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भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

2 hrs ago
user_Pawan Kumar
Pawan Kumar
पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
2 hrs ago

भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

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  • भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
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    भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी।

हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं।

परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।
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    पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।
    user_BIKKU SINGH
    BIKKU SINGH
    Local News Reporter बिक्रम, पटना, बिहार•
    13 hrs ago
  • गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान सिंघड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय रजनीश मांझी के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम चंद्रदेव मांझी है। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना कोंच थाना को दी थी। सूचना मिलने पर एएसआई संजय कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं और मामले की जाँच जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना पर ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ढांढस बंधाने वालों में नगिना सिंह, जय कुमार सिंह, बम-बम सिंह, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, विनय सिंह, मंतन राम, शिवकरण दास, लालकेश्वर मांझी, इंदल पासवान, सिकंदर दास सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।
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    गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की पहचान सिंघड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय रजनीश मांझी के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम चंद्रदेव मांझी है। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना कोंच थाना को दी थी। सूचना मिलने पर एएसआई संजय कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया भेज दिया।

इस संबंध में थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं और मामले की जाँच जारी है।

घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना पर ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ढांढस बंधाने वालों में नगिना सिंह, जय कुमार सिंह, बम-बम सिंह, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, विनय सिंह, मंतन राम, शिवकरण दास, लालकेश्वर मांझी, इंदल पासवान, सिकंदर दास सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    48 min ago
  • छतरपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान को जोर-शोर से चलाया जा रहा है।
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    छतरपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान को जोर-शोर से चलाया जा रहा है।
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    अरवल, अरवल, बिहार•
    15 hrs ago
  • Chandan chauk kagram post kavatana Jaipur se humra se kripya hamare video ko sabhi friends sabhi Mata bahan aur bhai Bandhu video camera aage badhaya comment Karen ki Main Kaisa banata hun ya nahin banata hun mera ID
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    Chandan chauk kagram post kavatana Jaipur se humra se kripya hamare video ko sabhi friends sabhi Mata bahan aur bhai Bandhu video camera aage badhaya comment Karen ki Main Kaisa banata hun ya nahin banata hun mera ID
    user_Chandan chook kaup
    Chandan chook kaup
    बेन, नालंदा, बिहार•
    23 hrs ago
  • गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
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    गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी।

इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
    user_Satya Prakash
    Satya Prakash
    परैया, गया, बिहार•
    36 min ago
  • केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अपना बाईट दिया।
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    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अपना बाईट दिया।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    1 hr ago
  • जहानाबाद सदर प्रखंड की सिकरिया पंचायत के सकुना बिगहा गाँव में मनरेगा के तहत संचालित कार्यों में ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत काम कर रहे अधिकांश मजदूर स्थानीय नहीं हैं, बल्कि उन्हें बाहर से बुलाया जा रहा है। इससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर काम कर रहे कई मजदूरों के नाम संबंधित जॉब कार्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान और कार्य आवंटन की प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि जॉब कार्डधारी मजदूरों के बजाय अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है, तो यह मनरेगा के नियमों का उल्लंघन है और इसकी जांच आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार, मनरेगा के कार्यों का संचालन 15 जून तक ही किया जाना था। इसके बावजूद, निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य जारी रहने से नियमों के पालन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि समय-सीमा के बाद भी कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी प्रशासनिक अनुमति और वैधानिक स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    जहानाबाद सदर प्रखंड की सिकरिया पंचायत के सकुना बिगहा गाँव में मनरेगा के तहत संचालित कार्यों में ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत काम कर रहे अधिकांश मजदूर स्थानीय नहीं हैं, बल्कि उन्हें बाहर से बुलाया जा रहा है। इससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर काम कर रहे कई मजदूरों के नाम संबंधित जॉब कार्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान और कार्य आवंटन की प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि जॉब कार्डधारी मजदूरों के बजाय अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है, तो यह मनरेगा के नियमों का उल्लंघन है और इसकी जांच आवश्यक है।

स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार, मनरेगा के कार्यों का संचालन 15 जून तक ही किया जाना था। इसके बावजूद, निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य जारी रहने से नियमों के पालन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि समय-सीमा के बाद भी कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी प्रशासनिक अनुमति और वैधानिक स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    16 hrs ago
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