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गुमला में बुधवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग और उत्पाद विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) समेत विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को समयबद्ध और सुचारु रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए आदिम जनजातीय समूह (PVTG) बहुल और दुर्गम गांवों में भी खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने ई-केवाईसी की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत सत्यापन करने को कहा। उन्होंने ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाकर कम से कम 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया, ताकि अपात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न का लाभ न मिले और वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। साथ ही, मृत और अपात्र लाभुकों के नाम सूची से हटाने, मोबाइल नंबर सीडिंग, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान और डेटा शुद्धिकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। सभी गोदामों का भौतिक सत्यापन करने और भंडारण व वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा विपणन पदाधिकारियों (MO) को औचक जांच अभियान चलाकर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। बैठक में डीसीएलआर गुमला सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति व उत्पाद विभाग के संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।

1 day ago
user_राहुल कुमार
राहुल कुमार
Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
1 day ago

गुमला में बुधवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग और उत्पाद विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) समेत विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को समयबद्ध और सुचारु रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए आदिम जनजातीय समूह (PVTG) बहुल और दुर्गम गांवों में भी खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने ई-केवाईसी की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत सत्यापन करने को कहा। उन्होंने ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाकर कम से कम 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया, ताकि अपात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न का लाभ न मिले और वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। साथ ही, मृत और अपात्र लाभुकों के नाम सूची से हटाने, मोबाइल नंबर सीडिंग, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान और डेटा शुद्धिकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। सभी गोदामों का भौतिक सत्यापन करने और भंडारण व वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा विपणन पदाधिकारियों (MO) को औचक जांच अभियान चलाकर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। बैठक में डीसीएलआर गुमला सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति व उत्पाद विभाग के संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।

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  • गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता और उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां के समन्वय से जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजना, राज्य स्तरीय रैंकिंग तथा विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। प्रस्तुति में राज्य स्तरीय शैक्षिक सूचकांकों में जिले की स्थिति, प्रखंडवार प्रदर्शन, विद्यालयों में नामांकन, दैनिक छात्र व शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी निर्माण, बच्चों का ऑनलाइन प्रोग्रेशन आधार सीडिंग, एफएलएन उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की अद्यतन स्थिति साझा की गई। उपायुक्त ने इस वर्ष जिले के उत्कृष्ट मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष के लिए अभी से ही 'बोर्ड परीक्षा विजय अभियान' के तहत संचालित नवाचारी गतिविधियों को जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर परिणामों को बनाए रखने और सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने ई-विद्यावाहिनी के तहत विद्यालयों में छात्र और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और विद्यालयों के खुलते ही दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए सुधार लाने तथा सभी विद्यालयों द्वारा स्टूडेंट प्रोग्रेशन संबंधी ऑनलाइन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति को संकुल, प्रखंड एवं जिला स्तर पर दिन में दो बार दैनिक मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया। बैठक में जनजातीय भाषा संवर्धन के लिए संचालित 'पलाश' कार्यक्रम और एफएलएन के तहत छोटे बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने कंपीटेंसी आधारित शिक्षण को और मजबूत करने तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। एफएलएन के अंतर्गत जिला शैक्षणिक नवाचार केंद्र की आगामी कार्ययोजना पर राज्य स्तर से आए पीएमयू प्रतिनिधि द्वारा एडीपीओ ज्योति खलखो के समन्वय में विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के बेहतर प्रदर्शन हेतु रणनीति निर्धारित की गई। उपायुक्त ने कार्य सुगमता के दृष्टिकोण से जिला स्तरीय सभी शिक्षा कार्यालय चंदाली स्थित नए समाहरणालय भवन में ही संचालित करने पर शिक्षा अधिकारियों के साथ मंथन किया। उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता, अंडा वितरण, सामग्री के रख-रखाव और बच्चों के कवरेज पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी प्रखंडों को प्रत्येक शनिवार संकुल साधन सेवियों की बैठक आयोजित कर विद्यालय अनुश्रवण, दैनिक कार्यों की समीक्षा तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में 30 से अधिक विद्यालयों में शून्य नामांकन है अथवा वे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने विशेष टीम गठित कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना की स्थिति तथा स्थानीय आवश्यकता का आकलन करने एवं ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्व की ग्राम शिक्षा समितियों के पास दो करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि लंबित है और कई विद्यालय भवन अधूरे पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने नोटिस के बावजूद प्रगति नहीं होने पर संबंधित मामलों में सर्टिफिकेट केस दर्ज कर राशि वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्णय लिया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्र नामांकन, स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड निर्माण, अपार आईडी जेनरेशन तथा सभी ऑनलाइन कार्यों में तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को चिन्हित कर कार्य निष्पादन में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। साथ ही, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति दैनिक रूप से अद्यतन करने सहित सीआरपी, बीआरपी एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विद्यालय अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। जिला स्तर से प्रखंड स्तरीय आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों एवं सुधार की आवश्यकता वाले प्रखंड की पहचान करते हुए सभी शैक्षणिक इंडिकेटर पर राज्य स्तरीय रैंकिंग के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय उपलब्धि विवरण हेतु आगामी बैठक से पीपीटी प्रेजेंटेशन के निर्देश दिए गए। इस बैठक में डायट प्राचार्य प्रिया भगत, बीईओ घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, लेखा पदाधिकारी माधुरी मिंज, सहायक अभियंता शमशाद अली, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अमर प्रकाश टूटी एवं शुभकामना प्रसाद, फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह, बीपीओ दिलदार सिंह सहित सभी प्रखंडों के बीपीओ, बीआरपी, एकाउंटेंट एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।
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    गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता और उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां के समन्वय से जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजना, राज्य स्तरीय रैंकिंग तथा विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। प्रस्तुति में राज्य स्तरीय शैक्षिक सूचकांकों में जिले की स्थिति, प्रखंडवार प्रदर्शन, विद्यालयों में नामांकन, दैनिक छात्र व शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी निर्माण, बच्चों का ऑनलाइन प्रोग्रेशन आधार सीडिंग, एफएलएन उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की अद्यतन स्थिति साझा की गई।

