भिवानी जिले में डीसी साहिल गुप्ता द्वारा बनाई गई चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी)-2026 शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। निर्धारित समय पर शुरू हुई इस परीक्षा के लिए कुल 3846 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 3570 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 276 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुआ। परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए डीसी साहिल गुप्ता ने एडीसी दीपक बाबूलाल करवा को ऑल ओवर नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। जिले में भिवानी शहर और आसपास कुल सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इनमें राजीव गांधी महिला महाविद्यालय और एमएनएस राजकीय कॉलेज पर एसडीएम भिवानी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल पर एसडीएम लोहारू मनोज कुमार, पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीएमसी हरबीर सिंह, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पालुवास में जीएम रोडवेज दीपक कुंडू और चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र में सिवानी की एसडीएम विजया मलिक को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसी तरह, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सिंचाई विभाग से एसडीओ व कार्यकारी अभियंताओं सहित कई अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। डीसी साहिल गुप्ता स्वयं भी लगातार परीक्षा के संचालन की जानकारी ले रहे थे, वहीं साइबर सेल सोशल मीडिया पर हर पल नजर बनाए रहा। नीट यूजी-2026 परीक्षा के दौरान, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय केंद्र पर कुल 672 में से 627 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 45 अनुपस्थित थे। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी केंद्र पर 654 में से 620 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 34 अनुपस्थित रहे। पीएम श्री जीजीएसएसएस भिवानी केंद्र पर 624 में से 570 अभ्यर्थी उपस्थित रहे तथा 54 गैरहाजिर रहे। इसी क्रम में, एमएनएस राजकीय महाविद्यालय भिवानी केंद्र पर 528 में से 487 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी (41 अनुपस्थित), पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पलुवास केंद्र पर 480 में से 434 अभ्यर्थी उपस्थित रहे (46 अनुपस्थित), राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय केंद्र पर 480 में से 442 अभ्यर्थी उपस्थित रहे (38 गैरहाजिर), और सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल केंद्र पर 408 में से 390 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी तथा 18 अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों को किसी भी विकट स्थिति में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ संचार मलिक को हांसी गेट से शिक्षा बोर्ड क्षेत्र, पंचायती राज के एसडीओ रिंकू को हांसी गेट से घंटाघर चौक व सामान्य अस्पताल क्षेत्र, सिंचाई विभाग से एसडीओ सत्यवान को बस स्टैंड से केंद्रीय विद्यालय पालुवास क्षेत्र तक और जिला बागवानी अधिकारी देवीलाल को छाजू राम चौक से प्रेम नगर तक का क्षेत्र सौंपा गया था।
भिवानी जिले में डीसी साहिल गुप्ता द्वारा बनाई गई चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी)-2026 शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। निर्धारित समय पर शुरू हुई इस परीक्षा के लिए कुल 3846 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 3570 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 276 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुआ। परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए डीसी साहिल गुप्ता ने एडीसी दीपक बाबूलाल करवा को ऑल ओवर नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। जिले में भिवानी शहर और आसपास कुल सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इनमें राजीव गांधी महिला महाविद्यालय और एमएनएस राजकीय कॉलेज पर एसडीएम भिवानी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल पर एसडीएम लोहारू मनोज कुमार, पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीएमसी हरबीर सिंह, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पालुवास में जीएम रोडवेज दीपक कुंडू और चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र में सिवानी की एसडीएम विजया मलिक को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसी तरह, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सिंचाई विभाग से एसडीओ व कार्यकारी अभियंताओं सहित कई अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। डीसी साहिल गुप्ता स्वयं भी लगातार परीक्षा
के संचालन की जानकारी ले रहे थे, वहीं साइबर सेल सोशल मीडिया पर हर पल नजर बनाए रहा। नीट यूजी-2026 परीक्षा के दौरान, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय केंद्र पर कुल 672 में से 627 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 45 अनुपस्थित थे। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी केंद्र पर 654 में से 620 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 34 अनुपस्थित रहे। पीएम श्री जीजीएसएसएस भिवानी केंद्र पर 624 में से 570 अभ्यर्थी उपस्थित रहे तथा 54 गैरहाजिर रहे। इसी क्रम में, एमएनएस राजकीय महाविद्यालय भिवानी केंद्र पर 528 में से 487 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी (41 अनुपस्थित), पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पलुवास केंद्र पर 480 में से 434 अभ्यर्थी उपस्थित रहे (46 अनुपस्थित), राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय केंद्र पर 480 में से 442 अभ्यर्थी उपस्थित रहे (38 गैरहाजिर), और सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल केंद्र पर 408 में से 390 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी तथा 18 अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों को किसी भी विकट स्थिति में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ संचार मलिक को हांसी गेट से शिक्षा बोर्ड क्षेत्र, पंचायती राज के एसडीओ रिंकू को हांसी गेट से घंटाघर चौक व सामान्य अस्पताल क्षेत्र, सिंचाई विभाग से एसडीओ सत्यवान को बस स्टैंड से केंद्रीय विद्यालय पालुवास क्षेत्र तक और जिला बागवानी अधिकारी देवीलाल को छाजू राम चौक से प्रेम नगर तक का क्षेत्र सौंपा गया था।
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- यह नए भारत की पहचान है, जहाँ योग को केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन जीने के एक तरीके के रूप में अपनाया गया है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1