलवे स्टेशन को एक सुरक्षित, आधुनिक और सुव्यवस्थित अंतर्राष्ट्रीय सीमा स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त प्रयासों से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित जयनगर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विकास कार्यों में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जयनगर मुख्यालय में संपन्न हुई, जिसमें रेलवे सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और स्टेशन के आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के महानिरीक्षक अमरेश कुमार ने की। इस अवसर पर 48वीं वाहिनी एसएसबी जयनगर के कमांडेंट राजेन्द्र कुमार, रेलवे पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर श्रीमती वीणा कुमारी, समस्तीपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार, एसएसबी के उप कमांडेंट विमल गुप्ता सहित रेलवे, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व, महानिरीक्षक अमरेश कुमार और अन्य अधिकारियों का कमांडेंट राजेन्द्र कुमार तथा एसएसबी के अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान जयनगर रेलवे स्टेशन की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र होने के कारण स्टेशन की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सीमा पार तस्करी, अवैध गतिविधियों तथा संदिग्ध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण के उपायों पर विशेष चर्चा हुई। इसके लिए एसएसबी, आरपीएफ, जीआरपी तथा जिला पुलिस के बीच निरंतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक में स्टेशन परिसर की परिधि सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का विस्तार करने, आधुनिक सुविधाओं से युक्त एकीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा रेलवे फुट ओवर ब्रिज सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा ग्रिड को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। यह भी निर्णय लिया गया कि सुरक्षा और विकास से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर जयनगर रेलवे स्टेशन को एक सुरक्षित, आधुनिक और सुव्यवस्थित अंतर्राष्ट्रीय सीमा स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त प्रयासों से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड के अंतर्गत आने वाली देवदा मध्य पंचायत के वार्ड नंबर 13 में केवल एक ही सोलर लाइट लगाई गई है।1
- मधुबनी जिले के बासोपट्टी स्थित अवध भारत गैस एजेंसी की सेवा को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार, यह रोज की स्थिति है कि 45 दिनों के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिलती। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत करने के बावजूद, एजेंसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों में भारी असंतोष है।1
- डीसी न्यूज़ चैनल की पड़ताल में जयनगर प्रखंड के अंतर्गत देवधा में विकास के दावों की सच्चाई सामने आ गई है। इस पड़ताल के दौरान, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें मुख्य रूप से सड़क निर्माण से जुड़ी जनसमस्याएं उजागर हुई हैं। यह खुलासा स्थानीय जनता की आवाज़ को दर्शाता है, जो अपने क्षेत्र में विकास के नाम पर हुई अनदेखी से जूझ रही है।1
- रीना सर्राफ को सनातन बोर्ड का मधुबनी जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ, उन्होंने महिलाओं और युवाओं को सनातन मूल्यों के साथ जोड़ने का संकल्प लिया है, जो सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- मधुबनी विद्युत विभाग ने सूचना जारी की है कि बिजली के तारों की मरम्मत और उन्हें सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह व्यवधान सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक कुल चार घंटे के लिए रहेगा। इस दौरान इमरजेंसी फीडर, हवाई अड्डा फीडर और न्यू फीडर पूरी तरह बंद रहेंगे। विद्युत विभाग के इंजीनियर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सुबह 11:00 बजे से पहले पानी से संबंधित अपने सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लें। विभाग ने यह भी बताया है कि दोपहर 3:00 बजे के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी।2
- मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र के जरहटिया गांव में आज एक दिवसीय जश्ने मीलाद शरीफ का शानदार और मुबारक आयोजन किया गया। यह पावन कार्यक्रम जनाब मो. मालिक साहब के निवास स्थान पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने उत्साहपूर्वक शिरकत की। मौलाना फारूकी साहब क़िबला (मोकरमपुर) इस आध्यात्मिक महफिल के मुख्य अतिथि रहे। मौलाना फारूकी साहब ने अपने संबोधन में हुज़ूर ﷺ की सीरत, मोहब्बत, अमन, भाईचारे और इंसानियत के पवित्र और महत्वपूर्ण संदेश को प्रस्तुत किया। इस दौरान महफिल में नात-ओ-मनकबत, तकरीर और दुआओं का सिलसिला लगातार जारी रहा। जश्ने मीलाद शरीफ का यह आयोजन मोहब्बत, अमन, भाईचारा और इंसानियत के पैगाम को प्रसारित करने का माध्यम बना। कार्यक्रम के समापन पर, अल्लाह तआला से इस मुबारक महफिल को कबूल फरमाने और आयोजकों के साथ-साथ इसमें शिरकत करने वाले सभी अकीदतमंदों को दुनिया व आखिरत में कामयाबी अता फरमाने की दिली दुआ की गई।1
- मिथिला की धरती से निकलने वाली मधुर आवाजों को अब एक बड़ा मंच मिलने जा रहा है। पहली बार मिथिला में 'मिथिला आइडल 2026 : मैथिली स्वर का महासंग्राम' का आयोजन होने जा रहा है, जिसको लेकर कलाकारों और संगीत प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। झंझारपुर से शुरू हो रही इस सांस्कृतिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य मैथिली लोकगीतों, लोकसंगीत और मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान देना है। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए ऑडिशन शुरू हो चुके हैं।1
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड में स्थित देवधा भगवती चौक की वर्तमान स्थिति अत्यंत खराब है। रिपोर्ट में इस चौक के बदहाल हालात पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोगों से कहा गया है कि वे स्वयं इसकी दयनीय स्थिति का अवलोकन करें।1