झाँसी जिले की कोतवाली गरौठा पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ खनन माफियाओं की लोकेशन पर सेंध लगाकर अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गरौठा क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध खनन की सूचनाओं के बाद की गई। कोतवाली गरौठा क्षेत्र के नादौरा, रमोरा, सुजानपुरा, जसवंतपुरा और जलालपुरा जैसे इलाकों से अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, और इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी लगातार वायरल हो रहे थे। गरौठा के क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार पांडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अवैध कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कार्य करने वाले सलाखों के पीछे होंगे। उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार की भी खनन माफियाओं पर पैनी नज़र बनी हुई है। गरौठा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरजीत सिंह के प्रशासनिक आदेश पर अवैध खनन पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
झाँसी जिले की कोतवाली गरौठा पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ खनन माफियाओं की लोकेशन पर सेंध लगाकर अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गरौठा क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध खनन की सूचनाओं के बाद की गई। कोतवाली गरौठा क्षेत्र के नादौरा, रमोरा, सुजानपुरा, जसवंतपुरा और जलालपुरा जैसे इलाकों से अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, और इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी लगातार वायरल हो रहे थे। गरौठा के क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार पांडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अवैध कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कार्य करने वाले सलाखों के पीछे होंगे। उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार की भी खनन माफियाओं पर पैनी नज़र बनी हुई है। गरौठा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरजीत सिंह के प्रशासनिक आदेश पर अवैध खनन पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
- झाँसी जिले की कोतवाली गरौठा पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ खनन माफियाओं की लोकेशन पर सेंध लगाकर अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गरौठा क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध खनन की सूचनाओं के बाद की गई। कोतवाली गरौठा क्षेत्र के नादौरा, रमोरा, सुजानपुरा, जसवंतपुरा और जलालपुरा जैसे इलाकों से अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, और इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी लगातार वायरल हो रहे थे। गरौठा के क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार पांडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अवैध कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कार्य करने वाले सलाखों के पीछे होंगे। उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार की भी खनन माफियाओं पर पैनी नज़र बनी हुई है। गरौठा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरजीत सिंह के प्रशासनिक आदेश पर अवैध खनन पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।3
- तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा तुर्का लहचूरा1
- झांसी के टहरौली स्थित गाता गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, निर्माण में घटिया सीमेंट का उपयोग करके 'रिपटे' बनाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता की जान और माल के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इस आरोप के साथ, संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि विकास के नाम पर हो रहे इस खुले भ्रष्टाचार को रोका जा सके।1
- दीक्षा रावत ने अपनी पैतृक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपनिबंधक कार्यालय में एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। यह शिकायत उन्होंने अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि उनके पति द्वारा पैतृक संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया जा रहा है। रावत का कहना है कि यदि यह रजिस्ट्री होती है, तो इससे उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने उपनिबंधक से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक संबंधित संपत्ति की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। दीक्षा रावत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो पैतृक संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उपनिबंधक कार्यालय ने इस शिकायत को प्राप्त कर लिया है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष, यानी दीक्षा रावत के पति का बयान अभी तक नहीं आया है।1
- कानपुर नगर जनपद में 28 जून को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के कुल 5,12,184 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर "दो बूंद जिंदगी की" अवश्य पिलाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत भले ही पोलियो मुक्त देश है, लेकिन इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि "एक भी बच्चा छूटा, पल्स पोलियो का सुरक्षा चक्र टूटा"। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी बच्चे को इस अभियान से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभियान के क्रियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कुल 2,069 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 29 जून से स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे। इस वृहद कार्य के लिए 8,561 घर-घर टीमें, 672 ट्रांजिट टीमें और 350 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। कुल मिलाकर, 9,585 टीमें तथा 12,642 स्वास्थ्यकर्मी एवं सहयोगी कर्मचारी इस अभियान में लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा घुमंतू एवं प्रवासी परिवारों के बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और विशेष टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक से वंचित न रह जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई जागरूकता रैली पीएसी चौराहा होते हुए वापस कार्यालय परिसर पहुँची। इस रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, जेएसआई, नेहरू युवा केंद्र संगठन, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं तथा नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लोगों को पल्स पोलियो अभियान के महत्व के बारे में जागरूक किया।1
- हमीरपुर के राठ-पनवाड़ी मार्ग पर दौड़ रहीं क्लूजर और मैजिक गाड़ियां यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं, जहाँ सीमा से अधिक सवारियाँ ठूँसकर भरी जा रही हैं और यातायात नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। इन वाहनों के खुले गेट पर लटके यात्री हर पल बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जबकि यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सुबह-शाम चलने वाली इन क्लूजर गाड़ियों में क्षमता से दोगुनी सवारियाँ भरी जाती हैं। सीटें पूरी तरह भरने के बाद भी चालक-परिचालक यात्रियों को जबरन भरते हैं, जिससे कई लोगों को गेट पर लटककर असुरक्षित तरीके से यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राठ से पनवाड़ी और महोबा जाने वाले सैकड़ों यात्री, जिनमें स्कूली बच्चे और महिलाएँ भी शामिल हैं, रोज़ाना इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं, जहाँ एक छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शिकायतों के बावजूद भी पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग पूछते हैं कि ओवरलोडिंग पर चालान क्यों नहीं किए जाते, खुले गेट पर लटके यात्रियों को देखकर भी पुलिस क्यों मौन रहती है, और रूट पर बसों की कमी के कारण मजबूर यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब की जाएगी। प्रतिदिन हजारों लोगों द्वारा इस मार्ग पर यात्रा करने के बावजूद, सवारियों की जान से इस खिलवाड़ पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। अगर जल्द ही इस ओवरलोडिंग और अवैध वाहन संचालन पर रोक नहीं लगी, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।1