फर्रुखाबाद जनपद में भरत तिवारी के कथित अवैध एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिस पर राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने इस घटना को न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा का आरोप है कि यदि मृतक भरत तिवारी के विरुद्ध कोई भी आपराधिक आरोप थे, तो कानून की स्थापित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जानी चाहिए थी। संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि एनकाउंटर में विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर खतरा है। इस कथित घटना के बाद से स्थानीय समाज में काफी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संगठन ने प्रशासन और शासन से कई प्रमुख मांगें की हैं। इनमें पूरे प्रकरण की जांच किसी राज्य स्तरीय एजेंसी या विशेष एसआईटी (SIT) से कराना; घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करना; भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देना; पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान कर न्याय दिलाना; और घटना से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक करके पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
फर्रुखाबाद जनपद में भरत तिवारी के कथित अवैध एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिस पर राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने इस घटना को न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी
कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा का आरोप है कि यदि मृतक भरत तिवारी के विरुद्ध कोई भी आपराधिक आरोप थे, तो कानून की स्थापित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जानी चाहिए थी। संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि एनकाउंटर में विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया
गया है, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर खतरा है। इस कथित घटना के बाद से स्थानीय समाज में काफी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संगठन ने प्रशासन और शासन से कई प्रमुख मांगें की हैं। इनमें पूरे प्रकरण की जांच किसी राज्य स्तरीय एजेंसी या विशेष एसआईटी (SIT) से कराना; घटना में
शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करना; भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देना; पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान कर न्याय दिलाना; और घटना से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक करके पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
- फर्रुखाबाद जनपद में भरत तिवारी के कथित अवैध एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिस पर राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने इस घटना को न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा का आरोप है कि यदि मृतक भरत तिवारी के विरुद्ध कोई भी आपराधिक आरोप थे, तो कानून की स्थापित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जानी चाहिए थी। संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि एनकाउंटर में विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर खतरा है। इस कथित घटना के बाद से स्थानीय समाज में काफी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संगठन ने प्रशासन और शासन से कई प्रमुख मांगें की हैं। इनमें पूरे प्रकरण की जांच किसी राज्य स्तरीय एजेंसी या विशेष एसआईटी (SIT) से कराना; घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करना; भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देना; पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान कर न्याय दिलाना; और घटना से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक करके पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।4
- आज 25 जून को बिहार राज्य के आरा जिले के बिलौटी गांव में पुलिस द्वारा भरत भूषण तिवारी की हत्या के विरोध में फर्रुखाबाद में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। सर्वसमाज के एक बड़े जनसमूह ने फर्रुखाबाद रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित सेल्फी पॉइंट से मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के साथ कलेक्ट्रेट तक एक विशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें न्याय की मांग की गई। इस दौरान लोग 'भरत तिवारी अमर रहे', 'भरत के हत्यारों को फांसी दो', 'जब तक सूरज चांद रहेगा भरत तिवारी का नाम रहेगा' और 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाते हुए भरत तिवारी की तस्वीरें हाथों में लिए चल रहे थे। फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट में लोगों को संबोधित करते हुए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने भरत तिवारी को एक सच्चा समाज सेवक बताया, जिन्होंने समाज के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि भरत जानते थे कि लोग षड्यंत्र के तहत उन्हें मरवाना चाहते थे, इसके बावजूद वह समाज के लिए हंसते-हंसते शहीद हो गए। मिश्रा ने मांग की कि केवल पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि मुख्य दोषी जिसने भरत तिवारी की हत्या का आदेश दिया, उसके खिलाफ भी धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए, चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ऐसा नहीं होगा, वे चुप नहीं बैठेंगे और भरत तिवारी को न्याय दिलवाकर रहेंगे। करणी सेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौर ने भरत तिवारी को सच्चा समाजसेवी बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं को यह पसंद नहीं था, जिसके चलते पुलिस द्वारा उनकी हत्या करवाई गई। