शासकीय चरनोई भूमि विवाद: जनसुनवाई में बुजुर्ग ने लगाई न्याय की गुहार, आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप सब-हेडिंग: राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित का आरोप—न्याय नहीं मिला तो उठाऊंगा आत्मघाती कदम समाचार विवरण: छतरपुर जिले की तहसील चंदला अंतर्गत ग्राम बछौन स्थित शासकीय चरनोई भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने स्वयं को न्याय से वंचित बताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मामला ग्राम बछौन स्थित खसरा नंबर 1216/2, 1216/3, 1216/4 एवं 1216/5 से संबंधित है। इन खसरों का कुल रकबा क्रमशः 1.222, 0.400, 0.400, 0.400, 0.331 एवं 0.348 हेक्टेयर है, जो राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय एवं चरनोई भूमि है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पर उमादेवी पत्नी श्री रामसजीवन रुपौलिहा, निवासी ग्राम बछौन द्वारा शासन को गुमराह कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया गया था। इस प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लवकुशनगर द्वारा 30 दिसंबर 2022 को तथा अपर कलेक्टर, छतरपुर द्वारा 21 जून 2024 को आदेश पारित कर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज करने एवं अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशों के पालन में नायब तहसीलदार मंडल बछौन द्वारा 29 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर अवैध कब्जा हटाने एवं ₹10,000 के जुर्माने की कार्रवाई की गई। इसके तहत 18 जनवरी 2025 को राजस्व अमला एवं पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर फसल नष्ट की गई तथा भूमि पर शासन द्वारा पुनः कब्जा ले लिया गया, जो वर्तमान में शासन के अधीन बताई जा रही है। इसके बावजूद जनसुनवाई में पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वयं को न्याय से वंचित बताया और भावुक होकर अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने मामले की पुनः जांच कराने तथा सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का आश्वासन दिया राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित का आरोप—न्याय नहीं मिला तो उठाऊंगा आत्मघाती कदम समाचार विवरण: छतरपुर जिले की तहसील चंदला अंतर्गत ग्राम बछौन स्थित शासकीय चरनोई भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने स्वयं को न्याय से वंचित बताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मामला ग्राम बछौन स्थित खसरा नंबर 1216/2, 1216/3, 1216/4 एवं 1216/5 से संबंधित है। इन खसरों का कुल रकबा क्रमशः 1.222, 0.400, 0.400, 0.400, 0.331 एवं 0.348 हेक्टेयर है, जो राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय एवं चरनोई भूमि है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पर उमादेवी पत्नी श्री रामसजीवन रुपौलिहा, निवासी ग्राम बछौन द्वारा शासन को गुमराह कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया गया था। इस प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लवकुशनगर द्वारा 30 दिसंबर 2022 को तथा अपर कलेक्टर, छतरपुर द्वारा 21 जून 2024 को आदेश पारित कर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज करने एवं अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशों के पालन में नायब तहसीलदार मंडल बछौन द्वारा 29 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर अवैध कब्जा हटाने एवं ₹10,000 के जुर्माने की कार्रवाई की गई। इसके तहत 18 जनवरी 2025 को राजस्व अमला एवं पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर फसल नष्ट की गई तथा भूमि पर शासन द्वारा पुनः कब्जा ले लिया गया, जो वर्तमान में शासन के अधीन बताई जा रही है। इसके बावजूद जनसुनवाई में पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वयं को न्याय से वंचित बताया और भावुक होकर अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने मामले की पुनः जांच कराने तथा सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का आश्वासन दिया है।
शासकीय चरनोई भूमि विवाद: जनसुनवाई में बुजुर्ग ने लगाई न्याय की गुहार, आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप सब-हेडिंग: राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित का आरोप—न्याय नहीं मिला तो उठाऊंगा आत्मघाती कदम समाचार विवरण: छतरपुर जिले की तहसील चंदला अंतर्गत ग्राम बछौन स्थित शासकीय चरनोई भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने स्वयं को न्याय से वंचित बताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मामला ग्राम बछौन स्थित खसरा नंबर 1216/2, 1216/3, 1216/4 एवं 1216/5 से संबंधित है। इन खसरों का कुल रकबा क्रमशः 1.222, 0.400, 0.400, 0.400, 0.331 एवं 0.348 हेक्टेयर है, जो राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय एवं चरनोई भूमि है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पर उमादेवी पत्नी श्री रामसजीवन रुपौलिहा, निवासी ग्राम बछौन द्वारा शासन को गुमराह कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया गया था। इस प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लवकुशनगर