झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन और भाजपा, दोनों ही अपने उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाए हैं। इसी बीच, झामुमो परिवार से जयश्री सोरेन और माले विधायक अरूप चटर्जी की दावेदारी ने सियासी चर्चाओं को और गरमा दिया है। स्वर्गीय शिबू सोरेन की पोती पुत्री जयश्री सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टुंडी से झामुमो विधायक और विधानसभा की ध्यान आकर्षण समिति के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी दावेदारी पेश कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान को लेना है, और कार्यकर्ता व विधायक आलाकमान द्वारा तय किए गए उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। वहीं, झारखंड सरकार को बाहर से समर्थन दे रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने भी राज्यसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने तर्क दिया कि उनकी पार्टी सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं है, ऐसे में राज्यसभा में प्रतिनिधित्व की मांग स्वाभाविक है। अरूप चटर्जी ने बताया कि वे अगले दो दिनों के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पार्टी आगे की रणनीति पर अलग निर्णय ले सकती है, जिसका अंतिम फैसला उनका संगठन करेगा। फिलहाल, राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर कई नाम चर्चा में हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर आलाकमान क्या फैसला लेता है और आखिर किसे इन दो राज्यसभा सीटों के लिए मैदान में उतारा जाता है।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन और भाजपा, दोनों ही अपने उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाए हैं। इसी बीच, झामुमो परिवार से जयश्री सोरेन और माले विधायक अरूप चटर्जी की दावेदारी ने सियासी चर्चाओं को और गरमा दिया है। स्वर्गीय शिबू सोरेन की पोती पुत्री जयश्री सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टुंडी से झामुमो विधायक और विधानसभा की ध्यान आकर्षण समिति के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी दावेदारी पेश कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान को लेना है, और कार्यकर्ता व विधायक आलाकमान द्वारा तय किए गए उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। वहीं, झारखंड सरकार को बाहर से समर्थन दे रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने भी राज्यसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने तर्क दिया कि उनकी पार्टी सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं है, ऐसे में राज्यसभा में प्रतिनिधित्व की मांग स्वाभाविक है। अरूप चटर्जी ने बताया कि वे अगले दो दिनों के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पार्टी आगे की रणनीति पर अलग निर्णय ले सकती है, जिसका अंतिम फैसला उनका संगठन करेगा। फिलहाल, राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर कई नाम चर्चा में हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर आलाकमान क्या फैसला लेता है और आखिर किसे इन दो राज्यसभा सीटों के लिए मैदान में उतारा जाता है।
- झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए दावेदारों की बढ़ती संख्या से राज्य के महागठबंधन में राजनीतिक सरगर्मी और हलचल तेज हो गई है।1
- झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन और भाजपा, दोनों ही अपने उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाए हैं। इसी बीच, झामुमो परिवार से जयश्री सोरेन और माले विधायक अरूप चटर्जी की दावेदारी ने सियासी चर्चाओं को और गरमा दिया है। स्वर्गीय शिबू सोरेन की पोती पुत्री जयश्री सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टुंडी से झामुमो विधायक और विधानसभा की ध्यान आकर्षण समिति के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी दावेदारी पेश कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान को लेना है, और कार्यकर्ता व विधायक आलाकमान द्वारा तय किए गए उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। वहीं, झारखंड सरकार को बाहर से समर्थन दे रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने भी राज्यसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने तर्क दिया कि उनकी पार्टी सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं है, ऐसे में राज्यसभा में प्रतिनिधित्व की मांग स्वाभाविक है। अरूप चटर्जी ने बताया कि वे अगले दो दिनों के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पार्टी आगे की रणनीति पर अलग निर्णय ले सकती है, जिसका अंतिम फैसला उनका संगठन करेगा। फिलहाल, राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर कई नाम चर्चा में हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर आलाकमान क्या फैसला लेता है और आखिर किसे इन दो राज्यसभा सीटों के लिए मैदान में उतारा जाता है।1
- झारखंड सरकार द्वारा संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि में, धनबाद जिला स्कूल के छात्र अंकित कुमार ने 97.61 प्रतिशत एनटीए स्कोर प्राप्त कर जामताड़ा के बाद अपनी पहचान बनाई है। वीआईपी कॉलोनी कोलाकुसमा के निवासी अंकित कुमार के पिता प्रदीप कुमार रजक प्राथमिक विद्यालय कुस्तौर में शिक्षक हैं और उनकी माता रूपा देवी गृहिणी हैं। अंकित का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) या कंप्यूटर साइंस शाखा में प्रवेश लेना है। उन्होंने जेईई एडवांस में भी परचम लहराकर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और कुछ कर दिखाने का जज़्बा हो तो कोई भी विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है, साधन कभी बाधा नहीं बनते। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह और झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है। अंकित कुमार उन विद्यार्थियों के लिए अपना संदेश देंगे जो अक्सर साधनों की कमी या अपने भाग्य को कोसते रहते हैं। यह रिपोर्ट धनबाद से सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिंहा द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- यूनिवर्स बॉस' के नाम से मशहूर क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न मनाया। उन्होंने इस जीत पर अपनी खुशी जाहिर की।1
- धनबाद परिसदन में सोमवार को विधानसभा की ध्यान आकर्षण विशेष समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की खनन परियोजनाओं से प्रभावित रैयत परिवारों को मुआवजा, पुनर्वास और नियोजन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करना था। बैठक के दौरान, प्रभावित परिवारों से आवेदन भी लिए गए और उनके विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। इस संदर्भ में, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया कि समिति का प्रयास उन सभी रैयतों को उनका अधिकार दिलाना है, जिन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जिन प्रभावित परिवारों के पास वैध भूमि दस्तावेज हैं, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, समिति इस प्रावधान पर भी विचार कर रही है कि जिनकी दो एकड़ या उससे अधिक भूमि प्रभावित हुई है, उन्हें नियोजन उपलब्ध कराया जाए। यह बैठक धनबाद परिषद में संपन्न हुई।1
- हंजला बिन हक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोयला चोरी की घटनाओं के लिए बीसीसीएल के सीएमडी (CMD) ही सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।1
- युवा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) झारखंड प्रदेश द्वारा आयोजित युवा संवाद चौपाल यात्रा मंगलवार को धनबाद पहुंची। धनबाद के लुबी सर्कुलर रोड स्थित उत्सव भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष दिलखुश खातून, जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं से सीधा संवाद किया गया, जिसमें वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और रोजगार संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने बताया कि यह यात्रा कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्रों से होते हुए धनबाद पहुंची है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षा, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। रंजन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आज बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से परेशान हैं, जिससे उनका भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन्हीं विषयों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में पूरे राज्य में यह अभियान चलाया जा रहा है। चौपाल यात्रा के माध्यम से युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सजग रहकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान भी किया।1
- एक लूट और फायरिंग की घटना की कहानी पर अब सवाल उठने लगे हैं। पुलिस जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा मामला कोयला कारोबार से जुड़े वर्चस्व के संघर्ष का परिणाम हो सकता है।1