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच और दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री कोमल पांडे ने भरत तिवारी के गांव का नाम बदलकर भारत नगर या भरतपुर करने की मांग की और कहा कि शाहपुर के एसडीएम, जिनके विरुद्ध भरत तिवारी सबसे ज्यादा मुखर थे, उनके खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। पूर्व प्रधान हेमंत शाक्य ने भरत तिवारी मामले में जातिवाद का एंगल तलाशने वालों की कड़ी निंदा की और कहा कि भरत तिवारी ने समाज के लिए अपनी जान दी है। पाल समाज के नेता जयदेव पाल ने कहा कि भरत तिवारी ने एक ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया है जो सभी के लिए प्रेरणा का काम करेगा और समाज के लिए मर मिटने का जज्बा पैदा करेगा। सभासद अनिल तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी ने बिहार में प्रशासन को जगाने का जो कार्य किया, वही कार्य वे सब मिलकर फर्रुखाबाद में सोए हुए भ्रष्ट नेताओं और नकारा प्रशासन को जगाने के लिए करेंगे। किसान नेता गुड्डू राजपूत ने भरत तिवारी जैसे व्यक्तित्व को दुर्लभ बताते हुए जातिवाद के हिसाब से देखने वालों को समाज का दुश्मन करार दिया। स्वामी उमेश आनंद भारती जी महाराज ने कहा कि भरत तिवारी अपने प्राण देकर अमर हो गए हैं और सबको उनसे प्रेरणा लेकर सामाजिक कार्यों के लिए हर स्तर पर काम करना चाहिए। इस विशाल कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनूप तिवारी (सचिव अधिवक्ता संघ), पूर्व सभासद निशित दुबे उर्फ नीशू, रामवीर शुक्ला (पूर्व प्रधान), अनूप प्रधान, रामबरन शाक्य, पिंटू दुबे, सनी बाथम, अनिल द्विवेदी, रजत वर्मा, केके द्विवेदी बंटू, हरिओम दुबे, डॉक्टर नावेद अंसारी, अभिषेक दुबे जिला अध्यक्ष (राम), विपिन अवस्थी, विष्णु मिश्रा, राजन दीक्षित, आकाश चतुर्वेदी, ओमनिवास पाठक, श्यामेंद्र दुबे नीरज, विपिन तिवारी, मनोज अग्निहोत्री, अनंत राम श्रीवास्तव, राहुल तोमर, श्याम सुंदर शर्मा, अमन गुप्ता, सुधीर यादव प्रधान, कुलदीप अवस्थी राणा, महेंद्र शाक्य, मोहित अवस्थी, राजीव वर्मा, अशोक शाक्य, जाकिर खान, बाबू अग्निहोत्री (सभासद), राजीव पाल, नितिन यादव, धीरेंद्र राठौर एडवोकेट, अभिषेक सिंह राठौर एडवोकेट, अनुज तिवारी एडवोकेट, प्रशांत मिश्रा एडवोकेट, आयुष सक्सेना, मुकेश दीक्षित, श्यामू शुक्ला, प्रेम प्रकाश मिश्रा, साहिल, अरुण चतुर्वेदी, विजय कुमार, अजय मिश्रा, संजय चतुर्वेदी और शाहरुख खान सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। यह विशाल जनसैलाब न्याय की लड़ाई में सड़कों पर उतरकर भरत तिवारी के समर्थन में खड़ा दिखा।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड की घटना के बाद, फर्रुखाबाद जिले में प्रशासन ने अस्पतालों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। यह घोषणा राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत की गई है।1
- दिनांक 25/06/26 को बृहस्पतिवार के दिन फर्रुखाबाद के नेकपुर चौरासी पुल के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें कादरीगेट निवासी राहुल सक्सेना गंभीर रूप से घायल हो गए। राहुल अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें राहुल सक्सेना सड़क पर एक पुराने कार्डबोर्ड पर लेटे हुए दिख रहे हैं। उनका दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त और खून से लथपथ है, जिसे हरे कपड़े से बांधा गया है; उनके एक हाथ में मोबाइल फोन है और वह कैमरे की तरफ देख रहे हैं। घटनास्थल पर आसपास खून के धब्बे भी साफ नजर आ रहे हैं, जबकि वहां खड़े लोग घटना का जायजा ले रहे थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दुर्घटना के तुरंत बाद घायल राहुल को सड़क किनारे लिटाया गया, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई स्वास्थ्य टीम या एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद मदद न मिलने पर आखिरकार परिजनों को अपनी कार में ही राहुल को उठाकर नजदीकी अस्पताल ले जाना पड़ा। राहुल की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, और उनके दाहिने पैर में गहरी चोट आई है, संभवतः हड्डी टूट गई है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर सुविधा वाले अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी है। इस घटना ने एक बार फिर फर्रुखाबाद में इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं की खराब स्थिति को उजागर किया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतनी गंभीर दुर्घटना के बावजूद 108 या अन्य एम्बुलेंस सेवा क्यों नहीं पहुंची और क्या दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी नाकाफी हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, साथ ही आरोपी वाहन की तलाश भी जारी है। राहुल सक्सेना के परिवार ने प्रशासन से त्वरित मदद और उचित इलाज की व्यवस्था करने की अपील की है, क्योंकि राहुल एक सामान्य परिवार से हैं और उनकी तबीयत ठीक होने में काफी समय लग सकता है। यह भी बताया गया है कि नेकपुर चौरासी पुल क्षेत्र पहले भी दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। स्थानीय लोग बार-बार सड़क पर स्पीड ब्रेकर, बेहतर साइनेज और गश्त की मांग करते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, राहुल सक्सेना का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, हालांकि पैर की चोट गंभीर है। इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही अपडेट दिया जाएगा।3
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं। परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए। इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।1
- जनपद फर्रुखाबाद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में सिटी सर्किल क्षेत्र में एक संयुक्त बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया। इस विशेष अभ्यास में कोतवाली फतेहगढ़, कोतवाली फर्रुखाबाद, थाना कादरीगेट और थाना मऊदरवाजा की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की परिचालन क्षमता, आपसी समन्वय और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखना और उसे मजबूत करना था। अभ्यास के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने जवानों को दंगा, बलवा, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थितियों से निपटने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। पुलिस कर्मियों को यह भी बताया गया कि किसी भी उपद्रव या कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थिति में कैसे संयम, अनुशासन और सूझबूझ के साथ कार्रवाई की जाए। जवानों ने सुरक्षा घेरा बनाने, उपद्रवियों को नियंत्रित करने, भीड़ को तितर-बितर करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने से संबंधित विभिन्न अभ्यासों में हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान, कई काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर पुलिस बल की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया, जिसमें जवानों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने का प्रदर्शन किया।2
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। लाला मोटर्स के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरा शोरूम जलकर राख हो गया।1