द्वारा 30 दिसंबर 2022 को तथा अपर कलेक्टर, छतरपुर द्वारा 21 जून 2024 को आदेश पारित कर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज करने एवं अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशों के पालन में नायब तहसीलदार मंडल बछौन द्वारा 29 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर अवैध कब्जा हटाने एवं ₹10,000 के जुर्माने की कार्रवाई की गई। इसके तहत 18 जनवरी 2025 को राजस्व अमला एवं पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर फसल नष्ट की गई तथा भूमि पर शासन द्वारा पुनः कब्जा ले लिया गया, जो वर्तमान में शासन के अधीन बताई जा रही है। इसके बावजूद जनसुनवाई में पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वयं को न्याय से वंचित बताया और भावुक होकर अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने मामले की पुनः जांच कराने तथा सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का आश्वासन दिया राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित का आरोप—न्याय नहीं मिला तो उठाऊंगा आत्मघाती कदम समाचार विवरण: छतरपुर जिले की तहसील चंदला अंतर्गत ग्राम बछौन स्थित शासकीय चरनोई भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने स्वयं को न्याय से वंचित बताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मामला ग्राम बछौन स्थित खसरा नंबर 1216/2, 1216/3, 1216/4 एवं 1216/5 से संबंधित है। इन खसरों का कुल रकबा क्रमशः 1.222, 0.400, 0.400, 0.400, 0.331 एवं 0.348 हेक्टेयर है, जो राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय एवं चरनोई भूमि है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पर उमादेवी पत्नी श्री रामसजीवन रुपौलिहा, निवासी ग्राम बछौन द्वारा शासन को गुमराह कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया गया था। इस प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लवकुशनगर द्वारा 30 दिसंबर 2022 को तथा अपर कलेक्टर, छतरपुर द्वारा 21 जून 2024 को आदेश पारित कर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज करने एवं अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशों के पालन में नायब तहसीलदार मंडल बछौन द्वारा 29 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर अवैध कब्जा हटाने एवं ₹10,000 के जुर्माने की कार्रवाई की गई। इसके तहत 18 जनवरी 2025 को राजस्व अमला एवं पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर फसल नष्ट की गई तथा भूमि पर शासन द्वारा पुनः कब्जा ले लिया गया, जो वर्तमान में शासन के अधीन बताई जा रही है। इसके बावजूद जनसुनवाई में पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वयं को न्याय से वंचित बताया और भावुक होकर अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने मामले की पुनः जांच कराने तथा सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का आश्वासन दिया है।
- ये वीडियो है छतरपुर का। जहां पर ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने मारपीट करके बुजुर्ग दादा के दोनों हाथ तोड़ दिए गए। जमीनी मामले को लेकर। हालांकि हमारे देश में पुलिस मौजूद ...1
- पलेरा थाना अंतर्गत बैडरी गांव निवासी गायत्री चढार 32 वर्षीय की अस्पताल प्रबंधन एवं नर्स लापरवाही से प्रसव को पलेरा अस्पताल से छतरपुर ले जाते दौरान गरौले से आगे खमा के पास महिला की हुई मौत..परिजनों ने उठाए सवाल.1
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- नायक नहीं खलनायक हूं मैं......... #महोबा जिले की चरखारी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक ब्रजभूषण राजपूत का विवादित बयान सोशल मीडिया में बटोर रहा है सुर्खियां। बंधक बनाना मामूली सी बात, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य को भी बना चुके हैं बंधक। #ikvnews #महोबाइनसाइड (अस्वीकरण:- वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते।)1
- महोबा, भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने फिर दिया विवादित बयान, किसी को बंधक बनाना मेरे लिए मामूली बात, कांग्रेस सरकार में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को बनाया था बंधक : बोले विधायक अधिकारियों को पहनाई थी चूड़ियां और पेटीकोट : बोले ब्रजभूषण राजपूत विकास की बात में कमरे में क्यों करू : ब्रजभूषण राजपूत पहले वाला रूप आपने नही देखा मेरा,बीजेपी में आने के बाद हुआ अनुशाषित : ब्रजभूषण राजपूत ब्रजभूषण राजपूत के जलसक्ति मंत्री स्वतन्त्र देव सिंह के खिलाफ जारी है बगावती सुर, विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर हो रहा वायरल, चरखारी विधानसभा से भाजपा विधायक हैं ब्रजभूषण राजपूत उर्फ़ गुड्डू भैया।2
- महिलाओं ने कर दिखाए कमाल बीच सड़क पर है कि शराब नारी शक्ति जिंदाबाद खतेवास ललितपुर1
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- पलेरा क्षेत्र में भी मौसम बारिश से किसानों की फसले चौपट गेहूं सरसों चना की फसल को भारी नुकसान खड़ी फसल खेतों में गिरी किसानों ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं2
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