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सीतापुर सिटी के जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत सीतापुर सिटी के प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत आज 8 सितंबर से स्टार्ट हो चुकी है जो की मरम्मत का काम शुरू हो गया है
हिंदुस्तान सच का आईना
सीतापुर सिटी के जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत सीतापुर सिटी के प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत आज 8 सितंबर से स्टार्ट हो चुकी है जो की मरम्मत का काम शुरू हो गया है
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- बरेली: तीन दोस्त बाइक समेत तेज धार नदी में बहे, तलाश जारी ASTv24 digital शाहिद लखाही उत्तर प्रदेश के बरेली में तेज बारिश के बीच अरिल नदी का जलस्तर बढ़ गया। तीन दोस्त बाइक से छोटा पुल पार कर रहे थे, तभी पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बहने के कारण तेज बहाव में बाइक बेकाबू होकर नदी में गिर गई। तीनों दोस्तों ने काफी देर तक तैरकर किनारे आने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण सफल नहीं हो सके। पुलिस ने बाइक बरामद कर ली है, जबकि तीनों युवकों की तलाश जारी है।1
- LRP में जलभराव से बदहाल स्थिति, शहर के एंट्री पॉइंट पर पानी में डूबी सड़कें लखीमपुर के LRP क्षेत्र में बारिश के चलते बेहद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट होने के बावजूद यहां चारों तरफ सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। खास बात यह है कि नगर पालिका द्वारा इसी स्थान पर बेहतरीन गेट और सुंदर पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब शहर के प्रवेश द्वार का यह हाल है, तो प्रस्तावित विकास कार्यों से पहले जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा?1
- सीएचओ के वेतन पर कैंची, भुगतान अटका तो भड़का आक्रोश मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के खिलाफ मोर्चा, 24 घंटे के धरने के बाद अब मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री के घेराव की चेतावनी लखीमपुर खीरी। जनपद में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के वेतन में कथित अनुचित कटौती और विभिन्न भुगतान लंबित होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सीएचओ यूनियन, उत्तर प्रदेश ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप और कटे हुए वेतन सहित अन्य लंबित भुगतान तत्काल जारी कराने की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय द्वारा सीएचओ के वेतन में अनुचित रूप से कटौती की गई, जबकि इस संबंध में कई बार अधिकारियों को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया जा चुका है। यूनियन के मुताबिक कटे हुए वेतन और अन्य लंबित भुगतान को लेकर सीएचओ लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट एवं ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी को लेकर सीएचओ में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है। यूनियन का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि जनपद के समस्त सीएचओ द्वारा 3 सितंबर 2026 से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में धरना दिया जा रहा है। यूनियन के अनुसार आंदोलन की सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को विभिन्न तिथियों में पत्र के माध्यम से दी गई थी। इसके बावजूद मांगों का समाधान न होने पर सीएचओ ने 7 सितंबर से 24 घंटे का धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सीएचओ यूनियन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त सीएचओ अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री अथवा उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री का घेराव करने के लिए विवश होंगे। यूनियन ने इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होने की बात कही है। वेतन कटौती और लंबित भुगतानों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। सीएचओ यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से मामला शांत होने वाला नहीं है और जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन पर जिला अध्यक्ष सोहन सिंह, जिला महिला अध्यक्ष अनुपम राजवंशी और जिला महामंत्री विश्वजीत यादव समेत यूनियन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन की प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश लखनऊ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखीमपुर खीरी को भी भेजी गई है।4
- लखीमपुर खीरी गांधी नगर-सुभाष नगर में जलभराव से हाहाकार, वर्षों से नहीं मिला स्थायी समाधान। बंद पुलियों और नाले की अवरुद्ध निकासी को लेकर डीएम से शिकायत, तत्काल कार्रवाई की मांग। बारिश में घरों तक पहुंचता है पानी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। लखीमपुर खीरी गांधी नगर-सुभाष नगर में जलभराव से हाहाकार, वर्षों से नहीं मिला स्थायी समाधान। बंद पुलियों और नाले की अवरुद्ध निकासी को लेकर डीएम से शिकायत, तत्काल कार्रवाई की मांग। बारिश में घरों तक पहुंचता है पानी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।1
