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राजनगर : रघुनाथ मुर्मू की जयंती के अवसर पर पूजा अर्चना एवं माल्यार्पण कर धूमधाम से मनाया गया आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।

4 hrs ago
user_NUNU RAM MAHATO
NUNU RAM MAHATO
Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
4 hrs ago

राजनगर : रघुनाथ मुर्मू की जयंती के अवसर पर पूजा अर्चना एवं माल्यार्पण कर धूमधाम से मनाया गया आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।

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  • आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।
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    आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई।
मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। 
चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    4 hrs ago
  • सरायकेला- शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के अवसर पर सरायकेला नगर पंचायत परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने स्वयं उपस्थित होकर नगर पंचायत में कार्यरत मजदूरों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष श्री चौधरी ने मजदूरों को तिलक लगाया, उन पर पुष्प वर्षा की और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया। इस भावुक क्षण में उन्होंने मजदूरों को समाज की रीढ़ बताया। संबोधन के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत के मजदूर भीषण गर्मी, बरसात और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा: "प्राकृतिक आपदा हो या कोविड का संकट, हमारे मजदूरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया है। इनके बिना स्वच्छ और सुंदर नगर की कल्पना असंभव है।" अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बोर्ड की बैठक में मजदूरों के सम्मान का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया गया। समारोह के सुखद माहौल के बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि: पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। सिर्फ "काम नहीं रुकेगा" का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा। मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी पदाधिकारी की अनुपस्थिति और मजदूरों के प्रति उदासीनता खेदजनक है। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस उपेक्षा से काफी मर्माहत हैं। मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अध्यक्ष ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह मजदूरों के हक के लिए निम्नलिखित सुविधाओं हेतु हमेशा संघर्ष करेंगे: श्रम कार्ड और पीएफ (PF) की सुविधा। बचत योजनाएं और सुरक्षा किट का वितरण। मजदूरों के परिवारों के हितों की रक्षा। इस अवसर पर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों के पार्षद, कर्मचारी और भारी संख्या में सफाई मित्र व मजदूर उपस्थित थे।
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    सरायकेला-  शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के अवसर पर सरायकेला नगर पंचायत परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने स्वयं उपस्थित होकर नगर पंचायत में कार्यरत मजदूरों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष श्री चौधरी ने मजदूरों को तिलक लगाया, उन पर पुष्प वर्षा की और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया। इस भावुक क्षण में उन्होंने मजदूरों को समाज की रीढ़ बताया।
संबोधन के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत के मजदूर भीषण गर्मी, बरसात और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा:
"प्राकृतिक आपदा हो या कोविड का संकट, हमारे मजदूरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया है। इनके बिना स्वच्छ और सुंदर नगर की कल्पना असंभव है।"
अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बोर्ड की बैठक में मजदूरों के सम्मान का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया गया।
समारोह के सुखद माहौल के बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी  की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं।
सिर्फ "काम नहीं रुकेगा" का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।
मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी पदाधिकारी की अनुपस्थिति और मजदूरों के प्रति उदासीनता खेदजनक है।
अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस उपेक्षा से काफी मर्माहत हैं।
मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अध्यक्ष ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह मजदूरों के हक के लिए निम्नलिखित सुविधाओं हेतु हमेशा संघर्ष करेंगे:
श्रम कार्ड और पीएफ (PF) की सुविधा।
बचत योजनाएं और सुरक्षा किट का वितरण।
मजदूरों के परिवारों के हितों की रक्षा।
इस अवसर पर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों के पार्षद, कर्मचारी और भारी संख्या में सफाई मित्र व मजदूर उपस्थित थे।
    user_JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    Advertising Photographer सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    6 hrs ago
  • Post by Govinda maikup
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    Post by Govinda maikup
    user_Govinda maikup
    Govinda maikup
    Appliance repair service गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    3 hrs ago
