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भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
JPH NEWS HARYANA
भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- भिवानी में 21 जून को आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं से योग अपनाने का आह्वान करते हुए इसे स्वस्थ जीवन का आधार बताया। मंत्री राणा ने रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार योग के प्रचार-प्रसार पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सके। उन्होंने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने हरियाणा में डीएपी और यूरिया खाद की कोई कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई है, जिससे किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। फसल नुकसान और मुआवजे के संबंध में, मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आकलन जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गठित समितियां करती हैं, और सरकार नियमानुसार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया गया था। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्धों और वैश्विक परिस्थितियों का असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है। इसके बावजूद, उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखी गई है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई है।2
- यह नए भारत की पहचान है, जहाँ योग को केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन जीने के एक तरीके के रूप में अपनाया गया है।1
- भिवानी में कबीर जयंती समारोह को रद्द कर दिया गया। इस समारोह के रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।1
- भिवानी में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजर पुलिस ने शहर भर में एक सघन सर्चिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई नीट परीक्षा के आयोजन के संबंध में की गई।1
- भिवानी के दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार के सामने 65 वर्षों से रह रहे 6 गरीब परिवारों को कथित रूप से बेदखल करने के प्रयासों के विरोध में जोरदार जनआक्रोश फूट पड़ा है। विभिन्न सामाजिक, कर्मचारी और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गरीब परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, साथ ही इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। यह प्रदर्शन बाहुबल और दबंगई के खिलाफ एक बड़े विरोध के रूप में सामने आया है, जिसमें कई संगठन गरीब परिवारों के समर्थन में एकजुट हुए हैं।1