- श्रीमान पुलिस अधीक्षक खीरी महोदय के निर्देशन में जनपद में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के अन्तर्गत क्षेत्राधिकारी निघासन श्री शिवम कुमार के पर्यवेक्षण एंव मार्गदर्शन में आज दिनांक 07.09.2026 को थाना निघासन पुलिस बल द्वारा क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था भंग होने की आशंका मे अभियुक्तगण 01.रामशंकर पुत्र बाबूराम उम्र करीब 42 वर्ष 2. राम मूर्ति पुत्र बाबूराम उम्र करीब 45 वर्ष 3.नितेश पुत्र ईश्वरदीन उम्र करीब 22 वर्ष 4.रामू पुत्र मायाराम उम्र करीब 28 वर्ष निवासीगण ग्राम वार्ड नं0 06 अंबेडकर नगर थाना निघासन जनपद खीरी गिरफ्तार कर चालान अन्तर्गत धारा 170/126/135 बीएनएसएस मा0 न्यायालय किया गया। अभि0गण उपरोक्त को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है । श्रीमान पुलिस अधीक्षक खीरी महोदय के निर्देशन में जनपद में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के अन्तर्गत क्षेत्राधिकारी निघासन श्री शिवम कुमार के पर्यवेक्षण एंव मार्गदर्शन में आज दिनांक 07.09.2026 को थाना निघासन पुलिस बल द्वारा क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था भंग होने की आशंका मे अभियुक्तगण 01.रामशंकर पुत्र बाबूराम उम्र करीब 42 वर्ष 2. राम मूर्ति पुत्र बाबूराम उम्र करीब 45 वर्ष 3.नितेश पुत्र ईश्वरदीन उम्र करीब 22 वर्ष 4.रामू पुत्र मायाराम उम्र करीब 28 वर्ष निवासीगण ग्राम वार्ड नं0 06 अंबेडकर नगर थाना निघासन जनपद खीरी गिरफ्तार कर चालान अन्तर्गत धारा 170/126/135 बीएनएसएस मा0 न्यायालय किया गया। अभि0गण उपरोक्त को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है ।1
- सीतापुर सिटी के जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत सीतापुर सिटी के प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल रोड से रमप्पा टॉकीज को जाने वाली रोड की मरम्मत आज 8 सितंबर से स्टार्ट हो चुकी है जो की मरम्मत का काम शुरू हो गया है1
- महिला पत्रकारों से कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला, निष्पक्ष जांच की मांग लखीमपुर खीरी। स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीना खान एवं नफीसा खान के साथ कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के जिला अध्यक्ष विमलेश पांडेय ने राष्ट्रपति एवं संबंधित जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पत्र के अनुसार, दोनों महिला पत्रकार एक अस्पताल में आयोजित नए विंग के शुभारंभ कार्यक्रम की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा दोनों पत्रकारों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया, जहां भी उनके साथ कथित मारपीट की गई। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज के सामने वास्तविक घटनाओं को रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार अथवा हिंसा चिंता का विषय है। संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण का निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कराई जाए। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों पर लोगों का भरोसा कायम रहे। अब बड़ा सवाल यह है कि महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कब तक पूरी होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?3
- खलिहान की जमीन पर बने गरीबों के आशियानों पर चला प्रशासन का डंडा दो मकान ध्वस्त; तीन प्रधानमंत्री आवास भी कार्रवाई की जद में पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलिया खुर्द में सरकारी भूमि पर बने गरीब परिवारों के मकानों को तोड़े जाने की कार्रवाई शुरू होने से हड़कंप मच गया है। कुल पांच मकानों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है, जिनमें दो मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि तीन मकान अभी बचे हैं। खास बात यह है कि बचे हुए तीनों मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं और इन पर भी मकान खाली कर तोड़े जाने संबंधी नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि संबंधित भूमि खलिहान के रूप में दर्ज बताई जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब भूमि सरकारी अभिलेखों में खलिहान के लिए दर्ज थी तो आखिर उस पर गरीब परिवारों के मकान कैसे बन गए? इससे भी अहम सवाल यह है कि यदि इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए थे तो सरकारी तंत्र ने आवास निर्माण के लिए भूमि की जांच और सत्यापन कैसे किया? ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों ने सरकारी योजना और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रक्रिया पर भरोसा करते हुए अपने आशियाने खड़े किए थे। अब वर्षों बाद यदि इन मकानों को अवैध बताकर ध्वस्त किया जा रहा है तो इसका पूरा भार गरीब परिवारों पर डालना न्यायसंगत नहीं है। मकान तोड़ने से पहले यह जांच बेहद जरूरी है कि उस समय भूमि का सत्यापन किस अधिकारी या कर्मचारी ने किया था, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ किस आधार पर स्वीकृत हुआ और निर्माण की अनुमति या निगरानी किस स्तर से हुई। यदि सरकारी भूमि पर आवास बन गए तो इसके लिए जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। लोगों ने मांग उठाई है कि गरीबों के मकान ध्वस्त करने से पहले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों का निर्धारण किया जाए। यदि जांच में उनकी लापरवाही सामने आती है तो गरीब परिवारों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई संबंधित जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से कराई जाए। लोगों का यह भी कहना है कि किसी परिवार का मकान तोड़ना केवल एक निर्माण को गिराना नहीं, बल्कि उसके सिर से छत छीनना है। इसलिए कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास या रहने की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। खासकर उन परिवारों के मामले में, जिनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं, प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पूरे प्रकरण की जांच करानी चाहिए। पलिया खुर्द के इस मामले ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भूमि सत्यापन और अधिकारियों की जवाबदेही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन केवल मकानों को ध्वस्त करने तक कार्रवाई सीमित रखता है या फिर खलिहान की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास बनने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई करता है।2
- जिला लखीमपुर खीरी के क्षेत्र में थाना सिंगाही में दुष्कर्म घटना थाना सिंगाही क्षेत्र में चार साल बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना है 60 साल का खलील अहमद ने किया बच्ची के साथ दुष्कर्म किया1