  • मजदूर दिवस पर BKMS का भव्य आयोजन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (BKMS) द्वारा टाटा-कांड्रा मेन रोड स्थित बिको मोड़, गम्हरिया (आदित्यपुर) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मजदूर नेता रतिलाल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सैकड़ों मजदूर साथियों को सम्मानित किया गया और उनके बीच चना एवं शरबत का वितरण किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय गोराई (क्षेत्रीय प्रभारी, कोल्हान - BKMS) उपस्थित रहे। साथ ही BKMS के सक्रिय सदस्य उमेश महतो, रूपेश गोराई, रोहित प्रधान, बाबू महतो, लक्ष्मण महतो, मनोज महानता, राजू महतो और राज महतो समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
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    मजदूर दिवस पर BKMS का भव्य आयोजन
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (BKMS) द्वारा टाटा-कांड्रा मेन रोड स्थित बिको मोड़, गम्हरिया (आदित्यपुर) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मजदूर नेता रतिलाल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सैकड़ों मजदूर साथियों को सम्मानित किया गया और उनके बीच चना एवं शरबत का वितरण किया गया।
इस मौके पर वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय गोराई (क्षेत्रीय प्रभारी, कोल्हान - BKMS) उपस्थित रहे। साथ ही BKMS के सक्रिय सदस्य उमेश महतो, रूपेश गोराई, रोहित प्रधान, बाबू महतो, लक्ष्मण महतो, मनोज महानता, राजू महतो और राज महतो समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    3 hrs ago
  • बंगाल पुलिस की इच्छा जानकर आप हैरान रहे जाओगे।
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    बंगाल पुलिस की इच्छा जानकर आप हैरान रहे जाओगे।
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    Doctor गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    3 hrs ago
  • 🚨 सारंडा की बेबसी उजागर: 13 साल में ले जाया गया बालक, अब नक्सली बनकर लौटा शव चाईबासा सदर अस्पताल में मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव लेने जब सारंडा जंगल के सांगा जटा गांव से उसके माता-पिता और परिजन पहुंचे, तो उनकी हालत ने क्षेत्र की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में जब इस्माइल पूर्ति मात्र 13 वर्ष का था और कक्षा 5 में पढ़ाई कर रहा था, तभी नक्सली दस्ते के लोग गांव से 5–10 लोगों को अपने साथ ले गए। उसी दौरान वह भी उनके साथ चला गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा। माता-पिता, जो बेहद साधारण और अशिक्षित हैं, वर्षों बाद अपने बेटे का शव लेने अस्पताल पहुंचे। बेटे के खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। यह घटना सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की बेबसी और डर के माहौल को सामने लाती है, जहां कम उम्र के बच्चों को बहला-फुसलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों का अंत अक्सर दुखद ही होता है, जिससे परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। शव लेने पहुंचे माता पिता को लगभग पांच घंटे के इंतजार के बाद बेटे का शव मिला। देर शाम आंधी वर्षा और बिजली गुल रहने की स्थिति में भारी मन से माता पिता और भाई ने शव को मैजिक वाहन की छत पर चढ़ा कर शव को साथ ले गए। #सारंडा #चाईबासा #नक्सल_मुठभेड़ #इस्माइल_पूर्ति #ग्रामीणों_की_बेबसी #JharkhandNews #WestSinghbhum #NaxalOperation #GroundReality #HumanStory #BreakingNews #KolhanBreakingNews
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    🚨 सारंडा की बेबसी उजागर: 13 साल में ले जाया गया बालक, अब नक्सली बनकर लौटा शव
चाईबासा सदर अस्पताल में मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव लेने जब सारंडा जंगल के सांगा जटा गांव से उसके माता-पिता और परिजन पहुंचे, तो उनकी हालत ने क्षेत्र की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में जब इस्माइल पूर्ति मात्र 13 वर्ष का था और कक्षा 5 में पढ़ाई कर रहा था, तभी नक्सली दस्ते के लोग गांव से 5–10 लोगों को अपने साथ ले गए। उसी दौरान वह भी उनके साथ चला गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा।
माता-पिता, जो बेहद साधारण और अशिक्षित हैं, वर्षों बाद अपने बेटे का शव लेने अस्पताल पहुंचे। बेटे के खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया।
यह घटना सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की बेबसी और डर के माहौल को सामने लाती है, जहां कम उम्र के बच्चों को बहला-फुसलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों का अंत अक्सर दुखद ही होता है, जिससे परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है।
शव लेने पहुंचे माता पिता को लगभग पांच घंटे के इंतजार के बाद बेटे का शव मिला। देर शाम आंधी वर्षा और बिजली गुल रहने की स्थिति में भारी मन से माता पिता और भाई ने शव को मैजिक वाहन की छत पर चढ़ा कर शव को साथ ले गए।
#सारंडा
#चाईबासा
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#ग्रामीणों_की_बेबसी
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    user_कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    Local News Reporter चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    4 hrs ago