उपायुक्त ने इस वर्ष जिले के उत्कृष्ट मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष के लिए अभी से ही 'बोर्ड परीक्षा विजय अभियान' के तहत संचालित नवाचारी गतिविधियों को जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर परिणामों को बनाए रखने और सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने ई-विद्यावाहिनी के तहत विद्यालयों में छात्र और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और विद्यालयों के खुलते ही दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए सुधार लाने तथा सभी विद्यालयों द्वारा स्टूडेंट प्रोग्रेशन संबंधी ऑनलाइन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति को संकुल, प्रखंड एवं जिला स्तर पर दिन में दो बार दैनिक मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया।

बैठक में जनजातीय भाषा संवर्धन के लिए संचालित 'पलाश' कार्यक्रम और एफएलएन के तहत छोटे बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने कंपीटेंसी आधारित शिक्षण को और मजबूत करने तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। एफएलएन के अंतर्गत जिला शैक्षणिक नवाचार केंद्र की आगामी कार्ययोजना पर राज्य स्तर से आए पीएमयू प्रतिनिधि द्वारा एडीपीओ ज्योति खलखो के समन्वय में विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के बेहतर प्रदर्शन हेतु रणनीति निर्धारित की गई। उपायुक्त ने कार्य सुगमता के दृष्टिकोण से जिला स्तरीय सभी शिक्षा कार्यालय चंदाली स्थित नए समाहरणालय भवन में ही संचालित करने पर शिक्षा अधिकारियों के साथ मंथन किया।

उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता, अंडा वितरण, सामग्री के रख-रखाव और बच्चों के कवरेज पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी प्रखंडों को प्रत्येक शनिवार संकुल साधन सेवियों की बैठक आयोजित कर विद्यालय अनुश्रवण, दैनिक कार्यों की समीक्षा तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में 30 से अधिक विद्यालयों में शून्य नामांकन है अथवा वे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने विशेष टीम गठित कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना की स्थिति तथा स्थानीय आवश्यकता का आकलन करने एवं ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्व की ग्राम शिक्षा समितियों के पास दो करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि लंबित है और कई विद्यालय भवन अधूरे पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने नोटिस के बावजूद प्रगति नहीं होने पर संबंधित मामलों में सर्टिफिकेट केस दर्ज कर राशि वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्णय लिया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्र नामांकन, स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड निर्माण, अपार आईडी जेनरेशन तथा सभी ऑनलाइन कार्यों में तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को चिन्हित कर कार्य निष्पादन में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। साथ ही, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति दैनिक रूप से अद्यतन करने सहित सीआरपी, बीआरपी एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विद्यालय अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। जिला स्तर से प्रखंड स्तरीय आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों एवं सुधार की आवश्यकता वाले प्रखंड की पहचान करते हुए सभी शैक्षणिक इंडिकेटर पर राज्य स्तरीय रैंकिंग के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय उपलब्धि विवरण हेतु आगामी बैठक से पीपीटी प्रेजेंटेशन के निर्देश दिए गए। इस बैठक में डायट प्राचार्य प्रिया भगत, बीईओ घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, लेखा पदाधिकारी माधुरी मिंज, सहायक अभियंता शमशाद अली, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अमर प्रकाश टूटी एवं शुभकामना प्रसाद, फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह, बीपीओ दिलदार सिंह सहित सभी प्रखंडों के बीपीओ, बीआरपी, एकाउंटेंट एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • गुमला जिला के पालकोट में बुधवार देर शाम तक डीटीओ सत्येंद्र महतो के निर्देश पर एक गहन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, बिना हेलमेट और ट्रिपल लोड पर चल रही 100 से अधिक बाइकों को पकड़ा गया। पकड़े गए सभी वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। थाना परिसर में सभी से यातायात नियमों का पालन करने की मार्मिक अपील की गई। विभागीय अधिकारियों और थाना प्रभारी ने लोगों को उनके जीवन के महत्व को समझाया, यह बताते हुए कि एक छोटी सी लापरवाही से पूरा परिवार तबाह हो सकता है। उन्होंने सभी से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया।
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    गुमला जिला के पालकोट में बुधवार देर शाम तक डीटीओ सत्येंद्र महतो के निर्देश पर एक गहन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, बिना हेलमेट और ट्रिपल लोड पर चल रही 100 से अधिक बाइकों को पकड़ा गया।

पकड़े गए सभी वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। थाना परिसर में सभी से यातायात नियमों का पालन करने की मार्मिक अपील की गई।

विभागीय अधिकारियों और थाना प्रभारी ने लोगों को उनके जीवन के महत्व को समझाया, यह बताते हुए कि एक छोटी सी लापरवाही से पूरा परिवार तबाह हो सकता है। उन्होंने सभी से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • झारखंड के गुमला स्थित धोबी मोहल्ला, मेन रोड पर अब हर तरह के टैटू बनवाने और हटाने की सुविधा उपलब्ध है।
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    झारखंड के गुमला स्थित धोबी मोहल्ला, मेन रोड पर अब हर तरह के टैटू बनवाने और हटाने की सुविधा उपलब्ध है।
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    11 hrs ago
  • एक ग्रामीण ने अपने गांव में बारिश के मौसम के दौरान आवागमन से जुड़ी समस्या को लेकर मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीण का कहना है कि बारिश के समय गांव में आने-जाने में काफी कठिनाई होती है, जिसके समाधान के लिए सहायता की अपील की गई है।
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    एक ग्रामीण ने अपने गांव में बारिश के मौसम के दौरान आवागमन से जुड़ी समस्या को लेकर मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीण का कहना है कि बारिश के समय गांव में आने-जाने में काफी कठिनाई होती है, जिसके समाधान के लिए सहायता की अपील की गई है।
    user_Alice Soreng
    Alice Soreng
    पाकर टांड़, सिमडेगा, झारखंड•
    29 min ago
  • लोहरदगा जिले में जितनी भी समस्याएँ हैं, उन सभी को लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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    लोहरदगा जिले में जितनी भी समस्याएँ हैं, उन सभी को लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    35 min ago
  • गुमला शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए, गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय 'पुलिस-पब्लिक बैठक' का आयोजन किया गया, जिसमें अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में तय की गई रणनीति के अनुसार, अब पूरे गुमला शहर को 16 सुरक्षा बीट में विभाजित कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था में, प्रत्येक बीट की जिम्मेदारी एक पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र के आम नागरिकों और व्यापारियों को उनके बीट प्रभारी से सीधे संपर्क स्थापित करने की सुविधा मिल सके। अपराधियों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए एक विशेष डिजिटल नेटवर्क भी तैयार किया गया है, जिसके तहत शहर में कहीं भी चोरी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालना होगा। इस ग्रुप में पुलिस के वरीय पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे और सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, आस-पास के सभी दुकानदार और व्यापारी मिलकर अपने इलाके की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे। बैठक के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। घोषणा की गई है कि कल से ही पूरे शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद बिना जांच के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का शहर में घूमना नामुमकिन होगा। बैठक में मौजूद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने जनता और व्यापारियों को यह भरोसा दिलाया कि यदि कोई बीट प्रभारी, इंस्पेक्टर या थाना प्रभारी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता या उनकी बात नहीं सुनता है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे उनसे शिकायत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण आश्वासन दिया है कि अब शहर में चोरी की कोई भी घटना छिपी नहीं रहेगी। पूरा व्यापारी वर्ग और आम जनता इस अभियान में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ताकि गुमला को चोरों से मुक्त कराया जा सके।
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    गुमला शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए, गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय 'पुलिस-पब्लिक बैठक' का आयोजन किया गया, जिसमें अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में तय की गई रणनीति के अनुसार, अब पूरे गुमला शहर को 16 सुरक्षा बीट में विभाजित कर दिया गया है।

इस नई व्यवस्था में, प्रत्येक बीट की जिम्मेदारी एक पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र के आम नागरिकों और व्यापारियों को उनके बीट प्रभारी से सीधे संपर्क स्थापित करने की सुविधा मिल सके। अपराधियों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए एक विशेष डिजिटल नेटवर्क भी तैयार किया गया है, जिसके तहत शहर में कहीं भी चोरी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालना होगा। इस ग्रुप में पुलिस के वरीय पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे और सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, आस-पास के सभी दुकानदार और व्यापारी मिलकर अपने इलाके की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे।

बैठक के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। घोषणा की गई है कि कल से ही पूरे शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद बिना जांच के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का शहर में घूमना नामुमकिन होगा। बैठक में मौजूद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने जनता और व्यापारियों को यह भरोसा दिलाया कि यदि कोई बीट प्रभारी, इंस्पेक्टर या थाना प्रभारी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता या उनकी बात नहीं सुनता है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे उनसे शिकायत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण आश्वासन दिया है कि अब शहर में चोरी की कोई भी घटना छिपी नहीं रहेगी। पूरा व्यापारी वर्ग और आम जनता इस अभियान में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ताकि गुमला को चोरों से मुक्त कराया जा सके।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • गुमला जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तरह से सख्ती अपनाई है। उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो के कड़े निर्देश पर, नवनियुक्त जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सतेन्दर महतो ने विभाग की एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस टीम को मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) के नेतृत्व में जिले के विभिन्न मार्गों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने का सख्त निर्देश दिया गया है। इसी निर्देश के आलोक में, बुधवार को एमवीआई रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा विभाग की टीम ने पालकोट स्थित वन जांच नाका के समीप मोर्चा संभाला। इस दौरान टीम ने एक विशेष वाहन चेकिंग सह जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान कई वाहन चालक बिना हेलमेट के और यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए पाए गए। हालांकि, टीम ने आज इन चालकों का चालान काटने के बजाय उन्हें रोककर सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाया और सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जागरूकता के लिए है, लेकिन अगली बार यदि कोई भी बिना हेलमेट या कागजात के पकड़ा जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत उस पर भारी जुर्माना (चालान) वसूला जाएगा। चेकिंग के दौरान, एमवीआई रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की ने चालकों को समझाते हुए कड़ा संदेश दिया कि "जिंदगी जरूरी है, तो हेलमेट जरूर पहनें।" अधिकारियों ने चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि हेलमेट केवल पुलिस या जुर्माने से बचने का साधन नहीं है, बल्कि दुर्घटना के समय यह सिर को गंभीर चोटों से बचाकर जीवन की रक्षा करता है। उन्होंने यह भी समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को संकट में डाल सकती है, इसलिए घर से दोपहिया वाहन पर निकलते ही हेलमेट लगाना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दोपहिया वाहन पर हमेशा दोनों सवारों को हेलमेट पहनना चाहिए और गति सीमा के भीतर ही सुरक्षित ड्राइविंग करनी चाहिए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित यह टीम आने वाले दिनों में गुमला जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर लगातार इसी प्रकार का औचक निरीक्षण और जांच अभियान चलाएगी।
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    गुमला जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तरह से सख्ती अपनाई है। उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो के कड़े निर्देश पर, नवनियुक्त जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सतेन्दर महतो ने विभाग की एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस टीम को मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) के नेतृत्व में जिले के विभिन्न मार्गों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने का सख्त निर्देश दिया गया है।