  • कांग्रेस और INDI गठबंधन का अहंकार: जब कलम पर हुआ प्रहार!🖋️🔥 झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के गुंडों द्वारा पत्रकारों की सरेआम पिटाई ने INDI गठबंधन के लोकतंत्र-विरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। जब मंत्री कहते हैं कि "इनकी दुकान हम चलाते हैं", तो यह साफ हो जाता है कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में पत्रकारों के लिए सिर्फ नफरत और डंडे ही बचे हैं। संविधान बचाने का ढोंग करने वाले इस गठबंधन का दमनकारी इतिहास पंजाब से लेकर तमिलनाडु तक फैला हुआ है, जहां 2025 में भी DMK और AAP के नेताओं ने सच दिखाने वाले पत्रकारों को घर में घुसकर निशाना बनाया था। आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कलम को कुचलने की जो कोशिश कर रहे हैं, उसका करारा जवाब देश की जनता और सजग मीडिया जल्द ही देगी।🖋️ संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड
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    कांग्रेस और INDI गठबंधन का अहंकार: जब कलम पर हुआ प्रहार!🖋️🔥
झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के गुंडों द्वारा पत्रकारों की सरेआम पिटाई ने INDI गठबंधन के लोकतंत्र-विरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। 
जब मंत्री कहते हैं कि "इनकी दुकान हम चलाते हैं", तो यह साफ हो जाता है कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में पत्रकारों के लिए सिर्फ नफरत और डंडे ही बचे हैं। 
संविधान बचाने का ढोंग करने वाले इस गठबंधन का दमनकारी इतिहास पंजाब से लेकर तमिलनाडु तक फैला हुआ है, जहां 2025 में भी DMK और AAP के नेताओं ने सच दिखाने वाले पत्रकारों को घर में घुसकर निशाना बनाया था। 
आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कलम को कुचलने की जो कोशिश कर रहे हैं, उसका करारा जवाब देश की जनता और सजग मीडिया जल्द ही देगी।🖋️
संकलक::
कुमार विश्वजीत 
जमशेदपुर झारखंड
    user_Kumar S Vishwajeet
    Kumar S Vishwajeet
    राष्ट्रवादी,मानवतावादी,भाजपा समर्थक गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड स्तर पर पहला मई दिवस के अवसर पर मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रमिक संगठनों ने रैली, सभा और झंडोत्तोलन कर शहीद मजदूरों को याद किया। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रबार को जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। चांडिल स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप के पास चांडिल स्लीपर यूनियन संघ द्वारा झंडोत्तोलन कर शहीदों को सलामी दी गई। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1 मई के महत्व पर प्रकाश डाला। *शिकागो के शहीदों को किया याद:..?* इस मौके पर आशुतोष महतो और अनंत कुमार महतो ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। उस समय पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जाता था। 12-14 घंटे काम लिया जाता था और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती थी। उसके विरोध में मजदूर सड़कों पर उतरे थे। पुलिस फायरिंग में कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में आज पूरी दुनिया में मई दिवस मनाया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी थी। आज भारत वर्ष में भी 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। सरकार ने श्रम कानूनों में कई सुधार किए हैं, लेकिन आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ESI, PF जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यक्रम में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार करने, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, ठेका प्रथा खत्म करने और 8 घंटे काम सख्ती से लागू करने की मांग की गई। गम्हरिया, आदित्यपुर, कांड्रा और सरायकेला में भी INTUC, AITUC और CITU एवं SUCI से जुड़े संगठनों ने सभा कर मजदूर एकता का आह्वान किया।
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    सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड स्तर पर पहला मई दिवस के अवसर पर मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रमिक संगठनों ने रैली, सभा और झंडोत्तोलन कर शहीद मजदूरों को याद किया।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रबार को जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। चांडिल स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप के पास चांडिल स्लीपर यूनियन संघ द्वारा झंडोत्तोलन कर शहीदों को सलामी दी गई। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1 मई के महत्व पर प्रकाश डाला।
*शिकागो के शहीदों को किया याद:..?*  इस मौके पर आशुतोष महतो और अनंत कुमार महतो ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। उस समय पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जाता था। 12-14 घंटे काम लिया जाता था और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती थी। उसके विरोध में मजदूर सड़कों पर उतरे थे। पुलिस फायरिंग में कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में आज पूरी दुनिया में मई दिवस मनाया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी थी। आज भारत वर्ष में भी 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। सरकार ने श्रम कानूनों में कई सुधार किए हैं, लेकिन आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ESI, PF जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कार्यक्रम में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार करने, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, ठेका प्रथा खत्म करने और 8 घंटे काम सख्ती से लागू करने की मांग की गई। 
गम्हरिया, आदित्यपुर, कांड्रा और सरायकेला में भी INTUC, AITUC और CITU एवं SUCI से जुड़े संगठनों ने सभा कर मजदूर एकता का आह्वान किया।
    user_JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    Advertising Photographer सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    12 hrs ago
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