इसी निर्देश के आलोक में, बुधवार को एमवीआई रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा विभाग की टीम ने पालकोट स्थित वन जांच नाका के समीप मोर्चा संभाला। इस दौरान टीम ने एक विशेष वाहन चेकिंग सह जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान कई वाहन चालक बिना हेलमेट के और यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए पाए गए।

हालांकि, टीम ने आज इन चालकों का चालान काटने के बजाय उन्हें रोककर सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाया और सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जागरूकता के लिए है, लेकिन अगली बार यदि कोई भी बिना हेलमेट या कागजात के पकड़ा जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत उस पर भारी जुर्माना (चालान) वसूला जाएगा। चेकिंग के दौरान, एमवीआई रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की ने चालकों को समझाते हुए कड़ा संदेश दिया कि "जिंदगी जरूरी है, तो हेलमेट जरूर पहनें।"

अधिकारियों ने चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि हेलमेट केवल पुलिस या जुर्माने से बचने का साधन नहीं है, बल्कि दुर्घटना के समय यह सिर को गंभीर चोटों से बचाकर जीवन की रक्षा करता है। उन्होंने यह भी समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को संकट में डाल सकती है, इसलिए घर से दोपहिया वाहन पर निकलते ही हेलमेट लगाना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दोपहिया वाहन पर हमेशा दोनों सवारों को हेलमेट पहनना चाहिए और गति सीमा के भीतर ही सुरक्षित ड्राइविंग करनी चाहिए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित यह टीम आने वाले दिनों में गुमला जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर लगातार इसी प्रकार का औचक निरीक्षण और जांच अभियान चलाएगी।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गुमला में सुबह-सुबह लगभग 4:45 बजे टाबर चौक स्थित मंत्री कपड़ा दुकान के पास लगे एक ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। इस घटना से मेन रोड टावर चौक के समीप अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि गनीमत यह रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। इस विषय पर जानकारी देते हुए मोहम्मद कौसर आलम ने बताया कि जब बिजली विभाग के जेई को इस आग की सूचना देने के लिए कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। खतरा बढ़ता देख आम लोगों ने अपनी ओर से आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन उनके ये प्रयास नाकाफी साबित हुए। थोड़ी देर बाद आग स्वयं ही नियंत्रित होकर बुझ गई, जिसके बाद उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से कट गई। बिजली विभाग की यह लापरवाही साफ झलक रही है, क्योंकि गुमला जिले में अभी अत्यधिक गर्मी भी नहीं पड़ रही है, फिर भी ट्रांसफार्मर में आग लगने की यह घटना विभाग के प्रबंधन और उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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    गुमला में सुबह-सुबह लगभग 4:45 बजे टाबर चौक स्थित मंत्री कपड़ा दुकान के पास लगे एक ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। इस घटना से मेन रोड टावर चौक के समीप अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि गनीमत यह रही कि एक बड़ा हादसा टल गया।

इस विषय पर जानकारी देते हुए मोहम्मद कौसर आलम ने बताया कि जब बिजली विभाग के जेई को इस आग की सूचना देने के लिए कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। खतरा बढ़ता देख आम लोगों ने अपनी ओर से आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन उनके ये प्रयास नाकाफी साबित हुए। थोड़ी देर बाद आग स्वयं ही नियंत्रित होकर बुझ गई, जिसके बाद उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से कट गई।

बिजली विभाग की यह लापरवाही साफ झलक रही है, क्योंकि गुमला जिले में अभी अत्यधिक गर्मी भी नहीं पड़ रही है, फिर भी ट्रांसफार्मर में आग लगने की यह घटना विभाग के प्रबंधन और उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
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